देहरादून, नौ सितंबर (भाषा) कोविड-19 के कारण उत्तराखंड लौटे लोगों को रोजगार की आवश्यकता के मद्देनजर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को वन विभाग से कम से कम 10 हजार लोगों को रोजगार देने को कहा जिससे गांव एवं वन दोनों लाभान्वित हों। यहां राज्य सचिवालय में उत्तराखंड कैंप की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि वनों के विकास के लिए पौधारोपण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा पर भी ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। पौधों का जीवित रहने की दर बढ़ाने के लिए लगातार निगरानी की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की वजह से गांवों को लौटे प्रदेशवासियों को रोगजार उपलब्ध कराने में जल संरक्षण, पौधारोपण, नर्सरी विकास और वन संपत्ति जैसे क्षेत्र महत्वपूर्ण हो सकते हैं और वन विभाग रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा,‘‘वन विभाग द्वारा भी कम से कम 10 हजार लोगों को रोजगार देने के प्रयास किए जाएं। इससे हमारे गांव एवं हमारे वन दोनों लाभान्वित होंगे।’’ इस संबंध में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगभग 10 हजार लोगों को ऊर्जा विभाग के माध्यम से 25 वॉट के सौर ऊर्जा संयंत्र के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि वन विभाग द्वारा वनों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग लगभग 10 हजार लोगों को प्रशिक्षण दे चुका है जिनका उपयोग बुग्यालों (घास के मैदान) के संवर्धन हेतु कॉयर नेट और चेकडैम आदि के निर्माण के लिए किया जा सकता है।
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