रविवार, 10 जनवरी 2021

Bird flu: देहरादून में एक दिन के अंदर 165 से ज्यादा पक्षियों की मौत, राज्य में अलर्ट जारी

देहरादून देहरादून में एक दिन में 165 से ज्यादा कौवों की मौत हुई है। पक्षियों के सैंपल भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) बरेली जांच के लिए भेज दिए गए हैं। वन विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कौवों की मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। हालांकि संदेह है कि पक्षियों क मौत एवियन इन्फ्लूएंजा से हुई है। देहरादून के भंडारी बाग इलाके में सबसे ज्यादा 121 कौवे मृत पाए गए। जिला वन अधिकारी (DFO) राजीव धीमान ने कहा कि जिला वन विभाग की एक टीम को इलाके का दौरा करने के लिए भेजा गया था। इलाके के निवासियों को मृत पक्षियों को न छूने की वन विभाग की टीम ने चेतावनी जारी की है। ऋषिकेश के पास मिले 40 मरे पक्षी मुख्य वन्यजीव वार्डन जेएस सुहाग ने कहा कि ऋषिकेश के पास और देहरादून के बाहरी इलाके में एक और 40 कौवे मृत पाए गए। सुहाग ने कहा कि हमने पक्षियों की मौत का सही कारण जानने के लिए मृत पक्षियों को भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, बरेली भेज दिया है। राज्य में जारी की गई अडवाइजरी उत्तराखंड सरकार ने रविवार को बर्ड फ्लू से संबंधित एक एडवाइजरी जारी की। महानिदेशक (स्वास्थ्य) की ओर से जारी अडवाइजरी में केंद्र द्वारा इस संबंध में जारी दिशानिर्देश दिए गए हैं। राज्यभर के पशु चिकित्सकों को अलर्ट रहने को कहा गया है। विभागों के बीच बैठकें सभी 13 जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ डीजी स्वास्थ्य ने बैठक की। सभी को कहा गया है कि संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करें। उन्हें पशुपालन, वन और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकें करने का निर्देश भी दिया गया है। जिलों में स्टॉक तैयार रखने के निर्देश अधिकारियों ने कहा कि राज्य में बर्ड फ्लू के मामले में अधिकारियों को कड़ी निगरानी रखनी चाहिए। लोगों में वायरस फैलने की संभावना कम से कम होनी चाहिए। डीजी स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती ने कहा कि उन्होंने जिलों को ऐंटीवायरल मेडिसिन, मास्क और पीपीई किट का स्टॉक तैयार रखने के लिए कहा गया है। इन जगहों पर निगरानी के निर्देश जल निकायों, लाइव बर्ड मार्केट, चिड़ियाघर, पोल्ट्री फार्म और अन्य के आसपास निगरानी रखे जाने के निर्देश दिए गए हैं। किसी पक्षी की संदिग्ध मौत के मामले में जिला आईडीएसपी अधिकारियों को सूचित किया जाना चाहिए।


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