करन खुराना, हरिद्वार के जूना अखाड़े की पेशवाई में एक बड़ा हादसा होने से टल गया। गुरुवार को जूना, अग्नि और किन्नर अखाड़े की पेशवाई में एक गजराज भी लोगों के देखने का मुख्य आकर्षण बने हुए थे। शाम में जब पेशवाई स्टेशन रोड पर पहुंची तो भीड़ देखकर गजराज बेकाबू हो गये। बमुश्किल गजराज को चलाने वाले महावत ने संभाला। हर कुम्भ में पेशवाई एक ऐसी शोभायात्रा होती है जिसमें सैकड़ों घोड़े और हाथी मौजूद होते है। एक राजशाही शोभायात्रा का एहसास दिलाते है और पौराणिक जुलूस की झलक दिखाते है।इसी को लेकर हर बार अखाड़े घोड़े और हाथियों की मौजूदगी से अपना शक्ति प्रदर्शन भी करते है। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के संवाददाता ने जब इस बारे ने मेला आईजी संजय गुंज्याल से बात की तो उन्होंने बताया कि जब पेशवाई की परमिशन दी जाती है तभी यह सुनिश्चित किया जाता है कि ऊंट,हाथी को सम्मिलित न किया जाए। कल की वीडियो देखने के बाद हमारी तरफ से अखाड़ो को फिर से दिशा निर्देश जारी किए गए है कि वो हाथी और ऊंट को पेशवाई में सम्मिलित न करें। 11 मार्च को होने वाले शाही स्नान में हाथी और ऊंट शामिल नही होंगे।
from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/3egY7wD
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें