देहरादून उत्तराखंड में इस साल हुए कुंभ मेले के दौरान कोरोना टेस्टिंग फर्जीवाड़े की जांच अभी जारी है। इस बीच टिहरी में फर्जी कोविड टेस्टिंग का एक और मामला सामने आ गया है। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सैंपल लिए बगैर ही कन्फर्मेशन का मेसेज भेज दिया गया। टिहरी के कानाताल के निवासी चंडी प्रसाद डबराल बीते शुक्रवार को चंबा की तरफ जा रहे थे। रास्ते में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उन्हें रोका और रैपिड एंटीजन टेस्ट के लिए संपर्क नंबर ले लिया। डबराल के अनुसार सैंपल लिए बिना ही उनके पास एसएमएस आ गया कि सैंपल लिया जा चुका है। डबराल के अनुसार उनका सैंपल कभी जांच के लिए लिया ही नहीं गया। उन्होंने एसएमएस मिलने के बाद केस दर्ज कराया है। अब इस मामले की जांच शुरू हो गई है। उस दिन कलेक्ट किए गए हर एक सैंपल की डिटेल के लिए मोबाइल नंबरों पर फोन कर जानकारी जुटाई जा रही है। इस मामले पर सीएमओ डॉक्टर संजय जैन ने कहा, 'स्वास्थ्य टीम ने पहले कॉन्टैक्ट डिटेल लिया और फिर सैंपल इकट्ठा किया। शिकायतकर्ता का परिवार बिना टेस्ट के ही आगे बढ़ गया। और फिर उन्हें ऑटोमेटिक नंबर से मेसेज आया। मैंने अधिकारियों से इस बारे में जांच करने को कहा है।' डबराल ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, 'सवाल यह है कि बिना सैंपल लिए मेरी आईडी कैसे जनरेट हो गई। हो सकता है कि ऐसा पहले भी दूसरे लोगों के साथ किया गया हो। वायरस का प्रसार इसी तरह से होता है।' वहीं चंबा कम्युनिटी हेल्थ सेंटर के इन्चार्ज डॉक्टर पुखराज चौहान ने कहा, 'हम पिछले दो सप्ताह में नोट किए गए नंबरों पर कॉल कर जानकारी जुटा रहे हैं। हम इस बात की भी जांच करेंगे कि क्या फील्ड में तैनात स्टाफ लापरवाही बरत रहा है।'
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