देहरादून संवैधानिक बाध्यता के चलते उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शनिवार को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पर्यवेक्षक के रूप में देहरादून आएंगे। दोपहर 3 बजे विधायकों की मीटिंग बुलाई गई है। इस बीच, कांग्रेस ने बीजेपी के इस कदम पर हमला बोला है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा है कि कानून की पूरी जानकारी न होने और मुगालते में रहने के कारण राज्य के ऊपर एक और मुख्यमंत्री थोप दिया गया है। मतलब पांच साल में बीजेपी उत्तराखंड को तीन मुख्यमंत्री दे रही है। हरीश रावत ने ट्विटर पर लिखा है- 'इससे बड़ा झूठ क्या हो सकता है कि कोरोना संक्रमण की वजह से उत्तराखंड में उपचुनाव नहीं हो सकते और संवैधानिक बाध्यता के कारण मुख्यमंत्री इस्तीफा दे रहे हैं। वास्तविकता यह है कि उसी कोरोना काल में पहले भी उपचुनाव हुए हैं, सल्ट का उपचुनाव हुआ है और मुख्यमंत्री जी वहां से भी चुनाव लड़ सकते थे, कहीं और से भी इस्तीफा करवा करके वहां से चुनाव लड़ सकते थे।' पीसी में रावत ने इस्तीफे पर कुछ नहीं बोला इससे पहले, शुक्रवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीरथ सिंह रावत ने काफी देर तक अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और फिर उठकर चल दिए। उम्मीद की जा रही थी कि वह इस पीसी में अपने इस्तीफे की खबरों पर कुछ बोलेंगे, मगर उन्होंने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। शनिवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। बीजेपी के सभी विधायकों को देहरादून में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है।
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