कांग्रेस नेत्री इंदिरा विधानसभा में हल्द्वानी का प्रतिनिधित्व कर रही थीं जहां से वह उत्तराखंड गठन के बाद से तीन चुनाव जीत चुकी थी और अगला चुनाव लड़ने की तैयारी में थीं। इंदिरा ने हल्द्वानी से 2002, 2012 और 2017 में चुनाव जीते। हालांकि 2007 का चुनाव वह प्रदेश के मौजूदा मंत्री वंशीधर भगत के हाथों हार गईं।
गौरतलब है कि इसी साल 22 अप्रैल को गंगोत्री से भाजपा विधायक गोपाल सिंह रावत की कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद मृत्यु हो गई थी। साठ वर्षीय रावत की मृत्यु से रिक्त हुई सीट पर अभी उपचुनाव नहीं हुआ है और वहां से मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हैं।
वहीं, थराली से भाजपा विधायक 54 वर्षीय मगनलाल शाह की फेफड़ों के संक्रमण के चलते 26 फरवरी 2018 को मृत्यु हो गई थी। इसके बाद हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी मुन्नी शाह ने जीत दर्ज की।
उसके करीब डेढ साल बाद पांच जून 2019 को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और पिथौरागढ़ से विधायक 58 वर्षीय प्रकाश पंत की अमेरिका में कैंसर के उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। पिथौरागढ़ उपचुनाव के बाद उनकी पत्नी चंद्रा पंत उनकी जगह विधायक बनी हैं।
पिछले साल 12 नवंबर को सल्ट से 50 वर्षीय भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना की दिल्ली में कोविड से मृत्यु हो गयी थी। अप्रैल में हुए उपचुनाव में उनके बड़े भाई महेश जीना ने जीत हासिल की और सल्ट से नए विधायक बने।
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