हरिद्वार, नौ अक्टूबर (भाषा) कानून की एक छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर अपने रुख में बदलाव करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने आज कहा कि वह एक षड़यंत्र के शिकार हुए हैं। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी महाराज ने यहां संवाददाताओं से कहा, "चिन्मयानंद के खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोप एक षड़यंत्र हैं। उन्हें जबरन वसूली के मामले में झूठा फंसाया गया है।" इससे पहले 21 सितंबर को अपने बयान में साधु संतों की शीर्ष संस्था अखाड़ा परिषद ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पर कानून की छात्रा द्वारा लगाये गये आरोपों को 'शर्मनाक' बताया था और उन्हें निकाले जाने का संकेत भी दिया था। यह पूछने पर कि क्या स्वामी चिन्मयानंद को परिषद से निकाला जा सकता है, गिरी ने कहा कि इस बारे में सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही निर्णय लिया जायेगा। हालांकि, परिषद के महामंत्री हरिगिरी महाराज ने कहा कि अदालत में विचाराधीन होने के कारण कल की बैठक में इस मामले के आने की संभावना नहीं है।
from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/323FpzQ
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें