देहरादून उत्तराखंड की के हाथ बड़ी सफलता लगी है। यूपी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के फर्जी पत्र पर शस्त्र लाइसेंस लेने की कोशिश करने वाले आरोपी डॉक्टर को देहरादून पुलिस ने 26 साल बाद किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी डॉक्टर हरियाणा के पलवल में छिपा में था। साल 2006 में कोर्ट ने आरोपी के ऊपर इनाम भी घोषित किया था। आरोपी डॉक्टर देहरादून के पंडितवाड़ी का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, डीआईजी देहरादून अरुण मोहन जोशी ने वांछित और इनामी अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया हुआ है। इसमें वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीम बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। इस पर अलग-अलग टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सभी संभावित स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी क्रम में शनिवार को देहरादून पुलिस की स्पेशल टीम को सूचना मिली कि 26 साल से फरार चल रहे इनामी आरोपी डॉक्टर सुधीर उर्फ शान्ति स्वरुप तिवारी निवासी पंडितवाड़ी, थाना कैन्ट देहरादून, मौजूदा समय में हरियाणा में है। हरियाणा के पलवन से पुलिस ने किया गिरफ्तार पुलिस ने बताया कि स्पेशल टीम ने अब्रेल चैरिटेबल अस्पताल, बहरोला परवल हरियाणा में छापा मारकर आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक देहरादून श्वेता चौबे ने बताया कि आरोपी से की गई पूछताछ में उसने बताया है कि वह पहले पंडितवाड़ी में क्लिनिक चलाया करता था। लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरफ्तार होने के डर से वह देहरादून से मेरठ चला गया। मेरठ में करीब चार सालों तक इधर-उधर छिपता रहा। इसके बाद वहां से पलवल, हरियाणा चला गया। हरियाणा के अस्पताल में पीआरओ का काम कर रहा था आरोपी पुलिस ने बताया कि आरोपी डॉक्टर वर्तमान समय में हरियाणा में अब्रेल चैरिटेबल अस्पताल बहरोला में पीआरओ का कार्य कर रहा था। आरोपी का एक बेटा और एक बेटी है। बेटा विदेश में है जबकि बेटी पुणे में रहती है।
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