देहरादून उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat Cabinet Expansion) ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया है। शुक्रवार शाम पांच बजे राजभवन में आयोजित एक समारोह में 11 मंत्रियों ने पद की शपथ ली। इनमें सतपाल महाराज, हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, बिशन सिंह चुफाल, यशपाल आर्य, अरविंद पांडेय, सुबोध उनियाल, डॉ धन सिंह रावत, रेखा आर्य, गणेश जोशी और स्वामी यतीश्वरानंद का नाम शामिल है। मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी ने पूरी तरह से क्षेत्रीय संतुलन को साधने का प्रयास किया है। 6 मंत्री गढ़वाल मंडल से जबकि पांच मंत्री कुमाऊं मंडल से बने हैं। 7 पुराने जबकि 4 नए मंत्रियों ने ली शपथ उत्तराखंड में वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इन सभी मंत्रियों के पास सिर्फ एक साल का कार्यकाल बचा है। राज्यपाल बेबी रानी मौर्या ने सभी मंत्रियों को शपथ दिलाई। अरविंद पांडेय ने संस्कृत में शपथ ली है। चार नए और सात पुराने मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। रेखा आर्य शपथ लेने के लिए पारंपरिक कुंमाऊनी परिधान में आई थीं। डॉ धन सिंह रावत, रेखा आर्य और स्वामी यतीश्वरानंद को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार का जिम्मा दिया गया है। बाकी नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। 2022 में दो तिहाई बहुमत से जीतेंगे : सीएम रावत मंत्रिया के शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि चार सालों में जो कार्य हुए हैं उन्हें नीचे तक ले जाया जाएगा। पिछले कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। अब तक का काम ऐतिहासिक रहा है। रावत ने कहा कि अभी मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है। जल्द ही हम विभागों का भी बंटवारा कर देंगे। 4 साल में हमारी सरकार ने जो काम किया है उसे आगे बढ़ाते हुए जनता के बीच में जाएंगे। 2022 में हम विधानसभा चुनाव को दो तिहाई बहुमत से जीतेंगे। त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार में खाली पड़े थे तीन मंत्री पद लंबी राजनीतिक उहापोह के बाद गत बुधवार को तीरथ सिंह रावत को उत्तराखंड का 10वां मुख्यमंत्री बनाया गया था। त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफे के बाद विधानमंडल ने तीरथ सिंह रावत के नाम पर मुहर लगाई थी। प्रावधानों के अनुसार, उत्तराखंड मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 12 मंत्री हो सकते हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार में तीन मंत्री पद खाली पड़े थे। इससे पहले शुक्रवार दोपहर में त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार में राज्य मंत्री और हरिद्वार के विधायक मदन कौशिक को उत्तराखंड बीजेपी का प्रमुख बनाया गया था। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत को नए मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। अगले साल उत्तराखंड में होंगे चुनाव उत्तराखंड में अगले साल की शुरुआत में चुनाव हैं। पिछले चुनाव में बीजेपी 70 में से 57 सीटों पर जीती थी। तब कांग्रेस सरकार की एंटी-इनकंबेंसी भी थी साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनाव लड़ा गया था। अब बीजेपी सत्ता में है तो बीजेपी को चुनौतियों का सामना तो करना ही होगा। नया सीएम बनने से बीजेपी में दूर हुई गुटबाजी बीजेपी के एक नेता ने कहा कि सीएम बदलने से उन विधायकों की नाराजगी खत्म हो गई है जो पुरजोर त्रिवेंद्र सिंह रावत का विरोध कर रहे थे। अब वह पार्टी के लिए ठीक से काम करेंगे। साथ ही नए मुख्यमंत्री भी यह ध्यान रखेंगे कि सभी को साथ लेकर चलना है। इससे गुटबाजी पर लगाम लगेगी जो चुनाव से पहले पार्टी के लिए बहुत जरूरी है। चुनावी साल में समन्वय सबसे बड़ी चुनौती बीजेपी के करीबी लोगों का यह कहना है कि आने वाले चुनावों में तीरथ सिंह रावत की स्वीकार्य छवि का लाभ तो उनकी पार्टी को मिल सकता है, लेकिन उनके सामने चुनौती इस बात की भी होगी कि वो सारा प्रबंधन ठीक तरीके से कर सकें। एक और बड़े बीजेपी नेता का यह भी कहना है कि अगर रावत तराई के इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत कर पाते हैं तो अगले वर्ष होने वाले चुनाव में उन्हें बड़ा लाभ हो सकता है। इसके अलावा बीजेपी के संगठन में उनकी मजबूत पकड़ भी उन्हें सियासी माइलेज दे सकती है।
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