ऋषिकेश के बाद प्रदेश में डीआरडीओ द्वारा बनाया गया यह दूसरा कोविड केयर सेंटर है ।
अधिकारियों के अनुसार दस हजार वर्गफुट में तैयार आधुनिक सुविधायुक्त जनरल विपिन चंद्र जोशी कोविड केयर सेंटर में 375 ऑक्सीजन बिस्तर के अलावा 125 आईसीयू बिस्तर और वेंटिलेटर की भी व्यवस्था है । यहां बच्चों के लिए अलग वार्ड के साथ ही अभिभावकों के लिए भी व्यवस्था की गई है ।
मात्र तीन सप्ताह में तैयार हुए इस कोविड सेंटर में ब्लैक फंगस या म्यूकरमाइकोसिस के मरीजों के लिए भी अलग से वार्ड बनाया गया है । सेंटर का क्लीनिकल प्रबंधन डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल द्वारा किया जायेगा।
कोविड सेंटर के डिजिटल उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य के समन्वित प्रयासों से यह सेंटर जल्द बनकर तैयार हुआ है। मुख्यमंत्री ने इस कोविड सेंटर की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में कोविड केयर सेंटर बनने से कुमायूं मंडल के लोगों को इलाज मिलने में काफी सुविधा होगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं तथा राज्य में ऑक्सीजन, आईसीयू, वेंटिलेटर एवं आवश्यक दवाओं की पूर्ण उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि कोविड की तीसरी लहर के अनुमान के तहत पुख्ता व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
राज्य विधानसभा में प्रतिपक्ष की नेता और स्थानीय विधायक डॉ. इंदिरा हृदयेश ने हल्द्वानी में कोविड केयर सेंटर के लिए मुख्यमंत्री रावत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां कुमायूं के अलावा उत्तर प्रदेश से भी अनेक मरीज इलाज के लिए आते हैं।
उन्होंने कोविड से लड़ने के लिए सबको मिलजुल कर प्रयास करने की आवश्यकता जताई ।
डीआडीओ ने गत 26 मई को ऋषिकेश में भी 500 बिस्तरों वाला कोविड केयर सेंटर तैयार किया था जिसका क्लीनिकल प्रबंधन एम्स ऋषिकेश को सौंपा गया है
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