इस मामले ने तब तूल पकड़ा, जब उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के आंवला से सांसद कश्यप का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह जागेश्वर मंदिर के पुजारियों के साथ कथित अभद्र भाषा का प्रयोग करते दिखाई दे रहे हैं।
जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के प्रबंधक भगवान भट्ट ने बताया कि घटना के बारे में उन्होंने अल्मोड़ा के जिलाधिकारी को अपनी शिकायत दी थी और उनके आदेश पर राजस्व क्षेत्र में प्राथमिकी दर्ज करा दी गयी है।
भट्ट ने बताया कि शनिवार शाम सांसद अपने कुछ सहयोगियों के साथ पूजा-अर्चना के लिए जागेश्वर मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद की पूजा समाप्त होने के बाद मंदिर प्रबंधन ने उन्हें मंदिर के शाम छह बजे बंद होने की जानकारी देते हुए उनसे वहां से बाहर जाने का आग्रह किया। आरोप है कि इस बात पर सांसद भड़क गए और उन्होंने गाली-गलौज की। दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने पर सांसद वहां से चले गए।
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति, पुजारी और अन्य स्थानीय लोगों के अलावा कांग्रेस ने भी सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
धार्मिक स्थल पर कथित तौर पर अपशब्दों के प्रयोग को मंदिर की मर्यादा के विरूद्ध बताते हुए जागेश्वर धाम के स्थानीय लोग क्षेत्रीय विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल के साथ मंदिर परिसर में उपवास पर बैठ गए।
कुंजवाल ने कहा कि सांसद ने धार्मिक स्थल पर अभद्र भाषा का उपयोग कर उसकी मर्यादा और गरिमा के विपरीत आचरण किया है जिसके लिए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस बीच, भाजपा की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष मदन कौशिक ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि वह मामले की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। हांलांकि, उन्होंने साफ किया कि ऐसे पवित्र स्थान पर ऐसे आचरण को जायज नहीं ठहराया जा सकता, चाहे उसे करने वाला कोई भी क्यों न हो।
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