भूमा पीठाधीश्वर अच्युतानंद तीर्थ ने उत्तराखंड के हरिद्वार में बगलामुखी देवी के लिए आयोजित पांच दिवसीय महायज्ञ के समापन के अवसर पर यह बात कही। हरिद्वार में ही पिछले महीने विवादास्पद धर्म संसद आयोजित की गयी थी।
हरिद्वार के कार्ष्णि घाट पर आयोजित महायज्ञ में उन्होंने साधु-संतों से कहा कि एक ‘सनातन वैदिक राष्ट्र’ बनाने के लिए बलिदान दें।
खबरों के मुताबिक पंच दशनाम अखाड़ा के यती नरसिंहानंद और निरंजनी अखाड़ा की साध्वी अन्नपूर्णा भी महायज्ञ को आयोजित करने में सक्रियता से शामिल थे। इन दोनों के खिलाफ भी धर्म संसद मामले में प्राथमिकियां आयोजित की गयी हैं।
धर्म संसद के मामले में जांच करने के लिए रविवार को गठित विशेष जांच दल ने मंगलवार को अपना काम शुरू कर दिया। पांच सदस्यीय दल का नेतृत्व देहरादून के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कमलेश उपाध्याय कर रहे हैं।
इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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