यहां बुधवार को अटल उत्कृष्ट विद्यालय की वेबसाइट लांच करने के मौके पर 500 स्कूलों के शिक्षकों से ऑनलाइन संवाद करते हुए रावत ने कहा, ‘‘प्रदेश के लिए यह सौभाग्य की बात है कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य सूची में उसे चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। सत्रह विभिन्न आयामों को लेकर सूची का निर्धारण किया गया था। 2015-16 में जहां राज्य को 19वां स्थान मिला था, आज राज्य ने चौथा स्थान प्राप्त किया।’’
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड को प्रथम स्थान पर लाने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं शिक्षकों को इसी मनोयोग से कार्य करना होगा।
कोविड काल में पठन-पाठन के कार्य को एक नई चुनौती बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद ऑनलाइन शैक्षणिक गतिविधियों के लिए शिक्षा विभाग द्वारा सराहनीय प्रयास किया गया।
रावत ने कहा कि स्कूलों की व्यवस्थाओं में गुणात्मक सुधार लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं जिनमें प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के माध्यम से शिक्षा के स्तर में और सुधार करने के प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में 190 अटल उत्कृष्ट विद्यालय स्वीकृत किये गये हैं।
शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि शिक्षकों के कठिन परिश्रम के परिणामस्वरूप प्रदेश को नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य सूची में चौथा स्थान मिला है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। नब्वे प्रतिशत स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था है जिसे जल्द ही शत प्रतिशत किया जायेगा। पांच सौ स्कूलों में डिजिटल कक्षाओं की व्यवस्था की गई है और जल्द ही 600 और स्कूलों में इसकी व्यवस्था की जायेगी।
from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/3pAzzCt
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें