महंत को सोमवार देर रात एम्स अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती किया गया जहां प्रारंभिक जांच के बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
उनकी देखरेख में लगे चिकित्सकों ने बताया कि महंत मधुमेह के रोगी हैं तथा उन्हें बुखार और खांसी की भी शिकायत है। सामान्य जांच के बाद उनका उपचार शुरू कर दिया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर है।
रविवार को महंत गिरी की जांच रिपोर्ट में उनके संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी।
इससे पहले, शुक्रवार देर रात तबीयत खराब होने के बाद 70 वर्षीय संत को हरिद्वार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनकी कुशल क्षेम पूछने के लिए महाकुंभ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे थे।
कोविड-19 से पीड़ित होने के कारण महंत नरेंद्र गिरी सोमवार को सोमवती अमावस्या के पर्व पर महाकुंभ के दूसरे शाही स्नान में हिस्सा नहीं ले पाए थे और अब वह बुधवार को बैसाखी पर होने वाले तीसरे शाही स्नान में भी डुबकी नहीं लगा पाएंगे।
निरंजनी अखाड़े के महंत नरेंद्र गिरी के अलावा अन्य अखाड़ों से जुडे कई अन्य संत भी कोविड-19 की चपेट में आए हैं।
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