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माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात कर अपने चुनाव लड़ने के संबंध में चर्चा करेंगे। जहां भाजपा और राज्य सरकार इसे केवल एक सामान्य बात बता रहे हैं वहीं जानकारों का मानना है कि प्रदेश में विधानसभा चुनावों में एक साल से भी कम का समय बचा है, ऐसे में उनका यह दौरा अहम है।
पौड़ी से लोकसभा सांसद रावत ने इस साल 10 मार्च को मुख्यमंत्री पद संभाला था और अब सितंबर तक उन्हें विधानसभा का सदस्य निर्वाचित अनिवार्य होना है। प्रदेश में इस समय दो विधानसभा सीटें रिक्त हैं जिनमें से गढवाल क्षेत्र में स्थित गंगोत्री सीट से रावत के उपचुनाव लड़ने की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही है।
राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि मुख्यमंत्री के विधानसभा पहुंचने में सबसे बड़ी अड़चन यह है कि विधानसभा चुनावों में एक साल से कम का समय बचा है और ऐसे में सामान्यत: उपचुनाव नहीं कराए जाते।
हालांकि, इस बारे में पूछे जाने पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय दलों की सरकारों के मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों का दिल्ली आना—जाना एक सामान्य बात है। एक सामान्य बात को असामान्य बताकर कुछ चैनल चुटकी लेना चाहते हैं।’’
संभावित उपचुनाव के बारे में उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार चुनाव आयोग को विधानसभा सीटें रिक्त होने की सूचना भेज चुकी है ।
यहां इस संबंध में बुधवार को राज्य सरकार की ओर से जारी एक आदेश में राज्य के सभी स्कूलों को एक जुलाई से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने को कहा गया है।
कोविड की दूसरी लहर का प्रकोप बढ़ने पर मई में राज्य सरकार ने स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित करते हुए उन्हें शिक्षण कार्य तीस जून तक के लिए बंद रखने के आदेश दिए थे।
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘चारधाम यात्रा पर उच्च न्यायालय के स्थगनादेश के खिलाफ हम उच्चतम न्यायालय चले गए हैं।’’
कोविड-19 के बीच यात्रा के दौरान पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए राज्य सरकार की व्यवस्थाओं पर असंतोष जाहिर करते हुए मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने 28 जून को राज्य मंत्रिमंडल के चमोली, रूद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों के निवासियों को एक जुलाई से हिमालयी धामों के दर्शन की अनुमति देने के निर्णय पर रोक लगा दी थी।
यात्रा के संबंध में सरकार की व्यवस्थाओं को पर्याप्त बताते हुए मंत्री उनियाल ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया था।
उन्होंने कहा कि पिछले साल जुलाई में गंगोत्री में प्रतिदिन 70, यमुनोत्री में 40, केदारनाथ में 180 और बदरीनाथ में 400 के आसपास श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे जबकि उस समय पूरे देश के लिए यात्रा चल रही थी।
उनियाल ने कहा कि उसी को ध्यान में रखते हुए एक जुलाई से केवल स्थानीय नागरिकों के लिए सीमित संख्या में यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया गया और एक सीमा तय कर दी कि चारों धामों में प्रतिदिन कुल मिलाकर साढे 750 से ज्यादा यात्री दर्शन नहीं कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, 15 दिन पूर्व ही देवस्थानम बोर्ड और जिला प्रशासन को यात्रा की तैयारियां पूरी करने के निर्देश दे दिए गए थे।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय में दाखिल अपने प्रति शपथपत्र में एनटीपीसी ने कहा कि आपदा के दौरान उसके 140 कर्मचारी मारे गए थे जिनमें से 84 को मुआवजा मिल चुका है। बाकी लोगों के मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया चल रही है।
प्रति शपथपत्र में कहा गया है, ‘‘एनटीपीसी एक जिम्मेदार सरकारी कंपनी है जिसने आपदा से प्रभावित अपने कर्मचारियों के परिवारों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरुप सर्वश्रेष्ठ राहत प्रयास किए हैं।’’
एनटीपीसी के अधिवक्ता कार्तिकेय हरिगुप्ता ने बताया कि ऋषिगंगा और धौलगंगा नदियों में सात फरवरी को अचानक आई बाढ को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पिछली तारीख को कंपनी से आपदा के कारणों, जानमाल के नुकसान को हुई क्षति तथा उसके बाद उठाए गए सुधारात्मक कदमों के बारे में जानकारी देते हुए एक प्रति शपथपत्र दाखिल करने को कहा था।
हिमनद टूटने के कारण धौलीगंगा नदी में जब बाढ़ आयी, उस वक्त तपोवन—विष्णुगाड परियोजना की एक सुरंग में एनटीपीसी के कई कर्मचारी काम कर रहे थे। एनटीपीसी ने अपने प्रति शपथपत्र में कहा कि नंदाघुंटी हिमनद की चोटी पर एक चट्टान टूटी जिससे धौलीगंगा में अचानक इस प्रकार की बाढ़ आई जो हजारों सालों में एक बार आती है।
कंपनी ने कहा कि तपोवन विष्णुगाड परियोजना रन—ऑफ—द—रिवर परियोजना है और अभी तक ऐसी कोई तकनीक उपलब्ध नहीं है जो ऐसी प्राकृतिक आपदा की भविष्यवाणी कर सके या पूर्वानुमान लगा सके।
एनटीपीसी ने कहा कि हालांकि, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और उर्जा मंत्रालय ने सात फरवरी को ऋषिगंगा और धौलीगंगा नदियों में आई बाढ़ के कारणों के अध्ययन और पहाड़ी क्षेत्रों में पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित करने की संभावना ढूंढने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की है।
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आर. एस. चौहान तथा न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद करेगी।
अदालत ने केंद्र सरकार को अपना प्रति शपथपत्र दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।
नैनीताल जिले के रामनगर शहर में तीन दिवसीय चिंतन शिविर के अंतिम दिन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि बैठक में 2022 के विधानसभा चुनावों में 2017 के मुकाबले बड़ी जीत हासिल करने के लक्ष्य पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से भाजपा मिथक तोड़ने जा रही है और इस बार 60 से अधिक सीटें भाजपा की झोली में आएगी।’’
भाजपा ने 2017 के चुनावों में विधानसभा की 70 सीटों में से 57 पर जीत हासिल की थी
कौशिक ने कहा कि 2022 के चुनाव को लेकर गहन चर्चा के बाद रणनीति बनाई गई तथा पार्टी ने रोड मैप और आगामी कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में केंद्र की अनेक योजनाओं को राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है वहीं राज्य सरकार ने भी कई कल्याणकारी योजनाओं को लागू कर ‘डबल इंजन’ का अहसास कराया है।
कौशिक ने कहा कि जुलाई में 70 विधानसभा क्षेत्रों और 252 मंडलों में सभी मंत्री,विधायक तथा संगठन के पदाधिकारी भ्रमण करेंगे तथा मौके पर ही समस्याओं का समाधान करेंगे। अक्तूबर में आम लोगों से मिलने के लिए जनसंपर्क अभियान शुरू किया जाएगा और नवंबर में पन्ना प्रमुख से लेकर बूथ स्तर तक सम्मलेन आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली भी संभावित है और दिसंबर में प्रदेश भर में यात्राएं शुरू की जाएंगी ।
मुख्य सचिव ओम प्रकाश द्वारा यहां जारी एक आदेश में कहा गया है कि उत्तराखंड में अब कर्फ्यू छह जुलाई की सुबह छह बजे तक प्रभावी रहेगा । हालांकि, कर्फ्यू में और ढील देते हुए दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को सप्ताह में पांच की जगह छह दिन खुलने की अनुमति दी गयी है । इसके अलावा लोकप्रिय पर्यटक शहरों, मसूरी और नैनीताल में रविवार को भी बाजार खोलने की अनुमति दी गयी है जहां मंगलवार को दुकानें बंद रखी जाएंगी ।
जिम और 18 वर्ष से उपर के विद्यार्थियों तथा अभ्यर्थियों को कोचिंग देने वाले संस्थानों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोलने की इजाजत दी गयी है । होटल और रेस्टोरेंट 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुलेंगे लेकिन वे रात्रि 10 बजे से सुबह छह बजे तक बंद रहेंगे । बार भी 50 क्षमता के साथ खुलेंगे ।
सभी शैक्षणिक संस्थान, प्रशिक्षण संस्थान, मॉल, सिनेमा हॉल आदि अग्रिम आदेशों तक बंद रहेंगे और इस दौरान आनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी । इसके अलावा राज्य में प्रवेश के लिये अथवा मैदान से पहाड़ पर जाने के लिये 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर या एंटीजन रेपिड टेस्ट रिपोर्ट अनिवार्य होगा।
उन्होंने बताया कि रिजर्व की पांच रेंज - गर्जिया, बिजरानी, धारा—झिरना ढेला व पांखरौ- को मंगलवार दोपहर से वर्ष भर के पर्यटन के लिए खोल दिया गया ।
सीटीआर में स्थित कुल 12 रेंज में से आठ पर्यटक ज़ोन हैं। राहुल ने बताया कि कॉर्बेट के खुलने से वन्यजीव प्रेमियों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है और अभी तक पर्यटक दिन में सफारी के लिए 25 जिप्सी बुक करा चुके हैं जबकि शाम तक यह संख्या 50 से ज्यादा हो जाने की उम्मीद है ।
राहुल ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर की वजह से कॉर्बेट को पर्यटकों से मिलने वाले राजस्व का काफी नुकसान हुआ लेकिन रोजमर्रा के खर्चे बने रहे। इन पांच रेंज के वर्षभर खुले रहने से कॉर्बेट व इस पर निर्भर लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है ।
कुछ दिन पहले उत्तराखंड के वन मंत्री हरक सिंह रावत ने उत्तराखंड के दोनों टाइगर रिजर्व -कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व को वर्ष भर पर्यटन के लिए खोलने की घोषणा की थी।
हालांकि, वन्यजीव विशेषज्ञ इस बात का विरोध कर रहे हैं और उनका मानना है कि यह कदम रिजर्व में रहने वाले जानवरों के लिए अच्छा नहीं है ।
ऋषिकेश के कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि 16,18 और 23 जून को ऋषिकेश के अंतरराज्यीय बस अड्डे पर ध्यान भटकाकर सामान उठाने की तीन एक जैसी घटनाएं सामने आईं जिसपर कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों ने बताया कि सामान बेचकर उन्हें डेढ़ लाख रुपये मिले जो उन्होंने आपस में बांट लिए।
नेगी ने बताया कि इन सभी लोगों का आपराधिक इतिहास है। लोगों को भ्रमित कर ये लोग उनका सामान, पर्स आदि ले उड़ते थे।
यहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, संक्रमण के नए मामलों मिलाकर अब तक प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 3,39,739 हो चुकी है।
संक्रमण के नए मामलों में से सर्वाधिक 41 कोविड मरीज देहरादून जिले में मिले जबकि पिथौरागढ़ में 17, उत्तरकाशी में 15 और हरिद्वार में 10 नए मामले सामने आए।
प्रदेश में अब तक कुल 7092 लोग महामारी से जान गंवा चुके हैं ।
राज्य में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 2,294 है जबकि 3,24,529 मरीज अब तक स्वस्थ हो चुके हैं।
इस बीच, प्रदेश में ब्लैक फंगस या म्यूकरमाइकोसिस के दो और मामले सामने आए तथा दो अन्य मरीजों की मौत हो गई। उत्तराखंड में इस रोग के अब तक 494 मामले सामने आ चुके हैं जिनमें 94 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
नैनीताल जिले के रामनगर शहर में चल रही तीन दिवसीय चिंतन बैठक के दूसरे दिन के बारे में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार को 2022 के विधानसभा चुनाव में जनता के बीच जाना है और इसके मददेनजर इस बात पर जोर दिया गया कि ऐसी कौन सी योजनाएं हैं जो लोगों को सीधा लाभ पहुंचाएंगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए कुछ प्रमुख योजनाओं पर भी चर्चा हुई ।
कौशिक ने कहा कि बैठक में नेताओं ने इस बात पर भी विचार-विमर्श किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक किस तरह पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, प्रदेश में वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में अन्य दलों की स्थिति पर भी चर्चा की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों के अलावा राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश सह प्रभारी रेखा वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी मौजूद थे।
रविवार को शुरू हुए चिंतन शिविर में राज्य की वर्तमान परिस्थिति और 2022 के चुनाव के संबंध में प्रारूप तैयार किया जाएगा। कुल सात सत्रों में चर्चा के बाद 'मिशन 2022' की रणनीति बनेगी।
जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर 3.7 तीव्रता का यह भूकंप अपराह्न 12 बजकर 19 मिनट पर पिथौरागढ़, कांडा और बागेश्वर में महसूस किया गया।
भूकंप पिथौरागढ़ जिले में 10 किलोमीटर की गहराई पर केंद्रित था।
फिलहाल, भूकंप से किसी प्रकार के जानमाल की हानि की कोई खबर नहीं है।
कोविड-19 के बीच यात्रा के दौरान पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए राज्य सरकार की व्यवस्थाओं पर असंतोष जाहिर करते हुए मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने राज्य मंत्रिमंडल के उस फैसले पर रोक लगा दी जिसमें चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों के निवासियों को एक जुलाई से हिमालयी धामों के दर्शन की अनुमति दी गई थी।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की अध्यक्षता में 25 जून को हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में एक जुलाई से उन जिलों के निवासियों को मंदिरों के दर्शन की अनुमति देने का निर्णय लिया गया था जहां वे स्थित हैं। चमोली जिले के निवासियों को बदरीनाथ, रुद्रप्रयाग जिले के निवासियों को केदारनाथ तथा उत्तरकाशी जिले के निवासियों को गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के दर्शन की अनुमति दी गई थी ।
उच्च न्यायालय ने महामारी के बीच यात्रा संचालन में जोखिम से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई के दौरान यह रोक लगाई।
यात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को खारिज करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि यह कुंभ मेले के दौरान जारी की गयी एसओपी की प्रतिलिपि भर है।
उच्च न्यायालय ने हालांकि, तीर्थ स्थलों से जुड़ी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उच्च सरकार से मंदिरों में चल रहीं रस्मों और समारोहों का देशभर में सीधा प्रसारण करने की व्यवस्था करने को कहा।
राज्य सरकार की इस आपत्ति पर कि इन रस्मों का प्रसारण धार्मिक कारणों के चलते सही नहीं होगा, अदालत ने कहा कि वह पुजारियों की भावनाओं के प्रति सहानुभूति रखती है।
अदालत ने हालांकि कहा, ‘‘फिर भी यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि जब शास्त्र लिखे गए, उस समय महत्वपूर्ण घटनाओं के प्रसारण के लिए टेलीविजन जैसी तकनीक नहीं थी।’’
इसने यह भी कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कुछ लोगों की भावनाओं का ध्यान रखने के बजाय कोरोना वायरस के ‘डेल्टा प्लस’ स्वरूप से सबको बचाना ज्यादा महत्वपूर्ण है ।
याचिकाकर्ता के वकील दुष्यंत मैनाली ने बताया कि अब यात्रा के लिए किसी को भी भौतिक रूप से जाने की अनुमति नहीं होगी।
उत्तराखंड के मुख्य सचिव ओमप्रकाश और पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर सुनवाई में वर्चुअल रूप से पेश हुए।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के मुख्य अभियंता एमएनवी प्रसाद ने बताया कि रक्षा मंत्री ने दिल्ली से तीन बेली पुलों का ऑनलाइन उद्घाटन किया ।
उन्होंने बताया कि इन पुलों में से एक तवाघाट के पास तवाघाट—घटियाबगड़ मार्ग पर, दूसरा किरकुटिया में जौलजीबी—मुनस्यारी मार्ग पर और तीसरा लास्पा में मुनस्यारी—बग्दियार मार्ग पर स्थित है ।
अभियंता ने कहा कि ये पुल हिमालयी क्षेत्र के इस हिस्से में स्थित सीमावर्ती सुरक्षा चौकियों को भारतीय मुख्य भूभाग से जोड़ते हैं । इन पुलों की लंबाई 140—180 मीटर के बीच है और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थित पुलों को बनाने में बीआरओ को विषम परिस्थितियों में काम करना पडा ।
बीआरओ अधिकारी ने कहा कि तीन पुलों के निर्माण से पर्यटकों और सुरक्षा बलों दोनों को आवागमन में बहुत सुविधा हो जाएगी ।
भारत डायबिटीज, कैंसर और बच्चों की मौत के मामले में दुनिया के प्रमुख देशों में है. इसके वाबजूद यहां का हेल्थकेयर सिस्टम काफी पीछे और पिछड़ा है. अब इसमें तेजी से बदलाव हो रहे है. और इस बदलाव को स्टार्टअप तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं.
Happy Birthday Elon musk: स्पेस-एक्स (SpaceX) के संस्थापक और टेस्ला के सीईओ (Tesla CEO) एलन मस्क (Elon Musk) का आज जन्मदिन है.
मार्च के बाद यह पहला मौका है जब प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या एक दिन में दो अंकों में दर्ज की गई है। इससे पहले, इस वर्ष फरवरी से लेकर मार्च तक प्रतिदिन कोविड मरीजों की संख्या दो अंकों में रही जो कुंभ के शुरू होते ही लगातार बढती चली गई।
मई में प्रदेश में कोविड मरीजों की संख्या चरम पर पहुंच गयी जहां सात मई को एक दिन में सर्वाधिक 9642 लोगों में महामारी की पुष्टि हुई।
बुलेटिन के मुताबिक, राज्य में 82 नए मामले दर्ज होने के साथ ही अब तक प्रदेश में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 339619 हो चुकी है।
बुलेटिन के अनुसार, ताजा मामलों में सर्वाधिक 38 कोविड मरीज देहरादून जिले में मिले जबकि हरिद्वार,टिहरी और उधमसिंह नगर जिले में छह-छह मामले मिले।
इसके अनुसार, रविवार को दो और मरीजों ने कोविड से जान गंवा दी जिसके साथ अब तक प्रदेश में कुल 7088 लोगों की महामारी से मृत्यु हो चुकी है। प्रदेश में उपचाराधीन मामलों की संख्या 2465 है जबकि 324249 मरीज अब तक स्वस्थ हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, प्रदेश में ब्लैक फंगस या म्यूकरमाइकोसिस के छह और मामले सामने आए तथा दो अन्य मरीजों की मौत हो गई। प्रदेश में इस रोग से पीड़ित अब तक 492 मरीज मिल चुके हैं जिनमें से 92 की मृत्यु हो चुकी है।
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि अगर कथित घोटाले की जांच उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से नहीं कराई गई तो प्रदेश में एक बडा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि जल्द मांग नहीं माने जाने पर पहले सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों और उसके बाद ब्लॉक मुख्यालयों और न्याय पंचायतों में पार्टी जोरदार प्रदर्शन करेगी।
धस्माना ने कहा कि जांच के लिए सिट का गठन कर राज्य सरकार मामले को रफा—दफा करने का प्रयास कर रही है जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी जनता को बताएगी कि राज्य सरकार ने कुंभ जैसे पवित्र धार्मिक आयोजन को भी नहीं बख्शा और उसमें भी भ्रष्टाचार का खेल कर दिया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि द्वीप प्रज्वलन के साथ विधिवत रूप से शाम को 'चिंतन शिविर' के शुरू होने के मौके पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश सह प्रभारी रेखा वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी मौजूद थे।
बैठक से पूर्व संवाददाताओं से बात करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक ने बताया कि तीन दिवसीय चिंतन शिविर के दौरान राज्य की वर्तमान परिस्थिति और 2022 के चुनाव का रोड मैप तैयार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बैठक में कुल सात सत्र होंगे जिनमें चर्चा के बाद 'मिशन 2022' की रणनीति बनेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोविड को लेकर भाजपा कर्यकर्ताओ ने बूथ स्तर तक लोगों को मेडिकल से लेकर हर जरुरत के लिए मदद का हाथ बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इस पर चर्चा इसलिए जरूरी है क्योंकि विपक्षी दल महज अपने पोस्टर चस्पा करने को सेवा मानते रहे और धरना प्रदर्शन तक सीमित रहे।
उन्होंने कहा कि विपक्ष महज खामियों की तलाश और उसे तूल देने की फिराक में रहा और सेवा कार्यों के लिए उसके पास वक़्त नहीं रहा। उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष लोगों के बीच भय का वातावरण बनाने और टूल किट जैसी साजिश को तैयार रहा। इसका प्रतिकार किस तरह हो, यह शिविर में चर्चा का विषय होगा।’’
इससे पहले, रविवार को सुबह से विभिन्न कार्यक्रम व बैठकों का दौर चलता रहा। उसके बाद हुई टोली बैठक में प्रदेश अध्यक्ष कौशिक, मुख्यमंत्री रावत, प्रदेश प्रभारी गौतम, प्रदेश सह प्रभारी रेखा वर्मा और तीनों प्रदेश महामंत्री शरीक हुए।
जांच की पुष्टि करते हुए पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस प्रवक्ता अभिनव कुमार ने बताया कि पौड़ी की पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब समाचार माध्यमों में प्रसारित हुआ कि डीआईजी गढवाल के आवास में पेड़ पर लगे सेबों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों को मुस्तैदी से डयूटी करने संबंधी एक पत्र जारी किया गया है।
इस मामले में एक कथित पत्र भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ जिसमें कहा गया है कि उक्त आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए अन्यथा आवास में स्थित सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक, पौडी जिले के सतपुली क्षेत्र के सकनोली गांव में मुख्यमंत्री ने दिवंगत जवान के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना भी दी और कहा कि नेगी के परिजनों को राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जाएगी। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि दिवंगत जवान के गांव की सडक का डामरीकरण किया जाएगा और इसका नाम शहीद मनदीप नेगी मार्ग रखा जाएगा।
प्रदेश के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी और कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने भी नेगी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
जम्मू—कश्मीर के गुलमर्ग में मातृभूमि के लिए अपना फर्ज निभाते हुए 23 वर्षीय नेगी की शुक्रवार को मृत्यु हो गई थी ।
पुलिस उपमहानिरीक्षक नीलेश भरणे ने यहां संवाददाता सम्मलेन में बताया कि प्रदेश भर में दर्ज साइबर अपराध की शिकायतों पर कार्रवाई के लिए एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीमें बनाई गईं। जांच में पता चला कि इस प्रकार के अपराध मेवात क्षेत्र जैसे पलवल व नूह (हरियाणा), भरतपुर व अलवर (राजस्थान), जामतारा (झारखंड), पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से संचालित हो रहे हैं।
अधिकारी ने बताया कि इन अपराधियों की तलाश एवं गिरफ्तारी के लिए राज्य के दोनों मण्डलों, गढवाल एवं कुमाउ से संयुक्त टीमें मौकों पर रवाना की गयीं जिन्होंने पिछले 10 दिनों में कार्रवाई करते हुए 14 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
उन्होंने बताया कि सबसे सनसनीखेज मामले में, 15 जून को एक व्यक्ति द्वारा देहरादून कोतवाली में शिकायत की गयी कि प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, आईपीएस, की फर्जी आईडी से एक अज्ञात व्यक्ति ने उसके फेसबुक मैसेंजर पर गूगल पे या पेटीएम के माध्यम से 10,000 रुपये की मांग की है।
अधिकारी ने बताया कि पैसे देने के लिए उपलब्ध कराए गए गूगल पे और पेटीएम नंबरों की जांच से पता चला कि उक्त मोबाइल नंबर राजस्थान के भरतपुर में चल रहा है जो उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के भगेली गांव के रामलखन के नाम दर्ज है। पूछताछ में रामलखन ने बताया कि गरीबी रेखा के डिजिटल कार्ड बनाने के लिए उनके गांव में आयी एक टीम ने उसके तथा उसके अन्य गांव वालों के हस्ताक्षर और आईडी लिए थे।
इस बीच, यह भी पता चला कि उक्त फेसबुक आईडी राजस्थान के भरतपुर से शेर मुहम्मद के नंबर से संचालित हो रही है। मौके पर गई एसटीएफ की टीम को पता चला कि शेर मुहम्मद की 21 अप्रैल को मृत्यु हो चुकी है लेकिन उसका दामाद इरशाद फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों से धोखाधड़ी करने वाला गिरोह चला रहा है।
पुलिस ने बताया कि इरशाद के साथ उसका भाई अरशद एवं शेर मुहम्मद का पुत्र जाहिद भी इस धोखाधड़ी में शामिल थे। पुलिस ने जाहिद और इरशाद को शनिवार को गिरफ्तार किया और उस वक्त फरार हो गए अरशद को रविवार को सहारनपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि एक अन्य मामले में, ओएलएक्स पर आल्टो कार बेचने वाले एक व्यक्ति ने खुद को सेना का अफसर बताकर नैनीताल निवासी खरीददार से डिलीवरी व अन्य शुल्कों के रूप में एक लाख तीन हजार रुपये ले लिए। नैनीताल में ही एक अन्य व्यक्ति ने भी ऐसी ही शिकायत दर्ज कराई है। दोनों प्रकरणों में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मथुरा व राजस्थान के भरतपुर से चार अपराधियों को गिरफ्तार किया।
उन्होंने बताया कि एक अन्य शिकायत में, एक व्यक्ति ने व्हाटसएप पर दोस्ती कर शिकायतकर्ता से उसकी फोटो ले ली और उसे एडिट कर अश्लील फोटो तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करने का प्रयास किया। इस संबंध में भरतपुर के छोटी सीकर निवासी आकाश को गिरफ्तार किया गया है।
उत्तराखंड के इन्हीं तीन जिलों में चारधाम स्थित हैं।
पौड़ी और टिहरी जिलों को भी अतिरिक्त खुराक उपलब्ध कराई गई, जो चारधाम के रास्ते में पड़ते हैं।
एक अधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर इन जिलों को टीकों की अतिरिक्त खुराक उपलब्ध कराई गई है।
बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री चारधाम यात्रा से जुड़े हर किसी को प्राथमिकता आधार पर टीका लगाना चाहते हैं, जिनमें पुजारी, दुकानदार, सड़क किनारे ढाबा चलाने वाले लोग, स्थानीय बाशिंदे, ट्ट्टू के संचालकों, कैब चालक आदि शामिल हैं।
बयान में कहा गया है कि चमोली को 5,000, उत्तरकाशी को 10,000 और रूद्रप्रयाग को 5,000 खुराक उपलब्ध कराई गई है।
चमोली में बद्रीनाथ, उत्तरकाशी में गंगोत्री और यमुनोत्री तथा रूद्रप्रयाग में केदारनाथ स्थित है।
राज्य मंत्रिमंडल ने स्थानीय लोगों के लिए एक जुलाई से चारधाम यात्रा आंशिक रूप से शुरू करने का शुक्रवार को फैसला किया था।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद और रोडवेज कर्मचारी यूनियन द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से इस मुद्दे पर फैसले के लिए सोमवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक बुलाने तथा मंगलवार को अदालत को जवाब देने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वेतन का भुगतान न करना कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकार के खिलाफ है। अदालत ने मंत्रिमंडल द्वारा इस मामले को शुक्रवार को देखे जाने की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए जिसमें चारधाम तीर्थयात्रा को स्थानीय लोगों के लिए खोले जाने को लेकर फैसला किया गया।
अदालत ने पूछा, “जब तक रोडवेज कर्मचारियों का बकाया वेतन नहीं दिया जाता तब तक क्यों न उत्तराखंड के वित्त और पर्यटन सचिव के वेतन रोक दिए जाएं?”
वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये हुई सुनवाई में मुख्य सचिव ओम प्रकाश, वित्त सचिव अमित नेगी, पर्यटन सचिव रंजीत सिन्हा और परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक अभिषेक रुहिला शामिल हुए।
जनहित याचिका में कहा गया, “अगर रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं तो उन पर आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) के तहत आरोप लगाए जाते हैं, इसलिये उनके पास अपनी मांगों को लेकर अदालत आने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा था।”
नैनीताल के पूर्व वन्यजीव वार्डन दिनेश पांडेय ने कहा, “हर साल जून से मध्य नवंबर तक करीब चार महीनों के लिये बाघ अभयारण्य को बंद रखने का नियम सभी पहलुओं पर विचार के बाद बनाया गया था। महज आय बढ़ाने के लिये उन्हें साल भर आगंतुकों के लिये खोलना पशुओं के साथ क्रूरता का कृत्य होगा। वन्य जीवों के हित में इस फैसले का हम कानूनी रूप से और अन्य सभी मंचों पर भी विरोध करेंगे।”
उन्होंने कहा कि भारत या विदेशों में भी वन्य जीव पर्यटन पूरे साल खुला नहीं रहता।
उत्तराखंड के वन एवं पर्यावरण मंत्री हरक सिंह रावत ने हाल में घोषणा की थी कि कॉर्बेट और राजाजी बाघ अभयारण्य अब साल भर आगंतुकों के लिये खुले रहेंगे।
इन दोनों बाघ अभयारण्यों का एक बड़ा हिस्सा नैनीताल और हरिद्वार जिलों में स्थित है। यह दोनों अभयारण्य हर साल 30 जून से मध्य नवंबर तक आगंतुकों के लिये बंद रहते हैं।
मंत्री ने कहा कि दोनों बाघ अभयारण्य को साल भर खुला रखने का फैसला वन विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद लिया गया और इसका मकसद आय बढ़ना था जो कि बीते डेढ़ सालों के दौरान कोविड महामारी के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है।
वन्यजीव विशेषज्ञ और कार्यकर्ता हालांकि मानते हैं कि यह फैसला जानवरों के लिए ठीक नहीं है क्योंकि मानसून उनके लिये प्रजनन काल होता है और आगंतुकों की भीड़ उन्हें परेशान कर सकती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि इससे जानवरों और इंसानों के बीच संघर्ष की स्थिति के मामले भी बढ़ सकते हैं।
वाइल्डलाइन प्रोटेक्शन सोसाइटी ऑफ इंडिया के प्रदेश प्रमुख राजेंद्र अग्रवाल कहते हैं, “प्रदेश सरकार को अभयारण्यों को साल भर खोलने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए क्योंकि हाथियों समेत कई जंगली जानवरों के लिए मानसून प्रजनन का समय होता है और वे साथियों की तलाश में जंगल में स्वतंत्र रूप से घूमते हैं।”
उन्होंने कहा, “इस मौसम के दौरान जानवरों और इंसानों दोनों की जंगल में आवाजाही से इंसान और पशुओं के बीच संघर्ष की स्थिति भी बढ़ सकती है।” उन्होंने कहा कि इससे पशुओं के व्यवहार में बदलाव आ सकता है और उन्हें ज्यादा आक्रामक बना सकता है।
मुख्य वन संरक्षक (अनुसंधान) संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि इस उद्यान का नाम ‘भारत वाटिका’ रखा गया है। इसका उद्घाटन विद्यालय में पढ़ने वाली दो लड़कियों ने शनिवार को किया।
उन्होंने बताया कि यहां 28 राज्यों और पांच केंद्रशासित प्रदेशों की 24 प्रजातियों के वृक्ष हैं। उन्होंने कहा कि इसमें आम, बरगद, पीपल, नारियल और साल के ऐसे वृक्ष हैं, जो कई राज्यों में पाए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि यह एक अद्भुत पहल है क्योंकि देश में यह पहला ऐसा स्थान हैं, जहां देश के अलग-अलग राज्यों के पेड़ एक जगह मिल जाएंगे। उन्होंने कहा कि पीपल, सीता-अशोक और बरगद के अलावा यहां नाग-केसर या आयरन वुड (मिजोरम), चिनार (कश्मीर), चंदन (कर्नाटक). बेहद सुगंधित अगरवुड वृक्ष (त्रिपुरा), ब्रेडरूट (लक्षद्वीप), एलेस्टोनिया (पश्चिम बंगाल) पुडॉक (अंडमान-निकोबार) जैसे वृक्ष यहां हैं।
ऑनलाइन वीडियो प्लेटफॉर्म Vimeo जब पिछले महीने अमेरिकी स्टॉक एक्स्चेंज नैस्डैक (Nasdaq) पर लिस्ट हुआ वो दिन न सिर्फ अंजलि सूद के लिए महत्वपूर्ण था बल्कि हर भारतीय के लिए गर्व का दिन था.
मंत्रिमंडल के निर्णय की जानकारी देते हुए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने बताया कि एक जुलाई से चमोली जिले के निवासी बद्रीनाथ मंदिर, रूद्रप्रयाग जिले के निवासी केदारनाथ तथा उत्तरकाशी जिले के निवासी गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे।
उन्होंने हालांकि, कहा कि मंदिरों के दर्शन के लिए प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या निश्चित की जाएगी जबकि कोविड की आरटी-पीसीआर या एंटीजन रैपिड जांच रिपोर्ट जरूरी होगी।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को व्यवस्थित करने और देवस्थानम बोर्ड और जिला प्रशासन से समन्वय के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी जो कोविड से संबंधित मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) को लागू करने के लिए निगरानी का कार्य भी करेगा। उन्होंने कहा कि मंदिरों में दर्शन के लिए अलग से एसओपी भी जारी की जाएगी।
यह पूछे जाने पर कि क्या चारधाम यात्रा पूरे प्रदेश के निवासियों के लिए पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार 11 जुलाई से खोली जाएगी, मंत्री ने कहा कि इसका फैसला कोविड की स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
उनियाल ने कहा, ‘‘अभी कोविड की तीसरी लहर और वायरस के डेल्टा प्रकार की आशंका है।इस बारे में कोई फैसला लेने से पहले सभी स्थितियों पर गौर किया जाएगा।’’
कुमांउ क्षेत्र में स्थित कार्बेट और गढवाल क्षेत्र में स्थित राजाजी टाइगर रिजर्व हर साल 30 जून से 15 नवंबर तक पर्यटकों के लिए बंद रहता है।
रावत ने बताया कि दोनों टाइगर रिजर्व (बाघ अभयारण्य)को वर्ष भर खुला रखने का निर्णय वन विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि टाइगर रिजर्व को वर्ष भर खोला जाना कोविड महामारी के कारण पिछले डेढ साल से अधिक समय से बुरी तरह से प्रभावित हुई विभाग की आमदनी को बढ़ाने की योजना का हिस्सा है।
मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य वन्यजीव प्रेमियों के लिए इको टूरिज्म जोन को खोलना तथा कोविड महामारी के समय आजीविका के ज्यादा विकल्प उपलब्ध कराना है।
हालांकि, वन्यजीव कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह निर्णय जानवरों के लिए अच्छा नहीं है क्योंकि मानसून उनके लिए प्रजनन का समय होता है और पर्यटकों की भीड़ उन्हें परेशान कर सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति भी बन सकती है।
इस संबंध में मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग ने कहा कि रिजर्व हालांकि वर्ष भर पर्यटकों के लिए खुले रहेंगे लेकिन पर्यटकों को उन्हीं क्षेत्रों में जाने की अनुमति होगी जहां जानवरों के जीवन के लिए खतरा न हो।
यहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, ताजा मामलों को मिलाकर अब तक प्रदेश में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 339373 हो चुकी है। नए मामलों में सर्वाधिक 48 कोविड मरीज देहरादून जिले में मिले जबकि अल्मोड़ा में 22, हरिद्वार में 14 और नैनीताल में नौ मामले सामने आए।
इसके अलावा, अब तक प्रदेश में कुल 7083 लोग महामारी से अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रदेश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 2627 हैं जबकि 323855 मरीज अब तक स्वस्थ हो चुके हैं ।
इस बीच, प्रदेश में ब्लैक फंगस या म्यूकोरमाइकोसिस के पांच और मामले सामने आए तथा दो अन्य मरीजों की मौत हो गई । प्रदेश में इस रोग से पीड़ित अब तक 483 मरीज मिल चुके हैं जिनमें से 90 की मृत्यु हो चुकी है ।
इन दोनों ट्रैकरों में से एक स्लोवीनिया का रहने वाला 35 वर्षीय अलिओशा है जबकि दूसरा पंजाब का 29 वर्षीय हरप्रीत है । बृहस्पतिवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि घांघरिया—हेमकुंड रूट पर ट्रेकिंग के लिए गए दो विदेशी सहित चार ट्रैकरों में से दो सकुशल वापस आ गए लेकिन एक विदेशी सहित दो अन्य लापता हो गए हैं और उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के निर्देश पर एसडीआरएफ की एक टीम शुक्रवार सुबह पांच बजे ट्रैकरों की तलाश के लिए रवाना हुई जहां गहन खोज के बाद दोनों ट्रैकर हेमकुंड के समीप मिल गए। टीम ने सेटेलाइट फ़ोन द्वारा अभियान सफल होने की सूचना देते हुए उच्चाधिकारियों को बताया कि दोनों ट्रैकर पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं और फिलहाल थोड़े घबराए हुए भी हैं और उन्हें सुरक्षित वापस लाया जा रहा है ।
पुलिस ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित इन ट्रैक रुटों से इधर—उधर होने या अस्वस्थता की स्थिति में प्रतिकूल मौसम और विषम परिस्थिति होने के कारण किसी अनहोनी की आशंका से भी इंकार नही किया जा सकता था ।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने उपवास शुरू करने से पहले कहा कि कुंभ में फर्जी कोविड जांच घोटाले के खिलाफ 27 जून को प्रदेश के सभी जिलों में राज्य सरकार का पुतला दहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कुंभ घोटाले की जांच उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से करवाए और अगर हमारी मांग नहीं मानी गई तो कांग्रेस पार्टी आने वाले समय में आंदोलन करेगी ।
राज्य सरकार को 'हत्यारी सरकार' बताते हुए सिंह ने आरोप लगाया कि कुंभ जैसे पवित्र आयोजन में भ्रष्टाचार से देश के अंदर कोरोना की महामारी फैली और कई लोगों ने अपने परिजनों को खो दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के लिए विशेष जांच दर (एसआईटी) का गठन कर राज्य सरकार मामले को रफा—दफा करने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस के हमले का जवाब देते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि मामले के संज्ञान में आते ही सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया और इस पर तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उपवास महज एक नौटंकी है जिसके जरिए वह विपक्ष के तौर पर अपनी विफलता को छुपाने का प्रयास कर रही है ।