अपने मंत्रिमंडल के साथ शपथ ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने वरिष्ठ विधायकों की नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है । उल्टा सवाल दागते हुए उन्होंने पूछा, ' कोई आपको नाराज दिखा क्या यहां ?'
उन्होंने कहा, 'मैं आयु में कम हूं । सब बडे अनुभवी हैं और मुझसे वरिष्ठ हैं । मेरी पार्टी मेरी मां है जिसने मुझे सेवा करने का अवसर प्रदान किया है । इसलिए यह मेरी जिम्मेदारी बनती है कि मैं सब बडों को आदरपूर्वक और छोटों को स्नेहपूर्वक साथ लेकर पार्टी और प्रदेश के काम को आगे बढाऊं ।'
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लंबे समय से प्रदेश में काम कर रहे हैं और प्रदेश के कोने—कोने से वाकिफ हैं, यहां की समस्याओं से वाकिफ हैं । उन्होंने कहा, ' मैं एक सैनिक परिवार में सीमांत क्षेत्र पिथौरागढ के कनालीछीना में पैदा हुआ और वहां कक्षा पांच तक पढाई की । उसके बाद भारत—नेपाल सीमा पर स्थित खटीमा मेरी कर्मस्थली रही है । मैं लगातार युवाओं और नौजवानों के बीच में घूमता रहा हूं । मैं यहां की समस्याएं जानता हूं ।'
उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए उनकी सरकार जनता के द्वार तक जाएगी । उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार जनता की साझीदार के रूप में काम करेगी ।' उन्होंने कहा कि वह प्रदेश की जनता के साथ ही पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे और पूरे मन से काम करेंगे ।
अपने मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों को कैबिनेट दर्जा देने के बारे में पूछे जाने पर धामी ने कहा कि सब एक से एक काबिल हैं और सब अपनी पूरी क्षमता से काम कर सकें इसलिए सबका प्रमोशन किया गया है । उन्होंने कहा, 'निश्चित रूप से आपको इसका परिणाम दिखाई देगा ।'
कोविड के चलते चारधाम यात्रा पर रोक के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वास्तव में यह बहुत समस्या है लेकिन पर्यटन को खोलना और चारधाम यात्रा को चलाना भी हमारे प्रदेश के लिए नितांत जरूरी है ।
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