अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने मुख्य सचिव की मौजूदगी पर आपत्ति प्रकट करते हुए कहा कि गंगा पूजन में केवल हरिद्वार के जिलाधिकारी, मेलाधिकारी, मेला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुख्यमंत्री, अखाड़ा परिषद और गंगा सभा के अलावा और किसी को आने का अधिकार नहीं है ।
हालांकि, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा संतों को नमन कर शांत होने का आग्रह करने पर संत शांत हो गए ।
बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए महंत गिरी ने कहा कि मुख्य सचिव के कारण ही पूरा कुंभ मेला बिगड़ा है।
महंत ने कहा कि उनका मेले में पूजन में आने का कोई कार्यक्रम नहीं था, फिर भी वह आए। उन्होंने कहा कि यह गलत परंपरा है ।
श्री गंगा सभा की ओर से महाकुंभ—2021 के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर हुए महापूजन में मुख्यमंत्री रावत के साथ ही श्रीगंगा सभा के पदाधिकारियों और 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि साधु-संतों ने अपने-अपने स्थान पर कलश, शंख, घंटी एवं पूजन सामग्री के साथ मां गंगा का पूजन किया ।
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