शुक्रवार, 5 जून 2020

उत्तराखंड: 16 साल के लड़के ने पिता पर कराई FIR, कहा- समलैंगिक हूं, फिर भी नाबालिग लड़की से जबरन करा दी शादी

नैनीताल उत्तराखंड की नैनीताल पुलिस ने गुरुवार को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी के 16 साल के बेटे की ओर से बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को एक पत्र लिखकर दावा किया गया था कि वह समलैंगिक है, फिर भी उसके पिता ने उसे 16 साल की रामपुर की रहने वाली एक लड़की से शादी करने के लिए मजबूर किया। लड़के की ओर से सीडब्ल्यूसी को लिखे गए पत्र और पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार, उसने 20 मार्च को लड़की से शादी की थी। पत्र में उसने लिखा है, 'मैं समलैंगिक हूं और मेरे पिता को यह बात पता थी। फिर भी मेरे पिता मुझे उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के टांडा ले गए और वहां एक बैंक्वेट हॉल में मेरी शादी लड़की से कर दी। लड़की की उम्र भी 16 साल है और मैं अपने पिता से विनती करती रहा कि मैं उससे शादी नहीं करना चाहता, लेकिन मेरे माता-पिता ने मेरी बात नहीं मानी। मुझे धमकी भी दी गई कि अगर मैंने उससे शादी नहीं की तो मुझे मार दिया जाएगा। आखिरकार मेरी जबरन शादी करा दी गई।' 'रिश्तेदार दे रहे धमकी' अपने परिवार के साथ नैनीताल के मल्लीताल इलाके में रहने वाले लड़के ने कहा कि पुलिस को उसके पिता और उसे मजबूर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। लड़के ने कहा, 'मैंने लड़की से जबरदस्ती शादी की थी और मैं अभी भी डरा हुआ हूं क्योंकि मेरे माता-पिता और रिश्तेदारों ने मुझे धमकी दी है। मैं इस मामले में कार्रवाई करने की विनती करता हूं।' 'पिता पर दर्ज हुई एफआईआर' वहीं, पुलिस ने हमारे सहयोगी समाचार पत्र टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि युवक के पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और उन पर बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। मल्लीताल थाने के एसएचओ अशोक कुमार ने कहा, 'लड़के ने सीडब्ल्यूसी को लिखा था और फिर उसने पुलिस में भी शिकायत की। हमने उसके पिता के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अधिनियम की धारा 3 और 10 के तहत एफआईआर दर्ज की है।'


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