पुलकित शुक्ला, देहरादून विश्व भर में फैली कोरोना महामारी के दौर में सरकार कृषि और बागवानी की अच्छी सेहत को ध्यान में रखते हुए विदेशों से आयातित पौधों को भी क्वारंटीन करेगी। अपनी तरह का देश का पहला पौधारोपण सामग्री क्वारंटीन सेंटर उत्तराखंड में बनने जा रहा है। सरकार ने पौधों के क्वारंटीन सेंटर को स्थापित करने के लिए 20 एकड़ भूमि की तलाश भी शुरू कर दी है। सरकार देहरादून, टिहरी, नैनीताल, हरिद्वार, पौड़ी और उधमसिंह नगर जिले में भूमि की तलाश कर रही है। भूमि चिन्हित हो जाने के बाद कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की टीम निरीक्षण करने के लिए उत्तराखंड के इन जिलों में आएगी। विदेशों से मंगाए गए पौधों को क्वारंटीन करने के पीछे सरकार की मंशा ये पता लगाना है कि आयातित पौधों में कोई ऐसा रोग तो नहीं है जिससे देशी फसलों को कोई नुकसान पहुंचे। केंद्र सरकार देश में कृषि बागवानी को व्याधियों से बचाने के लिए यह पौधों का क्वारंटीन सेंटर बनाने जा रही है। इस सेंटर के लिए देश में सबसे पहले उत्तराखंड को चुना गया है। अपनी तरह का पहला पौधों का क्वारंटीन सेंटर उत्तराखंड के कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि विदेशों से आयातित पौधों में कृषि और बागवानी को नुकसान पहुंचाने वाली बीमारियों की संभावना को देखते हुए केंद्र सरकार की पौधों का क्वारंटीन सेंटर बनाने की योजना है। यह अपनी तरह का पहला पौधों का क्वारंटीन सेंटर होगा जिसमें आयात होने वाले पौधों को सबसे पहले एक निश्चित समय के लिए क्वारंटाइन किया जाएगा। उसके बाद ही किसानों को यह पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे। सेंटर को स्थापित करने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों भूमि की तलाश की जा रही है।
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