देहरादून के कुछ क्षेत्रों में जमातियों की वजह से कोविड-19 महामारी के और बढ़ने के बाद राज्य की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के अंतिम सप्ताह में कठोर कदम उठाने पर विचार कर रही है। उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, सरकार रोजाना की छह घंटे की ढील की अवधि को घटाकर 3 से 4 घंटे करने वाली है। इसके अलावा 25 मार्च को लॉकडाउन लागू होने के बाद से राज्य में फंसे विदेशियों को भी यहां से निकालने की कोशिशें जारी हैं। सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे के बीच ढील दिये जाने वाले समय में गलियों और बाजारों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार समय पर पाबंदी लगा सकती है और जरूरी सामग्री खरीदने बाहर आ रहे लोगों के लिए नई समय सारणी की घोषणा हो सकती है। उत्तराखंड सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘मुख्यमंत्री के साथ शीर्ष अधिकारियों की बैठक में बताया गया है कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं, खासकर फल और सब्जी बाजार में। इसके अलावा, छोटे शहरों में लोग बड़ी संख्या में गलियों और सार्वजनिक जगहों पर जमा हो रहे हैं। हम इस संबंध में जिलाधिकारियों को नया दिशानिर्देश भेजेंगे।’ इस पहाड़ी राज्य में शुरुआत में काविड-19 के मामलों की संख्या काफी कम थी, लेकिन दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से तबलीगी जमात सदस्यों के वापस आने के बाद एकाएक इस महामारी के संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो गया और यह देश में कोरोनावायरस का नया होटस्पॉट बन गया। उत्तराखंड में कोविड-19 के 31 मामलों में से, 24 जमात के लोगों के हैं। सरकार ऐसे जमातियों के संपर्कों की तलाश में है, ताकि उनकी जांच कराई जा सके। जमाती से संबंधित मामले नैनीताल, अल्मोड़ा, हरिद्वार और अन्य जिलों से भी आए हैं। हवाईअड्डे के एक अधिकारी ने कहा, ‘इसके अलावा राज्य के कई पर्यटन स्थलों में फंसे सैकड़ों विदेशी पर्यटक भी वापस लौट रहे हैं। यहां विभिन्न जिलों में फंसे 100 अमेरिकी पर्यटकों को सोमवार शाम विशेष विमान से देहरादून के जॉली ग्रांट हवाईअड्डे से दिल्ली भेजा गया।’ सूत्रों ने बताया, अनिवार्य स्वास्थ्य जांच के बाद इन विदेशी नागरिकों को विमान में सवार होने की इजाजत दी गई। पुलिस के अनुसार, अभी भी राज्य में 300 से 400 विदेशी नागरिक हरिद्वार, ऋषिकेष, नैनिताल, अल्मोड़ा में लॉकडाउन की वजह से फंसे हुए हैं। वहीं 700 से 800 विदेशी नागरिक अबतक नई दिल्ली में अपने संबंधित दूतावासों के यात्रा प्रबंध की वजह से यहां से निकल चुके हैं।
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