नैनीताल उत्तराखंड में लगातार धधक रहे जंगलों के धुएं के कारण सरोवर नगरी नैनीताल की विजिबिलिटी काफी कम हो गई है, जिसके चलते आग बुझाने के लिए बुलाए गए सेना के हेलीकॉप्टर मंगलवार को नैनीझील और भीमताल की झील से पानी नहीं भर पाए। आसमान में छाए धुएं के कारम जंगलों में लगी भीषण आग को बुझा पाना वन महकमे और सेना के लिए मुश्किल होता जा रहा है। धुएं की वजह से विजिबिलिटी शून्य तक पहुंच गई है। बीते कई दिनों से उत्तराखंड के जंगल लगातार भीषण आग की चपेट में आ रहे हैं, जिसकी वजह से पर्वतीय क्षेत्रों सहित मैदानी इलाकों में भी धुएं की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती जा रही है। आग पर काबू पाना मुश्किल होता जा रहा है वहीं, आग को काबू में करने के लिए जहां वन महकमा हर सम्भव प्रयास कर रहा है तो वहीं आग के कारण हालात बेकाबू होने के कारण राज्य सरकार द्वारा केंद्र से सहयोग मांगा गया था, जिस पर केंद्र सरकार ने सेना के हेलीकॉप्टर भेजे थे। लेकिन धुएं के कारण नैनीताल झील औ भीमताल झील से हेलीकॉप्टर पानी नहीं भर पा रहे हैं। इससे आग पर काबू पाना मुश्किल नजर आ रहा है। 250 वन कर्मी और 13 गाड़ियां आग बुझाने में लगी हैं नैनीताल सीसीएफ कपिल जोशी ने बताया कि आग पर काबू पाना चुनौती भरा है। 250 वन कर्मी और 13 गाड़ियां आग बुझाने के काम में लगी हुई हैं। वहीं, वन विभाग प्रयासरत है कि आग नैनीताल के बांज के जंगलों में न फैले, इसके लिए अतिरिक्त फोर्स की सहायता ली जा रही है, जबकि वन विभाग के आलाधिकारियों द्वारा आग पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है। हेलीकॉप्टर से आग बुझाई जा रही थी। लेकिन जंगलों से निकल रहे धुएं के कारण विजिबिलिटी की समस्या हो रही है, जिससे हेलीकॉप्टर झील से पानी नही भर पा रहे हैं।
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