देहरादून, तीन अक्टूबर (भाषा) केन्द्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल ‘‘निशंक’’ ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस द्वारा कृषि कानूनों का विरोध करने से उसका ‘‘दोहरा चरित्र’’ उजागर हुआ है। उन्होंने कांग्रेस को 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी के घोषणा पत्र में की गई उनकी उस प्रतिबद्धता को याद दिलाया कि यदि वह सत्ता में आये तो कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) अधिनियम को रद्द करेंगे और कृषि व्यापार को प्रतिबंधों से मुक्त रखा जायेगा। उन्होंने पूछा कि केन्द्र सरकार द्वारा किसानों को कृषि कानूनों के माध्यम से ‘‘मजबूत’’ किए जाने पर पार्टी को क्या परेशानी है। उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्र में कृषि उपज बाजार समिति अधिनियम को रद्द करने की बात कही थी। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अब जब केन्द्र सरकार ने किसानों को मजबूत बनाने के लिए अधिनियम में संशोधन किया है तो कांग्रेस उन्हें गुमराह कर रही है।’’ पोखरियाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि अब जब केन्द्र द्वारा किसानों को मजबूत करने के उद्देश्य से कदम उठाये जा रहे है तो कांग्रेस को परेशानी हो रही है। केन्द्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर नये कानूनों के बारे में ‘‘झूठ फैलाने और किसानों को गुमराह’’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी किसानों के प्रति सहानुभूति रखती है, जैसा कि वह दावा करती है, तो उसे यह बताना चाहिए कि उसने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू क्यों नहीं किया था जिसे आखिरकार मोदी सरकार ने लागू किया था।
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