नंदप्रयाग-घाट क्षेत्र के लगभग 70 गांवों के ग्रामीण महीनों से सड़क के इस हिस्से को डेढ़ लेन का करने की मांग को लेकर आंदोलनरत थे।
क्षेत्र की इस मांग को लेकर थराली क्षेत्र की विधायक मुन्नी देवी शाह ने मुख्यमंत्री रावत से मुलाकात कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया।
विधायक ने बताया कि सिंगल लेन सड़क होने के कारण नंदप्रयाग-घाट क्षेत्र के ग्रामीणों को भारी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। साथ ही संकरे मार्ग पर दुर्घटनाओं का खतरा रहता है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिये जनता सबसे बढ़कर है और जनहित में हर मुमकिन काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रावत ने अधिकारियों को घोषणा के संबंध में जल्द शासनादेश जारी करने के भी निर्देश दिए।
इस वर्ष मार्च में अपनी इसी मांग को लेकर गैरसैंण में चल रहे बजट सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करने जा रहे ग्रामीणों का पुलिस से संघर्ष हो गया था और पुलिस को ग्रामीणों पर हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा था।
इस मुद्दे को लपकते हुए विपक्षी कांग्रेस ने तत्कालीन त्रिवेंद्र सरकार से माफी की मांग की थी।
यहां राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि आक्रोशित ग्रामीणों पर लाठीचार्ज भी पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की पद से विदाई के कई कारणों में से एक रहा।
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