रविवार, 1 अगस्त 2021

कथित गाली-गलौज का वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा सांसद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

देहरादून, एक अगस्त (भाषा) उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित जागेश्वर धाम परिसर में भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप द्वारा कथित तौर पर गाली-गलौज करने के मामले में रविवार को मंदिर प्रबंधन ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी। कांग्रेस ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

इस मामले ने तब तूल पकड़ा, जब उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के आंवला से सांसद कश्यप का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह जागेश्वर मंदिर के पुजारियों के साथ कथित अभद्र भाषा का प्रयोग करते दिखाई दे रहे हैं।

जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के प्रबंधक भगवान भट्ट ने बताया कि घटना के बारे में उन्होंने अल्मोड़ा के जिलाधिकारी को अपनी शिकायत दी थी और उनके आदेश पर राजस्व क्षेत्र में प्राथमिकी दर्ज करा दी गयी है।

भट्ट ने बताया कि शनिवार शाम सांसद अपने कुछ सहयोगियों के साथ पूजा-अर्चना के लिए जागेश्वर मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद की पूजा समाप्त होने के बाद मंदिर प्रबंधन ने उन्हें मंदिर के शाम छह बजे बंद होने की जानकारी देते हुए उनसे वहां से बाहर जाने का आग्रह किया। आरोप है कि इस बात पर सांसद भड़क गए और उन्होंने गाली-गलौज की। दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने पर सांसद वहां से चले गए।

इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति, पुजारी और अन्य स्थानीय लोगों के अलावा कांग्रेस ने भी सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

धार्मिक स्थल पर कथित तौर पर अपशब्दों के प्रयोग को मंदिर की मर्यादा के विरूद्ध बताते हुए जागेश्वर धाम के स्थानीय लोग क्षेत्रीय विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल के साथ मंदिर परिसर में उपवास पर बैठ गए।

कुंजवाल ने कहा कि सांसद ने धार्मिक स्थल पर अभद्र भाषा का उपयोग कर उसकी मर्यादा और गरिमा के विपरीत आचरण किया है जिसके लिए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस बीच, भाजपा की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष मदन कौशिक ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि वह मामले की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। हांलांकि, उन्होंने साफ किया कि ऐसे पवित्र स्थान पर ऐसे आचरण को जायज नहीं ठहराया जा सकता, चाहे उसे करने वाला कोई भी क्यों न हो।



from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/3C25hyd

Almora News: बीजेपी सासंद धर्मेंद्र कश्‍यप ने जागेश्‍वर धाम में किया गाली-गलौज! धरने पर बैठे लोग

देहरादूनउत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित जागेश्वर धाम में बीजेपी सांसद धर्मेंद्र कश्यप का कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ है। इसके बाद स्थानीय लोगों और कांग्रेस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। धर्मेंद्र कश्‍यप उत्तर प्रदेश के बरेली के आंवला से सांसद हैं। जागेश्वर धाम के स्थानीय लोग क्षेत्रीय विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल के साथ कश्यप के विरोध में रविवार को मंदिर परिसर में उपवास पर बैठ गए । कुंजवाल ने कहा कि सांसद ने धार्मिक स्थल पर अभद्र भाषा का प्रयोग कर उसकी मर्यादा और गरिमा के विपरीत आचरण किया है। इसके लिए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम अपने कुछ साथियों के साथ पूजा-अर्चना के लिए जागेश्वर पहुंचे सांसद कश्यप का मंदिर प्रबंधन के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान नाराज सांसद ने कथित तौर पर गाली-गलौज वाली भाषा का प्रयोग किया।


from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/3fj3Ams

बांग्लादेश में ट्रक के खाई में गिरने से छह की मौत, सात घायल

ढाका, एक अगस्त (भाषा) बांग्लादेश के मदारीपुर जिले में एक तेज रफ्तार ट्रक के खाई में गिरने से छह लोगों की मौत हो गयी और सात अन्य घायल हो गये। रविवार को मीडिया में आई खबरों से यह जानकारी मिली है।

ढाका ट्रिब्यून ने शिबचर राजमार्ग पुलिस के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद अली के हवाले से बताया कि ट्रक बरगुना से ढाका जा रहा था, जब वह शनिवार रात शिबचर में एरियल खान ब्रिज टोल प्लाजा के पास पलट गया। ट्रक में भवन निर्माण सामग्री लदी थी

पुल की रेलिंग से टकराने के बाद चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, 11 लोगों को गंभीर हालत में पास के अस्पतालों में भेजा गया, जिनमें से चार की इलाज के दौरान मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि ट्रक चालक बाल-बाल बच गया और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। जांच जारी है।



from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/2VlF9gX

भाजपा सासंद का कथित गाली-गलौज का वीडियो वायरल

देहरादून, एक अगस्त (भाषा) उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित जागेश्वर धाम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद धर्मेंद्र कश्यप का कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए एक वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों तथा कांग्रेस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के आंवला से सांसद कश्यप के धार्मिक स्थल पर कथित तौर पर गाली गलौज करने को मंदिर की मर्यादा के विरुद्ध बताते हुए जागेश्वर धाम के स्थानीय लोग क्षेत्रीय विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल के साथ रविवार को मंदिर परिसर में उपवास पर बैठ गए ।

कुंजवाल ने कहा कि सांसद ने धार्मिक स्थल पर अभद्र भाषा का उपयोग कर उसकी मर्यादा और गरिमा के विपरीत आचरण किया है जिसके लिए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम अपने कुछ साथियों के साथ पूजा-अर्चना के लिए जागेश्वर पहुंचे सांसद कश्यप का मंदिर प्रबंधन के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया और इस दौरान नाराज सांसद ने कथित तौर पर गाली-गलौज वाली भाषा का प्रयोग किया।



from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/3A0wrnA

Haridwar news: उड़न खटोला फिर से शुरू करने के लिए सड़कों पर उतरे व्‍यापारी, मनसा देवी के चित्र संग किया प्रदर्शन

देवेश सागर, हरिद्वारहरिद्वार में मनसा देवी उड़न खटोला पिछले 4 माह से कोरोना संक्रमण आपदा काल के चलते बंद है। मनसा देवी उड़न खटोला बन्द होने के कारण रविवार को हरिद्वार के व्यापारी सड़कों पर उतरे और मां मनसा देवी की मूर्ति और चित्र हाथ में लेकर शासन प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं व्यापारियों ने जनहित में मनसा देवी उड़न खटोला को जल्द खोले जाने की मांग की। भारी संख्या में हरिद्वार की सड़कों पर उतरे प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के व्यापारियों ने इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मनसा देवी उड़न खटोला खोले जल्द जाने की मांग की। पिछले चार महीनों से मनसा देवी उड़न खटोला बंद होने से भारी संख्या में स्थानीय लोग बेरोजगार हो गए हैं। इन लोगों की आजीविका का मनसा देवी उड़न खटोला ही एक मात्र जरिया है। उड़न खटोला बंद होने की वजह से सैकड़ों लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं। वही हरिद्वार आने वाले दिव्यांग जनों को भी मनसा देवी दर्शन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हरिद्वार में सड़कों पर उतर प्रदर्शन कर रहे प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि हरिद्वार आस्था का प्रतीक है, शासन-प्रशासन कभी हर की पौड़ी बन्द करते हैं कभी बॉर्डर सील कर दिया जाता है। हरिद्वार में उड़न खटोला पिछले 4 माह से बंद है लेकिन कोरोना गाइडलाइन का पालन कराते हुए मॉल, जिम और दूसरे सार्वजनिक स्थलों को खोला गया है। उनका आरोप है कि मनसा देवी उड़न खटोला शासन-प्रशासन के ढुलमुल रवैए के चलते नहीं खुल पाया है। इस कारण हरिद्वार आने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। व्‍यापारियो का कहना था कि जो श्रद्धालु दिव्यांगजन हरिद्वार हर की पौड़ी गंगा स्नान करने आते हैं और उसके बाद मनसा देवी मंदिर के दर्शन करने के लिए जाते हैं उनको भी मनसा देवी उड़न खटोला बंद होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं हरिद्वार में इस उड़न खटोले से जुड़े हज़ारो लोग बेरोजगार हो गए हैं हमारी मांग है कि शासन प्रशासन हरिद्वार के व्यापारियों का ख्याल रखते हुए उड़न खटोले को खोलें ताकि बेरोजगार हुए लोगों को कुछ राहत मिल सके।


from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/3yn7jqw

Tirath singh Rawat interview: उत्तराखंड के पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत बोले- 'सीएम बनते ही शुरू हो गई थी मेरे खिलाफ साजिश'

देहरादून चार महीने के अंदर इस्तीफा देने वाले उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने खुलकर इस मामले में बात की। उन्होंने कहा कि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से परामर्श करने के बाद राज्य में संवैधानिक और कानूनी संकट से बचने के लिए निर्णय लिया और किसी ने उनसे इत्सीफा देने के लिए नहीं कहा था। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था, तो ‘कुछ लोगों’ ने उनकी छवि खराब करने की साजिश शुरू कर दी थी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में अपने छोटे कार्यकाल के बारे में आप क्या कहेंगे? किसी ने मुझसे इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से सलाह मशविरा करने के बाद मैंने संवैधानिक और कानूनी संकट से बचने के लिए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया। मुझे उत्तराखंड का नेतृत्व करने का अवसर देने के लिए मुझ पर विश्वास दिखाने के लिए मैं प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और सभी केंद्रीय नेतृत्व को धन्यवाद देता हूं। यह सब अचानक बजट सत्र के बीच में हुआ जब पार्टी नेतृत्व ने मुझे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के लिए कहा था। लेकिन कुछ संवैधानिक प्रावधानों के कारण संकट खड़ा हो गया था। संवैधानिक और कानूनी संकट से बचने के लिए मैंने पार्टी नेतृत्व से सलाह मशविरा करने के बाद इस्तीफा देने का फैसला किया और उन्होंने मेरे फैसले का समर्थन किया। मुख्यमंत्री के रूप में आपके कार्यकाल की शुरूआत में, गलत कारणों से बहुत सारे बयान सुर्खियों में रहे। आप उन विवादित टिप्पणियों के बारे में क्या कहेंगे?सुर्खियों में रहे सभी बयान, संदर्भ से बाहर किए गए थे और यह कुछ लोगों द्वारा साजिश के तहत एक सुनियोजित रणनीति के तहत किया गया था। मैं एक वैचारिक पृष्ठभूमि से आता हूं और जनता (लोग), क्षेत्र (रीजन) और प्रदेश (स्टेट) के लिए क्या अच्छा है, इस बारे में फैसले किए। मैंने अपनी मन की बात की लेकिन कुछ लोगों ने संपादित और जोड़-तोड़ वाले बयान दिखाकर मनभ्रम (भ्रम) पैदा कर दिया था। आपको कुंभ आयोजित करने की अनुमति देने के लिए बहुत आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, जिसे कोविड की दूसरी लहर के मुख्य कारणों में से एक कहा गया। अब, क्या आपको लगता है कि यह एक गलत निर्णय था? कुंभ 12 साल में एक बार आयोजित किया जाता था। मुख्यमंत्री के रूप में दूसरे दिन मैंने कुंभ को बड़े पैमाने पर आयोजित करने का निर्णय लिया क्योंकि यह लोगों की आस्था और भावना का मामला है। बाद में, प्रधानमंत्री की अपील पर, अखाड़े के प्रमुखों ने अंतिम शाही स्नान में भाग नहीं लिया। लोगों की भावना को ठेस पहुंचाने के लिए कुंभ के खिलाफ माहौल बनाया गया था, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सभी कोविड प्रोटोकॉल और एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) का पालन करते हुए आयोजित किया गया था। हमने कई लोगों को कोविड निगेटिव रिपोर्ट के अभाव में वापस भी कर दिया। यह अब तक के सबसे अच्छे कुंभों में से एक था। जो लोग दूसरी लहर के फैलने के लिए कुंभ को जिम्मेदार ठहरा रहे थे, क्या वे बता सकते हैं कि क्या केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में कोई कुंभ आयोजित हुआ था, जहां से कोविड की शुरूआत हुई थी? हरिद्वार कभी भी कुंभ के दौरान शीर्ष तीन संक्रमित जिलों, या दूसरी लहर के चरम पर या अब भी दैनिक मामलों की गिनती के मामले में नहीं रहा है। जो लोग हिंदू और हिंदुत्व के खिलाफ हैं, उन्होंने कुंभ के खिलाफ माहौल और प्रचार किया। कोई केरल से सवाल क्यों नहीं कर रहा है, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बकरीद त्योहार के लिए छूट की अनुमति देने के लिए कुल दैनिक मामलों की संख्या का 50 प्रतिशत से ज्यादा रिपोर्ट कर रहा है। कुंभ को दोष देना और महामारी के दौरान केरल के तुष्टिकरण के मॉडल के बारे में कुछ नहीं कहना,इन लोगों की हिंदू विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। आप अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी की संभावनाओं को कैसे देखते हैं? पांच राज्यों-उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी-मार्च में होंगे। उत्तराखंड समेत सभी राज्यों में बीजेपी दो-तिहाई बहुमत से जीतेगी और इसका एकमात्र कारण नरेंद्र मोदी का ‘विकास’ मॉडल है। 2014 से प्रधानमंत्री मोदी ने आम आदमी को विकास से जोड़ा है और उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाईयों पर पहुंच गया है। देश को विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जाने के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने महामारी के दौरान 80 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत राशन उपलब्ध कराकर लोगों का ध्यान भी रखा है और योजना के तहत उत्तराखंड ने भी लोगों को चीनी उपलब्ध कराई है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय नागरिकों को मुफ्त टीके प्रदान करने वाला एकमात्र देश बन गया और उत्तराखंड बुजुर्गों और दिव्यांगों को उनके घर पर टीका लगा रहा है। पिछले पांच वर्षों में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड ने सभी गांवों में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की, नल का पानी उपलब्ध कराने का काम करते हुए, ग्रामीण से राष्ट्रीय राजमार्गों तक सड़क नेटवर्क को मजबूत किया और बढ़ाया गया है। राज्य में रेल संपर्क बढ़ा है। कभी सड़क की मांग करने वाले उत्तराखंड के लोग अब रेल संपर्क की मांग कर रहे हैं। मैं काम के आधार पर कह रहा हूं कि बीजेपी उत्तराखंड और अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव दो तिहाई बहुमत से जीतेगी। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की है। क्या आपको आप पार्टी से कोई चुनौती नजर आती है? लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। लेकिन मैं जानना चाहता हूं कि वह (केजरीवाल) दिल्ली में अपनी सरकार की उपलब्धियों के बारे में क्या कहेंगे। उनका बहुप्रचारित ‘दिल्ली मॉडल’ विफल हो गया है और कोविड की पहली लहर के दौरान उजागर हो गया था जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाना पड़ा था। महामारी के दौरान केजरीवाल के विश्व स्तरीय ‘मोहल्ला क्लीनिक’ विफल रहा, जबकि उत्तराखंड में भाजपा सरकार ने ‘घर-घर क्लिनिक’ बनाकर घर-घर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की। जहां वह हर जगह मुफ्त बिजली देने का वादा कर रहे हैं, वहीं दिल्ली में लोगों के बढ़े हुए बिल आ रहे हैं। जहां आप और केजरीवाल ने लोगों को गुमराह किया, वहीं बीजेपी ने जो कहा वह किया। उत्तराखंड के लोग अलग प्रकृति के हैं, वे राष्ट्रवादी हैं और मोदी के साथ हैं। केजरीवाल के झूठे वादों से जनता गुमराह नहीं है। तो क्या आपको लगता है कि बीजेपी का सीधा मुकाबला कांग्रेस से है? हमें किसी पार्टी से कोई चुनौती नहीं मिल रही है, लोग हमारे साथ हैं। कांग्रेस नेता आपस में लड़ रहे हैं। राज्य और देश भर में जमीन खो रहे हैं। लोगों के दिलों में जगह बनाने वाली भाजपा से भिड़ने से पहले उन्हें अपना घर ठीक करना चाहिए।


from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/3j9M19r

Tehri news: परिवार में पड़ी डांट तो युवक ने काट ली हाथ की नस, पुलिस ने अस्‍पताल पहुंचाया

रजनीश कुमार, टिहरी गढ़वाल टिहरी के थाना मुनि की रेती के 14 बीघा क्षेत्र में एक युवक ने परिजनों से नाराज होकर खुद को कमरे में बंद कर हाथ की नस काट ली। परिजनों ने अनहोनी की आशंका के चलते पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर युवक को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के बाद युवक की जान बचाई जा सकी। पुलिस के अनुसार 14 बीघा निवासी एक व्यक्ति ने कैलाश गेट पुलिस चौकी को सूचना दी कि उसके बेटे ने खुद को कमरे में बंद कर लिया है। आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस चौकी प्रभारी अमित कुमार व कांस्टेबल अनिल सालार मौके पर पहुंचे। कोई जवाब न मिलने पर वे तत्काल दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर घुसे। युवक पलंग पर पड़ा हुआ था और उसके हाथ की नस भी कटी हुई थी। पुलिस ने युवक को उठाकर फौरन नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया जहां डॉक्टर ने उपचार के बाद युवक की जान बचाई। कैलाश गेट पुलिस चौकी प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि युवक के परिजनों से की गई पूछताछ में परिजनों ने डांट से नाराज होकर इस प्रकार का कदम उठाने की जानकारी दी है। फिर भी घटना की जांच की जा रही है।


from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/37cnjQ9