देहरादून के परिवार के पांच सदस्यों को एम्स अस्पताल से डिस्चार्ज कर उन्हें होम क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी है। यह सभी सदस्य अस्पताल प्रशासन के अनुसार एसिम्टमैटिक (जिस व्यक्ति में रोग के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हों) थे। इसी कारण केंद्र सरकार की गाइड लाइन के आधार पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और उनकी पत्नी अमृता रावत अभी भी एम्स में ही भर्ती हैं। एम्स ऋषिकेश के संकायाध्यक्ष प्रो. यूबी मिश्रा के अनुसार, उनकी पत्नी समेत परिवार के सात सदस्यों को कोरोना संक्रमित पाए जाने पर एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया था, जहां सभी सदस्यों की विस्तृत जांच की गई। प्रो. यूबी मिश्रा ने बताया कि परिवार के इन सदस्यों को सोमवार शाम डिस्चार्ज कर दिया गया है। उन्हें होम क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी गई है, ऐसे मरीज, जिनमें कोविड के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइड लाइन के तहत होम क्वारंटाइन में रखा जा सकता है। इसलिए उनके व्यक्तिगत आग्रह पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। स्टाफ के 18 लोगों की रिपोर्ट आई नेगेटिव बता दें कि शनिवार को कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की पत्नी अमृता रावत में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद रविवार को कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, उनके परिवार और स्टाफ के 22 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें महाराज, उनका एक बेटा, दोनों बहुएं और चार साल के पोते के अलावा स्टाफ के 17 लोग शामिल थे। बड़े बेटे की दोबारा से कोरोना जांच कराई जाएगी। वहीं, महाराज के स्टाफ के 18 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई।
from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/3gFVZxb
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें