रविवार, 10 मई 2020

प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के वास्ते जल्द योजना लाएगी उत्तराखंड सरकार

देहरादून, 10 मई (भाषा) लॉकडाउन के बीच अपने गृह राज्य लौटे प्रवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ऋण और सब्सिडी की सुविधा देने वाली ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’ को मंजूरी देने के बाद उत्तराखंड सरकार अब शहरी क्षेत्रों के प्रवासी मजदूरों के वास्ते भी जल्द एक योजना लाएगी। राज्य सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने यहां मीडिया को बताया कि लॉकडाउन के दौरान अपने घरों में लौटे शहरी क्षेत्रों के मजदूरों के लिये भी राज्य सरकार अगले तीन—चार दिन में एक योजना लाने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित योजना के तहत इन लोगों का पंजीकरण कराया जाएगा और इसके बाद तीन—चार महीनों का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा जिससे इन्हें रोजगार प्राप्त हो सके। राज्य मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में प्रवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को मंजूरी दी थी। कौशिक ने बताया कि राज्य सरकार ने घर लौटे प्रवासियों का जिलाधिकारियों के माध्यम से पंजीकरण कराया है और इस संबंध में मिल रही सूचनाओं के आधार पर प्रदेश में पहले से चल रही 19 नीतियों के अतिरिक्त मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना बनायी है। उन्होंने बताया कि स्वरोजगार योजना के तहत निर्माण क्षेत्र और सेवा क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासियों को विभिन्न श्रेणियों में 10 लाख से लेकर 25 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा और उस पर 20-25 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक 1.80 लाख प्रवासी घर लौटने के लिये अपना पंजीकरण करा चुके हैं और अब तक उत्तर प्रदेश, दिल्ली, चंडीगढ, पंजाब, राजस्थान, जम्मू, हरियाणा और गुजरात समेत विभिन्न राज्यों से 30 हजार प्रवासियों को राज्य में लाया जा चुका है। कौशिक ने कहा कि प्रवासियों को राज्य में लाना और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना सरकार का फर्ज है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे अन्य राज्यों से सहमति बनती जाएगी, वैसे-वैसे लोगों को राज्य में वापस लाया जाता रहेगा। मंत्री ने कहा कि अभी प्रवासियों को बसों से लाया जा रहा है जबकि जल्द ही रेलगाड़ियों से भी उन्हें लाया जाएगा।


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