बुधवार, 6 मई 2020

अल्मोड़ा के खंडहर में छिपा था गुलदार, मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने किया कैद

अल्मोड़ा लॉकडाउन (Lockdown) के चलते वाहनों, लोगों की कम आवाजाही के कारण जंगली जानवरों का रुख आबादी वाले क्षेत्रों की तरफ होने लगा है। अल्मोड़ा शहर के खत्याड़ी मोहल्ले में एक गुलदार बुधवार सुबह एक पुराने मकान के खंडहर में घुस गया। लोगों की सूचना पर मौके पर डीएफओ के नेतृत्व में वन विभाग की टीम उसे बाहर निकालने पहुंची। गुलदार को रेस्क्यू करने में वन विभाग की टीम को खासी मशक्कत करनी पड़ी। तकरीबन 9 घंटे की मेहनत के बाद वन विभाग की टीम ने गुलदार को ट्रेंकुलाइज कर पिंजड़े में बंद किया। गुलदार को देखने के लिए लोग जुटने लगे। शहर के खत्याड़ी मोहल्ले में स्थित बहादुर सिंह कनवाल के खाली पड़े पुराने घर के खंडहर में सुबह स्थानीय लोगों ने गुलदार को जाते देखा। इसके बाद शोर मचाने पर गुलदार मौका देखकर वहां से भाग निकला और एक स्थान पर छिप गया। इस बीच लोगों की भीड़ जमा होने से गुलदार फिर से उसी खाली पड़े मकान में जाकर छिप गया। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की टीम को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पढ़ें: ...फिर जंगल में छोड़ा जाएगा गुलदार रेस्क्यू शुरू करते हुए वन विभाग की टीम ने गुलदार को ट्रेंकुलाइज कर पिजड़े में पकड़ने की कोशिश की। हालांकि, गुलदार को पकड़ने में वन विभाग की टीम को काफी देर तक जूझना पड़ा। एक बार गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने में सफलता तो मिली लेकिन वह बेहोश नहीं हो पाया। इसके बाद दोबारा गुलदार को ट्रेंकुलाइज किया गया। फिर गुलदार को पिंजड़े में कैद कर वन विभाग की टीम रेस्क्यू सेंटर ले गई। गुलदार को पकड़ने में वन विभाग की टीम को 8 से 9 घंटे का समय लग गया। वन रेंजर संचिता वर्मा ने बताया कि गुलदार को तीन दिन तक वन विभाग के रेस्क्यू सेंटर में रखा जाएगा। उसके बाद गुलदार के उपचार के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा।


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