अल्मोड़ा दिल्ली की नौकरी छोड़कर पहाड़ों की ओर लौटे किसान गोपाल उप्रेती ने 6 फिट 1 इंच लम्बा धनिया की पौध उगाकर एक मिसाल कायम की है। उप्रेती रानीखेत में ताडीखेत के बिल्लेख गांव में जैविक सेब की बागवानी करते हैं। इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड्स ने उनके इस कारनामे को अपने यहां जगह दी है। जानकार कहते हैं कि धनिया की अच्छी से अच्छी किस्म भी चार फीट तक ही लंबी होती है। लेकिन गोपाल उप्रेती के फार्म में उगी धनिये की पौध 6 फिट 1 इंच लम्बाई छू जाना बड़ी बात मानी जा रही है। उप्रेती कहते हैं कि ऑर्गनिक तकनीक अपनाने से यह संभव हुआ। अब तक धनिया की जो सबसे लम्बी पौध रेकॉर्ड में दर्ज है वह 5 फुट 11 इंच की है। साल में एक करोड़ का टर्नओवर हैअपने ऑर्गेनिक ऐपल फार्म में गोपाल उप्रेती बागवानी और हॉर्टीकल्चर को लेकर कई नए प्रयोग करने में जुटे हैं। दिल्ली की नौकरी छोड़ गोपाल उप्रेती अल्मोड़ा जिले के रानीखेत में सेब के बगीचे के ज़रिये सालाना एक करोड़ से अधिक के टर्नओवर का कारोबार करते हैं। बदल सकते हैं किसान के हालातवह कहते हैं खेती को हम अब भी गरीबी, पिछड़ेपन और समस्याओं से जुड़ा हुआ देखते हैं। यदि किसान भी बड़ी गाड़ियों में चलता हुआ दिखे, किसान के बच्चे फर्राटा अंग्रेजी बोलते हुए दुनिया की सैर करते दिखाए जाएं, खेती को हम उद्योग की तर्ज पर विकसित करें और खेती को न्यू नॉर्मल दिखाने में सफल हो जाएं तो स्थिति बदल सकती है। बदली स्थिति में किसान भी अपने खेत में उगी सब्जियों-फल को अमेज़न पर सीधा ग्राहक को बेचता हुआ दिखेगा। 2016 में शुरू की जैविक खेतीगोपाल उप्रेती ने साल 2016 से सेब की बागवानी करनी शुरू की । उन्होंने गांव में हाई डेंसिटी सेब के साथ साथ एवोकेडो, आडू, खुबानी की भी जैविक खेती कर रहे हैं। इसके अलावा वह जैविक लहसुन , मटर गोभी और मेथी भी उगा रहे हैं।
from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/2WaqZgK
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें