from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/3yWFlD3
▁ ▂ ▄ ▅ ▆ ώέĻςόмέ ţό ţhέ Blog ▆ ▅ ▄ ▂ ▁ ıllıllı » Your Blog™ ıllıll ღ♫ღ♫ღ♫ღ♫ღ♫ღ♫ღ♫ღ ♫ღ♫ღ♫ღ♫ღ♫ღ♫ღ♫ ★•.•´¯`•.•★ [RùĻєş] •═► Aвusíng _ Bαn √ •═► αđđ мє αđđ мє вσĻα ѕιđнє вαη ← •═► ηυđє σя нαяяαѕιηg ρι¢тυяє υρĻσαđ кια тσ ѕιđнα вαη ← тнαηкуσυ.. ▄ █ ▄ █ ▄ ▄ █▄ █ Every Body Have To Follow The Rules, кєєρ αđđηg мємвєяѕ αηđ мαкє тнιѕ Blog ρєα¢єƒυĻ αηđ ѕραм ƒяєє
प्रदेश कांग्रेस समिति प्रमुख ने कहा कि राज्य के कांग्रेस नेता, पार्टी के केंद्रीय नेताओं से मिलने के लिए शुक्रवार को दिल्ली जाएंगे।
प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक ट्वीट में कहा था, ‘‘है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर कर खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है।’’
रावत के ट्वीट पर टिप्पणी करते हुए गोडियाल ने कहा कि उनकी भी समान भावनाएं हैं।
उन्होंने रावत के ट्वीट में व्यक्त किये गये विचारों का समर्थन करते हुए कहा, ‘‘मैं भी यह महसूस करता हूं। लेकिन मैं संबद्ध व्यक्ति को खुद को ठीक करने के लिए पर्याप्त समय देता हूं। ’’
उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन इस बात से अवगत है और ‘‘हमारे द्वारा उठाये गये मुद्दों का हल करने की प्रक्रिया जारी है।’’ उन्होंने कहा कि हालांकि, यदि उनका पहले ही हल हो जाता तो इस तरह के ट्वीट नहीं किये जाते।
गोडियाल ने कहा, ‘‘हम पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से और जरूरत पड़ी तो राहुल गांधी से भी मिलेंगे तथा उनके समक्ष विषय को रखेंगे। मुझे उम्मीद है कि समाधान हो जाएगा।’’
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि रावत को दरकिनार करने के बारे में किसी का सोचना बेवकूफी होगी। उन्होंने कहा, ‘‘उनके जैसा नेता, जिन्हें लोगों का स्नेह प्राप्त है और सभी को स्वीकार्य हैं, उत्तराखंड में किसी पार्टी में नहीं है। ’’
गोडियाल ने इस बात से इनकार किया कि पार्टी में कई गुट हैं। उन्होंने कहा,‘‘पूरी कांग्रेस हरीश रावत के साथ खड़ी है। पार्टी में कोई गुटबंदी नहीं है। ’’
उत्तराखंड में पार्टी मामलों के कांग्रेस प्रभारी से रावत के मतभेदों के बारे में पूछे जाने पर गोडियाल ने सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन कहा कि सभी को साथ लेकर चलना पार्टी प्रभारी की जिम्मेदारी है।
अगले साल की शुरूआत में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष रावत ने ‘टाइम्स नाउ नवभारत नवनिर्माण मंच’ द्वारा यहां आयोजित एक कानक्लेव में कहा कि भाजपा ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अपने स्थानीय और क्षेत्रीय नेताओं को मजबूत किया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें भी यही तकनीक अपनानी होगी जिससे राहुल गांधी 2024 में प्रधानमंत्री बन सकें।’’
रावत ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जीत की राह बनाने के लिए कांग्रेस को पहले राज्यों में भाजपा को हराना होगा। इस विचार के पीछे का तर्क स्पष्ट करते हुए रावत ने कहा कि यह राजनीति की उनकी समझ है।
उन्होंने कहा कि पार्टी की विचारधारा देखने के अलावा मतदाता अपना प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति को भी देखते हैं जिससे पांच साल के लिए जनता से वादे करने वाले को वे जवाबदेह बना सकें ।
प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर कर खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है।’’
उन्होंने कहा कि सत्ता ने वहां कई मगरमच्छ छोड़ रखे हैं और जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ—पांव बांध रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मन में बहुत बार विचार आता है कि हरीश रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिए, अब विश्राम का समय है।’’
हालांकि, रावत ने कहा कि फिर उनके मन के एक कोने से आवाज उठ रही है कि "न दैन्यं न पलायनम्।" उन्होंने कहा, ‘‘बड़ी उपापोह की स्थिति में हूं, नया साल शायद रास्ता दिखा दे। मुझे विश्वास है कि भगवान केदारनाथ इस स्थिति में मेरा मार्गदर्शन करेंगे।’’
‘टाइम्स नाउ नवभारत’ द्वारा यहां आयोजित एक कानक्लेव में उनके ट्वीट के बारे में पूछे जाने पर रावत ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि कौन लोग उनसे मुंह फेर रहे हैं लेकिन उन्होंने 'मगरमच्छों' वाली टिप्पणी पर खुल कर बात की।
उन्होंने कहा, ‘‘देश के गृहमंत्री (अमित शाह) जब यहां आते हैं, मुझे चेतावनी देकर जाते हैं कि ज्यादा बोलेगा तो सीबीआई खड़ी है और तुम पर मुकदमा है। वह मुझे किसी के द्वारा किए गए स्टिंग की याद दिलाते हैं। लेकिन जिस तरह का स्टिंग किया गया वह महापाप है। लेकिन उस महापाप से न केवल सत्ता जुड़ी बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से मुझे धमकी भी देकर गयी।’’
रावत ने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग आदि सब मगरमच्छ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘राजनीति के समुद्र में राजनीतिक विरोधियों को निगलने के लिए सत्ता ने ये मगरमच्छ छोड रखे हैं।’’
हालांकि, उन्होंने उन नामों का खुलासा नहीं किया जो संगठन में उनसे मुंह फेर रहे हैं और कहा कि हर चीज के लिए एक उचित समय होता है। उन्होंने कहा, ‘‘वे कौन हैं, क्या हैं, यह बताने के लिए भी समय निकाला जाएगा। सही समय आने पर उसका जवाब दिया जाएगा।’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और रावत के मीडिया सलाहकार सुरेंद्र कुमार से सवाल करने पर उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर की कुछ ताकतें उत्तराखंड में पार्टी की संभावनाओं को प्रभावित करने के लिए भाजपा के हाथों में खेल रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘उत्तराखंड में हरीश रावत का कोई विकल्प नहीं है। वह प्रदेश में सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं जिन्होंने पार्टी का झंडा उठाकर रखा है। लेकिन कुछ ताकतें राज्य में कांग्रेस की सत्ता में वापसी की संभावनाओं को समाप्त करने के लिए भाजपा के हाथों में खेल रही हैं।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या रावत की परेशानी का उत्तराखंड में पार्टी मामलों के प्रभारी देवेंद्र यादव से कोई संबंध है, कुमार ने कहा, ‘‘देवेंद्र यादव हमारे प्रभारी हैं। उनकी भूमिका पंचायत प्रमुख की है। लेकिन पंचायत प्रमुख अगर पार्टी कार्यकर्ताओं के हाथ बांधना शुरू कर देंगे और पार्टी की चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुंचाएंगे, तो हाई कमान को इसपर संज्ञान लेना चाहिए।’’
माना जाता है कि यादव और हरीश रावत के आपसी संबंध बहुत अच्छे नहीं हैं। जहां रावत समर्थकों का कहना है कि 2022 विधानसभा चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा जा रहा है, वहीं यादव यह कहते रहे हैं कि आगामी चुनाव पार्टी सामूहिक नेतृत्व में लड़ेगी।