अखिल भारतीय की में हुई बैठक में किन्नर अखाड़े को फर्जी बताए जाने के फैसले से अखाड़ा परिषद में ही विवाद पैदा हो गया है। अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरि महाराज ने रविवार को इस फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किन्नर अखाड़े का साथ किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा और वह जूना अखाड़ा के साथ ही इस साल होने वाले हरिद्वार में स्नान करेगा। हरिगिरि महाराज ने जोर देकर कहा, ‘किन्नर अखाड़ा हमारा था, हमारा है और हमारा ही रहेगा, भले ही इसके लिए हमें अखाड़ा परिषद से निकाल दिया जाए।’ उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद महामंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि वह भले ही अखाड़ा परिषद का हिस्सा ना रहें पर किन्नर अखाड़ा को नहीं छोड़ेंगे। 'किन्नर अखाड़े को साथ स्नान का वचन दिया, उसकी रक्षा करना मेरा फर्ज'हरिगिरि महाराज ने कहा कि उन्होंने किन्नर अखाड़ा को साथ स्नान का वचन दिया है उनका काम वचन की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि मैंने साल 2010 में भी स्नान छोड़ दिया था और एक बार फिर संकल्प लेते हैं कि अगर पूरी जिंदगी भी कुम्भ स्नान का अवसर नहीं मिले तो कोई दुःख नहीं होगा लेकिन वह पूरी तरह से किन्नर अखाड़े के साथ हैं।
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