रविवार, 7 मार्च 2021

haridwar kumbh: कुंभ में हैं मुस्लिम बैंड के जलवे, जिनके भजनों पर झूमने लगते हैं जटाधारी साधु, संंन्‍यासी

इशिता मिश्रा, देहरादून जब हरिद्वार कुंभ में शाहरुख खान का अल्‍ताफ बैंड 'बांके बिहारी तेरे मोटे मोटे नैन' गाता है तो आसपास मौजूद सभी साधु उनके साथ झूमने लगते हैं। जब उनका गाना खत्‍म होता है तो जटाधारी, भस्‍म लपेटे साधु मुस्‍कुराते हुए उनके साथ हाथ मिलाते हैं, उन्‍हें पैसा देते हैं, माला पहनाने लगते हैं। अल्‍ताफ बैंड महाकुंभ में आए ढेरों मुस्लिम बैंड में से एक है। इनकी खासियत यह है कि इनके सभी मेंबर मुस्लिम हैं। उदासीन अखाड़े के महंत ऋषिश्‍वरानंद कहते हैं, 'कुंभ मेले में मुस्लिम बैंड आते रहे हैं। वे ऐसे गाने बजाते हैं जो हमारे दिलों को छू जाते हैं। भगवान तो सभी के हैं।' कुंभ की संस्‍कृति में ये बैंड रचेबसे हैं। अल्‍ताफ बैंड 100 साल पुराना है। अब्‍दुल रहमान इस बैंड से जुड़ी चौथी पीढ़ी से हैं। वह बताते हैं, 'हमारा बैंड भारत के सबसे पुराने बैंड में से एक है। हमारे साथ 70 लोग हैं। हमारे बैंड के संस्‍थापक मोहम्‍मद अल्‍ताफ ने हिंदु भजन गाने की परंपरा शुरू की थी। 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान हमने 1 लाख रुपये डिफेंस फंड के लिए दिए थे। हमें इस पर गर्व है।' इसी तरह के दूसरे बैंड मिलाप बैंड के मास्‍टर फहीम से जब पूछा गया कि क्‍या कभी उन्‍हें विरोध का सामना करना पड़ा तो वह बोले, 'हम न हिंदू हैं न मुसलमान। हम कलाकार हैं। हम इसे कामयाब बनाने के लिए पूरी मेहनत करते हैं।' इनमें से बहुत से सारे बैंड सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, रुड़की, देहरादून और मेरठ से आए हैं। ये यहां आने से छह महीने पहले से इसकी प्रैक्टिस करते रहे हैं।


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