हरिद्वार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत शुक्रवार को हरिद्वार दौरे पर थे। मुख्यमंत्री पर बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने विहिप की बैठक में बोलते हुए हुए संतों को आश्वासन दिया कि देवस्थानम बोर्ड पर पुनर्विचार किया जाएगा और जल्द ही सरकार इस पर तीर्थ पुरोहितों और संतों के साथ बैठक कर गंभीरता से विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम को लेकर आदिगुरु शंकराचार्य की ओर से स्थापित परम्पराओं को जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि देवस्थानम बोर्ड में शामिल किए गए 51 मंदिरों को बोर्ड से मुक्त कर दिया जाएगा और देवस्थानम बोर्ड के बारे में पुनर्विचार किया जाएगा। इस बारे में उनकी सरकार गंभीरता से विचार करेगी और जल्दी ही चार धामों के तीर्थ पुरोहितों की बैठक बुलाई जाएगी। 'मेरे हाथ में जो होगा वह मैं करूंगा' उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकार को उनकी सरकार किसी को भी छीनने नहीं देगी। मुख्यमंत्रीरी तीरथ सिंह रावत ने कहा कि चार धामों के बारे में शंकराचार्यों ने प्राचीन काल से जो व्यवस्था की है, उसका पूरी तरह पालन किया जाएगा। उसमें कोई छेड़छाड़ नहीं होगी और ना ही किसी के अधिकारों में कटौती होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में जो भी मेरे हाथ में होगा, वह मैं करूंगा, संतों को निराश नहीं होने दूंगा।
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