बुधवार, 17 जून 2020

महीनों से बिना वेतन काम कर रहे कोरोना योद्धा, वेतन के लिए प्रदर्शन को मजबूर स्टाफ नर्स

पुलकित शुक्ला देहरादून/ हरिद्वार उत्तराखंड आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में जनवरी में नियुक्ति पाने वाली 30 स्टाफ नर्सों को पिछले 5 महीनों से वेतन नहीं मिला है। आर्थिक तंगी से जूझ रहीं ये सभी स्टाफ नर्स कॉलेज प्रशासन और यूनिवर्सिटी से वेतन देने की गुहार लगा चुकी हैं, लेकिन नर्सों को वेतन नहीं मिल पाया है। ये सभी 30 नर्स हरिद्वार के ऋषिकुल, गुरुकुल और देहरादून के हररावाला तीनों यूनिवर्सिटी परिसर में सेवाएं दे रही हैं। हरिद्वार के ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज में तैनात दर्जनभर नर्स सांकेतिक विरोध प्रदर्शन भी कर रही हैं। कोरोना से लड़ने में फ्रंट लाइन पर अपनी भूमिका निभा रहे स्वास्थ्य कर्मियों को लेकर प्रदेश सरकार कितनी सजग है, इसका अंदाजा हरिद्वार के ऋषिकुलऔर गुरुकुल आयुर्वेद कॉलेज में दिन रात कोरोना मरीजों की ड्यूटी में तैनात स्टाफ नर्स की हालत को देखकर लगाया जा सकता है। ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज को आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है। ऐसे में यहां कोरोना संक्रमित मरीज पहुंचने पर उनका इलाज भी किया जा रहा है। लेकिन विडंबना यह है की कोरोना महामारी से फ्रंट लाइन पर लड़ने वाली स्टाफ नर्सों को पिछले 5 महीनों से वेतन नहीं दिया गया है। इन स्टाफ नर्सों की तैनाती जनवरी में ऋषिकुल, गुरुकुल और देहरादून के हररावाला आयुर्वेद कॉलेज में की गई थी। तब से दिन-रात अपनी ड्यूटी निभा रही स्टाफ नर्सों को वेतन के नाम पर कुछ भी नहीं मिला है। लगातार यूनिवर्सिटी प्रशासन से वेतन मांगने पर भी जब उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने कॉलेज परिसर में हाथ में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहीं नर्स मधु राणा, ममता कठैत और सरोज ने बताया कि पिछले लगभग 6 महीने से उन्हें वेतन नहीं मिला है। जिसकी वजह से उनके सामने आर्थिक संकट आ खड़ा हुआ है। जल्द से जल्द उनका वेतन बहाल किया जाना चाहिए। सफाई कर्मियों को भी वेतन नहीं उत्तराखंड आयुर्वेद यूनिवर्सिटी इन दिनों अव्यवस्थाओं से गुजर रही है। यूनिवर्सिटी के ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज कैंपस हरिद्वार में तैनात सफाई कर्मियों ने भी 3 महीने से वेतन ना मिलने की समस्या को उजागर किया। सफाई कर्मी परवीन, जयपाल और लता ने बताया कि वह दैनिक वेतन भोगी हैं और पिछले 3 महीने से उन्हें वेतन नहीं मिला है। जिसकी वजह से उनका गुजारा मुश्किल हो रहा है। पूरे मामले पर यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ माधवी गोस्वामी का कहना है कि पिछले कुछ समय से वित्त नियंत्रक के ना होने से कुछ अव्यवस्थाएं हुई हैं हाल ही में नए वित्त नियंत्रक ने पदभार संभाला है। अब जल्द से जल्द वेतन और अन्य भुगतान किए जाएंगे।


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