शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2020

देहरादून एयरपोर्ट के विस्तार के लिए जंगल की 215 एकड़ जमीन लेने का प्रस्ताव, काटे जाएंगे 10 हजार पेड़!

देहरादून उत्तराखंड वन विभाग ने देहरादून के () का विस्तार करने के लिए शिवालिक ऐलिफेंट रिज़र्व की 215 एकड़ जमीन का हिस्सा लेने का फैसला किया है। देश के मुख्य रिजर्व में से एक के एरिया को कम करने से ना केवल हाथियों के लिए जगह कम पड़ेगी, बल्कि लगभग 10 हजार पेड़ भी काट दिए जाएंगे। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के पास इस प्रॉजेक्ट के लिए जमीन के ट्रांसफर की डिटेल है। इसके अनुसार अलग-अलग प्रजातियों के कुल 9745 पेड़ों को काटे जाने का प्रस्ताव है। इनमें शीशम (2135), खैर (3405), सागौन (185), गुलमोहर (120) सहित 25 अन्य प्रजातियां शामिल हैं। एयरपोर्ट के विकास के लिए दिया जाने वाला प्रस्तावित इलाका राजाजी नैशनल पार्क इको सेंसिटिव जोन के 10 किलोमीटर के दायरे में आता है। प्रस्तावित इलाके के 3 किलोमीटर के दायरे में ऐलिफेंट कॉरिडोर भी आता है। संरक्षणकर्ताओं के अनुसार ऐसे कदम से दून घाटी के पारिस्थितिकी तंत्र को बहुत नुकसान पहुंचेगा। पीपल फॉर एनिमल नामक एनजीओ के उत्तराखंड चैप्टर की सेक्रेटरी गौरी मौलेखी ने इस प्रस्ताव पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए बताया, 'वन और वन्यजीव ही उत्तराखंड पर्यटन और रोजगार के मुख्य स्तंभ हैं। इन्हें सुरक्षित रखना ही सरकार का मुख्य कर्तव्य होना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि इसके बिल्कुल उलट काम किया जा रहा है। यह प्रकृति के लिहाज से घातक होगा।' देहरादून के फॉरेस्ट ऑफिसर राजीव धीमन ने बताया कि अभी यह प्रस्ताव अप्रूवल के लिए केंद्र सरकार के पास लंबित पड़ा है। इसके अलावा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को 4 किलोमीटर चौड़ा करने के लिए ब्रिटिश काल की 2500 पेड़ साल/साखू के पेड़ भी कटने की कगार पर हैं।


from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/33ntLTf

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें