मंगलवार, 8 मार्च 2022

Success Story: अब चांद और मंगल से भी धरती पर होगी नॉर्मल कॉल! इस भारतीय ने किया मुमकिन

Success Story: चांद और मंगल ग्रह (Moon and Mars) पर से भी धरती (Earth) पर बात करना मुमकिन (Possible to Talk) होने जा रहा है. खास बात यह है कि इस मुश्किल को मुमकिन बनाने की जिम्मेवारी एक भारतीय (Indian) शख्स निशांत बत्रा (Nishant Batra) के हाथों में है.

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सोमवार, 7 मार्च 2022

देहरादून में पली-बढ़ी केक कलाकार ने 'वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉडर्स' में जगह बनायी

देहरादून, सात मार्च (भाषा) देहरादून में पली-बढ़ी केक कलाकार प्राची धाबल देब ने 100 किलो का रॉयल आइसिंग केक बनाकर 'वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में अपनी जगह बनाई है।

रिकॉर्ड में जगह पाने वाला यह केक इटली के प्रसिद्ध स्मारक ग्रांड मिलान कैथेड्रल की प्रतिकृति है।

अपनी उम्र के तीसरे दशक में चल रही प्राची ने देहरादून के डालनवाला स्थित कारमन स्कूल से कक्षा 10 तक पढ़ाई की है और उसके बाद एक आईटी पेशेवर से शादी करने के बाद फिलहाल वह पुणे में रहती हैं। प्राची के पिता देहरादून के हैं लेकिन अब उनके साथ पुणे में रह रहे हैं।

उत्कृष्ट केक कलाकार प्राची का सबसे मजबूत पक्ष रॉयल आइसिंग की जटिल कला पर उनकी महारत है, जिसे उन्होंने विश्व प्रसिद्ध केक कलाकार सर एडी स्पेंस एमबीई के संरक्षण में ब्रिटेन में सीखा था।

प्राची की नवीनतम उपलब्धि भव्य मिलान कैथेड्रल की 100 किलो की शाकाहारी खाद्य लघु प्रतिकृति है जिसकी लंबाई छह फीट चार इंच, ऊंचाई चार फीट छह इंच और चौड़ाई तीन फीट 10 इंच है।

आमतौर पर वेगन रॉयल आइसिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक विधि में अंडे प्रयुक्त होते हैं लेकिन भारतीय बाजार के मद्देनजर प्राची ने शुगरिन नामक एक भारतीय कंपनी के सहयोग से इसका एक अंडा-मुक्त और शाकाहारी उत्पाद विकसित किया।

अपनी अनूठी उपलब्धि के बारे में प्राची ने कहा, ''इसकी योजना और तैयारी में बहुत समय लगा क्योंकि कैथेड्रल को प्रदर्शित करने के लिए लगभग 1,500 टुकड़ों की आवश्यकता थी। मैंने अकेले ही हर टुकड़े को तैयार किया और बाद में उन्हें आपस में जोड़ा, जिसमें करीब एक माह का समय लगा।''

उन्होंने कहा कि वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन से उनके काम को प्रमाणिकरण मिलना वास्तव में एक सपने के सच होने जैसा है।



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चीला पावर हाउस में गंगा में दिल्ली के दो युवक डूबे

देहरादून, सात मार्च (भाषा) उत्तराखंड में ऋषिकेश-चीला पावर हाउस के पास गंगा नदी में दिल्ली के दो युवक डूब गए।

पुलिस ने बताया कि दोनों युवकों की तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक उनका कुछ पता नहीं चला है ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली के नजफगढ से चार युवक चीला पावर हाउस घूमने गए थे, जहां उनमें से दो का पैर अचानक फिसल गया और वे गंगा नदी में डूब गए।

देर शाम हुई घटना की सूचना मिलने पर राज्य आपदा प्रतिवादन बल की टीम मौके पर पहुंची और तलाश एवं बचाव अभियान शुरू किया।

हालांकि, अभी तक युवकों का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने बताया कि तलाश अभियान अभी जारी है ।

गंगा में डूबे युवकों की पहचान दिल्ली के द्वारका के रहने वाले पंकज सिंह और नजफगढ़ के रहने वाले प्रमोद के रूप में हुई है। दोनों युवकों की उम्र 25 वर्ष थी।



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चुनावी नतीजे आने से पहले ही उत्तराखंड में भाजपा, कांग्रेस सक्रिय

देहरादून, सात मार्च (भाषा) उत्तराखंड विधानसभा चुनावों का परिणाम आने से पहले ही भाजपा नेताओं और रणनीतिकारों ने प्रदेश के संभावित चुनाव परिदृश्य को लेकर आपस में चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है।

भाजपा रणनीतिकार कैलाश विजयवर्गीय ने रविवार को यहां पहुंचने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से उनके आवास पर भेंट की तथा 10 मार्च को आने वाले चुनाव परिणामों को लेकर विचार विमर्श किया।

उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक के साथ भी चर्चा की। इसके अलावा, उत्तराखंड मामलों के पार्टी प्रभारी प्रह्लाद जोशी तथा अन्य नेताओं के साथ भी विजयवर्गीय की एक महत्वपूर्ण बैठक होनी है।

चुनाव परिणाम आने से पहले ही विजयवर्गीय के प्रदेश में आगमन के राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं और नेताओं के बीच बैठकों और विचार विमर्श के बढ़ते दौर को भाजपा के 36 सीटों के जादुई आंकड़े से दूर रहने की स्थिति में बहुमत जुटाने का फार्मूला निकालने का प्रयास माना जा रहा है।

अगर चुनावी नतीजों में खंडित जनादेश सामने आया और कांग्रेस और भाजपा दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों में से किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला तो निर्दलीय तथा बसपा, सपा और उत्तराखंड क्रांति दल के ‘विधायकों’ की सरकार बनाने में भूमिका महत्वपूर्ण हो जाएगी ।

माना जाता है कि वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ कांग्रेस विधायकों की बगावत में विजयवर्गीय ने अहम भूमिका निभाई थी और अब उनके आने को इसी नजरिये से देखा जा रहा है ।

यहां राजनीतिक प्रेक्षक जेएस रावत का मानना है कि नतीजों से पहले ही विजयवर्गीय जैसे रणनीतिकारों के आने से यह स्पष्ट है कि 60 से अधिक सीटें जीतने के दावे के विपरीत भाजपा अब स्पष्ट बहुमत मिलने को लेकर भी आश्वस्त नहीं है और ऐसी स्थिति में उसे निर्दलीयों तथा अन्य दलों के विधायकों का समर्थन लेना पड़ेगा ।

इस प्रकार की अटकलों को हवा देते हुए बदरीनाथ से भाजपा विधायक महेंद्र भट्ट ने कहा कि जीतने की प्रबल संभावनाओं वाले कई कांग्रेस प्रत्याशी भाजपा के संपर्क में हैं और देश को कांग्रेस—मुक्त बनाने के बड़े लक्ष्य को हासिल करने में आवश्यकता पड़ने पर उनका समर्थन लिया जा सकता है ।

हालांकि, भट्ट ने उम्मीद जताई कि भाजपा अपने दम पर बहुमत हासिल कर लेगी और उसे किसी और की जरूरत नहीं पड़ेगी।

कांग्रेस भी चुनाव नतीजों के बाद उभरने वाली संभावनाओं पर विचार कर रही है। पार्टी महासचिव और प्रदेश में पार्टी के चुनाव संचालन के प्रभारी हरीश रावत भी केंद्रीय नेताओं से चुनाव बाद के परिदृश्य पर चर्चा करने के लिए नई दिल्ली में हैं।

चुनावों के दौरान सक्रिय रहे कई केंद्रीय नेताओं के एक—दो दिन में यहां पहुंचने की संभावना है, जिससे वे अंतिम क्षणों में पार्टी में होने वाली संभावित टूट—फूट पर नजर रख सकें और दल—बदल न हो सके।

‘संभावित’ सरकार बनाने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए आ रहे कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं के लिए यहां राजपुर रोड स्थित एक होटल में कमरे बुक कराए जा चुके हैं।



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रविवार, 6 मार्च 2022

हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में छात्रों से रैगिंग का कथित वीडियो प्रसारित

देहरादून, छह मार्च (भाषा) उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में छात्रों का सिर मुंडाए और पीछे बंधे हुए हाथ के साथ एक कतार में चलने का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है, जिसे कथित तौर पर वरिष्ठ छात्रों द्वारा की गयी रैगिंग बताया जा रहा है।

हालांकि इस संबंध में पीडित छात्रों द्वारा कोई शिकायत नहीं की गयी है, जबकि कॉलेज प्रबंधन भी ऐसी किसी घटना से इंकार कर रहा है। पुलिस को भी इस बारे में कोई औपचारिक शिकायत नहीं की गयी है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य अरूण जोशी ने ऐसी किसी घटना से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है।

कॉलेज के जनसंपर्क अधिकारी आलोक उप्रेती ने भी कहा कि पड़ताल में ऐसी किसी घटना की जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि कई छात्रों से बात की गयी है और उन्होंने अपने साथ रैगिंग होने से इंकार किया है।

प्रसारित वीडियो में कतारबद्ध होकर चलते दिखाई दे रहे 27 छात्र एमबीबीएस प्रथम वर्ष के बताए जा रहे हैं। लैब कोट पहने और चेहरे पर मास्क लगाए सभी छात्र अपने चेहरे नीचे की ओर किए हैं। वीडियो में उन्हें ‘डॉक्टर साहब नमस्कार’ कहते भी सुना जा सकता है।

पूर्व में भी हल्द्वानी का यह मेडिकल कॉलेज इसी प्रकार की शिकायतों के लिए खबरों में रहा है जब कनिष्ठ छात्रों ने वरिष्ठ छात्रों पर आरोप लगाए थे। कनिष्ठ छात्रों ने पीटे जाने, एक-दूसरे के सिर पर बोतलें फोड़ने के लिए मजबूर करने और सिगरेट से चेहरा दागने के आरोप लगाए थे।

कुछ माह पहले दिसंबर में भी छात्रों ने ऐसी ही एक शिकायत की थी जिसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्र को छात्रावास से बाहर निकाल दिया था।



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हल्द्वानी के सरकारी मेडिकल कॉलेज में छात्रों से रैंगिग! वायरल वीडियो में सर मुंडाए लाइन में खड़े दिख रहे स्टूडेंट्स

देहरादून उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक राजकीय मेडिकल कॉलेज के कैंपस में रैगिंग का कथित वीडियो सामने आया है। वीडियो में छात्र सिर मुंडाकर लाइन बनाकर चल रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किया गया है। बताया जा रहा है कि कॉलेज के सिनियर छात्रों ने जूनियर्स की रैगिंग की है। हालांकि, इस संबंध में पीड़ित छात्रों ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। कॉलेज प्रबंधन भी ऐसी किसी घटना से इंकार कर रहा है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के जनसंपर्क अधिकारी आलोक उप्रेती ने कहा कि पड़ताल में ऐसी किसी घटना की जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि कई छात्रों से बात की गयी है और उन्होंने अपने साथ रैगिंग होने से इनकार किया है। वीडियो में सिर मुंडाकर कतारबद्ध होकर चलते छात्र एमबीबीएस प्रथम वर्ष के बताए जा रहे हैं। सभी ने अपना चेहरा नीचे की ओर झुका रखा है।


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शनिवार, 5 मार्च 2022

Haldwani: हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला, जूनियर MBBS छात्रों का सिर मुंडाकर घुमाने का वीडियो हुआ वायरल, प्रिंसिपल ने किया खंडन

हल्द्वानी: उत्तराखंड के () में रैगिंग (Ragging) से जुड़ा एक मामला सामने आया है। यहां मेडिकल कॉलेज के छात्रों को सिर मुंडवाकर घुमाया गया है। एक वायरल वीडियो में मेडिकल कॉलेज परिसर में 27 से ज्यादा छात्रों का एक ग्रुप लाइन में चलते दिखा। हालांकि प्रिंसिपल ने इस मामले का खंडन किया है। वायरल हुए वीडियो में एक अन्य जगह पर भी करीब 7 स्टूडेंट्स इसी तरह से एक लाइन में चलते नजर आए। सभी छात्र सिर झुकाए हुए चल रहे थे। हैरानी की बात यह है कि सभी छात्रों के सिर गंजे थे। इनमें से कुछ छात्र एप्रन पहने हुए थे और पीठ पर बैग लादकर चल रहे थे। पड़ताल में पता लगा कि यह सभी एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र हैं। सूत्रों का कहना है कि इन सभी छात्रों को बाल कटवाने के निर्देश इनके सीनियरों ने दिए हैं। ऐसे में इस पूरे मामले को रैगिंग से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस मामले में कॉलेज प्रशासन ने अनभिज्ञता जताई है। प्रिंसिपल अरुण जोशी ने रैगिंग की बात को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस संबंध में किसी की तरफ से शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, 'इस केस में कोई भी शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। कई बार स्टूडेंट अपने बाल मुंड़ा लेते हैं, जिसका रैगिंग से कोई संबंध नहीं है। कई सारे बच्चे मिलिट्री कट में कॉलेज जॉइन करते हैं। यह कोई असामान्य बात नहीं है।' इस घटना के बारे में स्टूडेंट्स से भी बात करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई भी कुछ कहने को तैयार नहीं था। इस मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का यह पहला मामला नहीं है। 2019 में जूनियर स्टूडेंट्स की शिकायत के बाद 7 सीनियर स्टूडेंट्स को सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि प्रिंसिपल ने उस घटना को स्टूडेंट्स के बीच विवाद करार दिया था। उससे पहले 2016 में भी फर्स्ट ईयर के एक स्टूडेंट ने यूजीसी में पिटाई की शिकायत की थी। उसने कॉलेज में ऐंटी रैगिंग सेल से इस बारे में कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई थी।


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