देहरादून, एक अक्टूबर (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बृहस्पतिवार को नैनीताल जिले के रामनगर में धनगढ़ी गेट पहुंचकर लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक तकनीक से युक्त कार्बेट परिचय केंद्र, नेचर शॉप और कैंटीन का लोकार्पण किया। रावत ने कार्बेट बाघ अभयारण्य की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के स्मारक पर दीप जलाए और पुष्प चक्र अर्पित किए। यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार इस अवसर पर मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि कार्बेट परिचय केंद्र के खुलने से पर्यावरण एवं वन्य जीवप्रेमियों को कार्बेट पार्क की जैव विविधता को जानने एवं समझने में आसानी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्बेट पार्क का आकर्षण बढ़ने के साथ ही जिम्मेदारियां भी बढ़ रही हैं। उन्होंने इस संबंध में स्थानीय लोगों द्वारा वन एवं वन्य जीवों का संरक्षण करने में किये जा रहे कार्यों की भी सराहना की । उन्होंने ‘ग्लोबल वार्मिंग’ पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्राकृतिक पर्यावरण चक्र को दीर्घकालिक बनाए रखने के लिए वन विभाग के साथ ही जनमानस को भी जागरूक करना होगा। मुख्यमंत्री कहा कि जंगलों में आग लगने का मुख्य कारण माने जाने वाले पिरूल यानि चीड़ की सूखी पत्तियों से चारकोल बनाया जा रहा है और बिजली का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने बताया कि पिरुल से 25 किलोवाट की विद्युत उत्पादन यूनिट में 207 लोगों को पहले चरण में काम मिला है और उसकी क्षमता बढ़ने के साथ ही रोजगार में भी वृद्धि होगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने चोपड़ा, लेटी, रामपुर गांव को राजस्व ग्राम बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कार्बेट पार्क बाघों के संरक्षण के साथ ही इस बात के लिए भी जाना जाएगा कि यह वही पार्क है जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलवामा आतंकी हमले का बदला एवं प्रतिकार लेने के लिए दृढ़ निश्चय एवं संकल्प लिया था। इस मौके पर कार्बेट बाघ अभयारण्य में बाघों की गणना का आंकड़ा जारी करते हुए बताया गया कि वर्ष 2018 में अभयारण्य में बाघों की संख्या 231 थी जो वर्ष 2020 में 252 से अधिक हो चुकी है।
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