बुधवार, 12 फ़रवरी 2020

कार्बेट के गांव पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र की सूची से बाहर

देहरादून, 12 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड सरकार ने बुधवार को कार्बेट टाइगर रिजर्व के तहत आने वाले गांवों को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र की सूची से बाहर रखने का फैसला किया । मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने संवाददाताओं को बताया कि इस फैसले से सीटीआर में ढेला गांव और उसके आसपास 46 चकों के निवासियों को राहत मिलेगी। वहां के निवासी पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र की सूची में शामिल किये जाने के प्रस्तावित कदम का इस आधार पर विरोध कर रहे हैं कि इससे उन पर प्रतिबंध लग जायेंगे और उनकी कृषि अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा। कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल ने बताया कि लोगों की दो आशंकाएं थीं कि पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में शामिल होने के बाद उन्हें एक मंजिला से ज्यादा ऊंचा घर नहीं बनाने दिया जायेगा और अपने खेतों में वे खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं कर पायेंगे । कौशिक ने बताया कि मंत्रिमंडल ने नैनीताल जिले में एचएमटी को दी गयी जमीन भी विभाग को वापस करने का फैसला लिया है। एचएमटी अपनी इकाई बंद कर चुकी है। मंत्रिमंडल ने खनन के निजी पट्टे देने का अधिकार भी जिलाधिकारियों को देने का निर्णय किया है ।


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3 से 6 मार्च तक गैरसैंण में होगा उत्तराखंड विधानसभा का सत्र

देहरादून का बजट सत्र आगामी 3 मार्च से 6 मार्च तक गैरसैंण में कराने के प्रस्ताव पर की मुहर लगा दी गई है। उत्तराखंड केबिनेट की इस बैठक मे 13 प्रस्तावों में से 10 पर कैबिनेट की मुहर लग गई है, जबकि तीन प्रस्तावों पर अगली बैठक में चर्चा होगी। इसकी जानकारी कैबिनेट बैठक खत्म होने के बाद शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने दी। बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़ा बड़ा फैसला लिया गया है। इसके अनुसार अब पांचवीं और आठवीं कक्षा के फेल छात्रों को उसी कक्षा में रोका जा सकेगा। इससे पहले आठवीं और पांचवीं के छात्रों को पास कर देने का प्रावधान था। अब नए नियम में महीने की कोचिंग के साथ-साथ कंपार्टमेंट जैसी परीक्षा कराई जाएगी, अगर तब भी बच्चा पास नहीं होगा तो बच्चा फेल माना जाएगा। इन फैसलों के अलावा कैबिनेट ने देहरादून-मसूरी विकास प्राधिकरण में 78 पदों को मंजूरी दी। विधिक सेवा प्राधिकरण में आंशिक संशोधन किया। राज्य विश्व विद्यालय विधेयक 2020 के अध्यन के लिए कैबिनेट की सब कमिटी का गठन किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद अधिनयम 1995 में आंशिक संशोधन किया गया। उत्तर प्रदेश की जगह इसका नाम अब उत्तराखंड राज्य उच्च शिक्षा परिषद अधिनयम 1995 किया गया। उच्च शिक्षा मंत्री उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष होंगे। कैबिनेट में नैनीताल जिले में रानीबाग HMT फैक्ट्री जो बन्द हो गई है, की जमीन को उन विभागों को भूमि वापिस करने का निर्णय लिया गया जिन विभागों की यह जमीन थी। बची भूमि का राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (NBCC) से मूल्य का आंकलन कराकर इसे सरकार ने 72 करोड़ में खरीदने का निर्णय भी कैबिनेट ने लिया। निजी पट्टे के खनन पर सरकार की जगह डीएम को खनन पट्टा स्वीकृत करने का अधिकार दे दिया गया है।


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मंगलवार, 11 फ़रवरी 2020

एक आइडिया से रातोंरात बन गए करोड़पति! अब देश के 10 सबसे अमीरों में हुए शामिल

D-Mart के फाउंडर राधाकिशन दमानी रिटेल बिजनेस के किंग माने जाते हैं. लेकिन उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शेयर बाजार में निवेशक के तौर पर की थी. लेकिन एक आइडिया ने उनकी किस्मत बदल दी और महज 24 घंटे में उनकी संपत्ति 100 फीसदी बढ़ गई.

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अस्पताल में भर्ती हुए सीएम योगी आदित्यनाथ के 89 वर्षीय पिता

देहरादून उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के 89 वर्षीय पिता की तबीयत खराब हो गई है। उन्हें देहरादून के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया गया कि डिहाइड्रेशन के कारण तबीयत बिगड़ने के बाद के पिता को जॉलीग्रांट स्थित स्वामीराम हिमालयन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिमालयन अस्पताल जॉलीग्रांट के डाक्टरों ने बताया है कि आनंद सिंह बिष्ट की तबीयत में लगातार सुधार आ रहा है। उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों के अनुसार, उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार दिख रहा है। अगर इसी तरह सुधार जारी रहता है तो दो-तीन दिन में उनको अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। बताया गया कि आनंद सिंह बिष्ट को पेट की तकलीफ के कारण 9 फरवरी को भर्ती कराया गया था। उनका इलाज कर रहे डॉक्टर मोहम्मद अकरम के अनुसार, उनको लो बीपी समेत पैर की उंगलियों मे गैंग्रीन जैसी समस्या भी है।


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पुलिस ने लौटाई 315 बच्चों की मुस्कान

देहरादून, 11 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड में चलाये गये ‘ऑपरेशन स्माइल और शिनाख्त’ के तहत राज्य पुलिस ने 315 बच्चों की मुस्कान वापस लौटाई है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अनिल रतूडी की अध्यक्षता में यहां 'ऑपरेशन स्माइल व ऑपरेशन शिनाख्त' की समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी दी। यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) अशोक कुमार ने बताया कि एक दिसम्बर, 2019 से दो महीने लंबा 'आपरेशन स्माइल और ऑपरेशन शिनाख्त' चलाया गया। उन्होंने बताया कि इसमें गुमशुदा बच्चों के साथ-साथ गुमशुदा पुरूषों ओर महिलाओं को भी तलाश किया गया। इस दौरान गुमशुदाओं का मिलान लावारिश शवों से भी कराया गया। कुमार ने बताया कि उक्त अभियान के तहत देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल व ऊधमसिंहनगर जिलों में पांच—पांच तलाशी टीमें और शेष जिलों में दो—दो टीमें गठित की गयीं। ऑपरेशन स्माइल अभियान में कुल बरामद 622 लोगों में 315 बच्चे, 100 पुरूष और 207 महिलाएं हैं। बरामद 622 गुमशुदाओं में से 621 को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। जबकि एक बालिका को पुनर्वास हेतु बाल संरक्षण गृह भेजा गया है। अभियान के दौरान उक्त बरामद गुमशुदाओं के अतिरिक्त भौतिक सत्यापन में कुल 198 गुमशुदाओं का वापस आना भी पाया गया। 'ऑपरेशन शिनाख्त' अभियान में कुल 24 अज्ञात शवों की शिनाख्त भी हुई। इस मौके पर, पुलिस महानिदेशक ने पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र भी दिए।


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दिल्ली चुनाव परिणाम: पूरे दिन टीवी के सामने डटी रहीं केजरीवाल की बहन

हरिद्वार दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत पर हरिद्वार के शिवालिकनगर रहने वाली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सगी बहन डॉ. रंजना गुप्ता के परिवार में खुशी का माहौल है। डॉ. रंजना गुप्ता पूरे दिन दिल्ली चुनाव परिणामों को जानने के लिए टीवी के सामने डटी रहीं। डॉ. रंजना गुप्ता के अनुसार अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता से जो वादा पहली बार के चुनाव में किया था, उसे अपने कार्यकाल में पूरा कर दिखाया। अपने सरकार के रिपोर्ट कार्ड के साथ वह घर-घर गए। जो विजन आगे के लिए था उसे बताया, जनता ने उनके कार्यों पर मुहर लगाकर उन पर पूरा विश्वास जताया है। यह जीत दिल्ली की दो करोड़ जनता की अपनी जीत है। उन्हें अपने भाई पर गर्व है। सोमवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए और एक बार फिर आम आदमी पार्टी को जीत हासिल हुई। अरविंद केजरीवाल तीसरी बार दिल्ली के सीएम का ताज पहनेंगे। यह भी पढ़ें: खबर लिखे जाने तक आम आदमी पार्टी (आप) को जहां 63 सीटें मिलती दिख रही हैं, जबकि बीजेपी 7 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं, कांग्रेस 2015 चुनाव की तरह इस बार भी खाता नहीं खोल पाई है। आप को 4 सीटों का नुकसान तो बीजेपी को 4 सीटों का फायदा दिख रहा है।


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ऑल वेदर रोड प्राकृतिक फुव्वारों (स्प्रिंग) के लिए खतरा

पिथौरागढ, 11 फरवरी (भाषा) सरकार की महत्वाकांक्षी ऑल वेदर रोड परियोजना में टनकपुर-पिथौरागढ़ हिस्से के चौड़ीकरण से गुरना माता मंदिर के पास सदियों पुराने प्राकृतिक पानी के फुव्वारे (स्प्रिंग) के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है । इसे देखते हुए स्थानीय लोगों ने इसे बचाने के लिए अभियान छेड दिया है । गुरना धारा बचाओ अभियान के आयोजक बसंत बल्लभ भट्ट ने बताया कि स्थानीय लोगों को आशंका है कि सड़क के इस हिस्से का छह मीटर तक चौड़ीकरण होने से पेयजल का यह प्राकृतिक स्रोत सूखना शुरू हो सकता है । गुरना गांव के लोगों के लिये पेयजल का मुख्य स्रोत होने के अलावा यह टनकपुर या हल्द्वानी से पिथौरागढ़ पहुंचने वाले थके हारे यात्रियों की भी प्यास बुझाता है । उन्होंने कहा कि अगर यह स्प्रिंग सूख जाता है तो टनकपुर से पिथौरागढ़ तक के 150 मीटर लंबे रास्ते में पानी का कोई स्रोत नहीं बचेगा । हालांकि, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों ने सड़क चौड़ीकरण कार्य से पेयजल स्प्रिंग को कोई नुकसान न पहुंचने देने का वादा किया है । 1200 करोड़ रुपए की लागत वाली इस आल वेदर सडक परियोजना में लगे इंजीनियरों ने कहा कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि परियोजना से पानी के स्रोत को कोई नुकसान न हो । राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला ने बताया कि सरकार से सभी प्राकृतिक स्रोतों को बचाने के स्पष्ट निर्देश मिलने के अलावा पिथौरागढ़ जिला मजिस्ट्रेट वीके जोगदंडे ने भी इस संबंध में उन्हें एक पत्र भेजा है । उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के पत्र को निर्माण कंपनी कन्नन डंकरली को भेजा जा चुका है । मथेला ने बताया कि उन्हें पहले भी पानी के दो प्राकृतिक स्प्रिंगों को सड़क चौड़ीकरण के दौरान बचाने का अनुभव है । उन्होंने बताया कि निर्माण कंपनी से यह भी कहा गया है कि अगर स्रोत बहुत गहरा हो तो उसे बचाने के लिये भूवैज्ञानिकों की मदद भी ली जा सकती है ।


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