गुरुवार, 23 दिसंबर 2021

Uttarakhand election: उत्तराखंड में कांग्रेस की 'संकट मोचन' बनीं प्रियंका गांधी, बगावती हरीश रावत से की बात, मनाया

देहरादून उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों से पहले पूर्व सीएम हरीश रावत के तल्‍ख तेवरों के बाद कांग्रेस हाईकमान डैमेज कंट्रोल में जुट गया। बगावती हुए हरीश रावत के अचानक सुर बदल गए। इसके पीछे प्रियंका गांधी का हाथ बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि बिगड़ते हालात में प्रियंका गांधी ने कमान संभाली, हरीश रावत से बात की और उन्हें मना लिया। इस तरह प्रियंका गांधी एक बार फिर से कांग्रेस के लिए संकट मोचन बनीं। पूर्व सीएम हरीश रावत ने बुधवार को तीन कड़े ट्वीट किए। 'समुद्र में तैरना है, हाथ बंध गए हैं, सोच रहा हूं कि समुद्र में उतरूं कि नहीं, विश्राम करूं'। एक तरह से बेबसी व्यक्त करने वाले इन ट्वीट से साफ जाहिर हुआ कि रावत के सम्मान को ठेस लगी है। प्रियंका ने की बात पार्टी के दिग्गज और उत्तराखंड अभियान समिति के प्रमुख हरीश रावत को फ्री हैंड नहीं देने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधने के एक दिन बाद, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को उनसे बात की। 'कैप्टन जैसी हालत करने का प्रयास' हरीश रावत के करीबी कह रहे हैं कि उन्हें पंजाब प्रभारी के तौर पर कैप्टन अमरिंदर की विदाई के लिए यूज भर किया गया, लेकिन अब उनकी भी हालत कैप्टन जैसी करने की कोशिशों में पार्टी के ही कुछ लोग लगे हुए हैं। नाराजगी इस बात की भी है कि राज्य में दो रैलियों में रावत के पोस्टर कुछ लोगों ने हटवा दिए। उनमें एक रैली में देवेंद्र यादव भी मौजूद थे। हरीश रावत चाहते हैं घोषित हो सीएम का चेहरा पार्टी सूत्रों का कहना है कि रावत विधानसभा चुनाव में सीएम का चेहरा बनना चाहते हैं, लेकिन पार्टी नेतृत्व इससे बचना चाहता है। इसलिए कि अन्य नेता नाराज न हो जाएं। रावत समर्थकों का मानना है कि रावत को फेस नहीं बनाया गया, तो चुनाव कांग्रेस बनाम मोदी हो जाएगा। रावत बनाम धामी होने पर ही कांग्रेस जीत सकती है। प्रियंका से हुई फोन पर बात सूत्रों की मानें तो प्रियंका गांधी से बात होने के बाद हरीश रावत के तेवर ठंडे पड़ गए। उन्होंने गुरुवार को ट्वीट किया, 'मेरा ट्वीट रोजमर्रा जैसा ही ट्वीट है, मगर आज अखबार पढ़ने के बाद लगा कि कुछ खास है, क्योंकि भाजपा और आप पार्टी को मेरी ट्वीट को पढ़कर बड़ी मिर्ची लग गई है और इसलिए बड़े नमक-मिर्च लगाए हुए बयान दे रहे हैं।' दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात सूत्रों के मुताबिक, रावत टिकट बंटवारे को लेकर खफा हैं और पार्टी मामलों में अपनी बात रखना चाहते हैं। कांग्रेस ने रावत को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है जो उनके समर्थकों की प्रमुख मांग है। शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने वाले हैं। उत्तराखंड में शुरू हुई गुटबाजी उत्तराखंड कांग्रेस गुटबाजी से घिरी हुई है, जिसमें प्रीतम सिंह एक समूह का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि हरीश रावत दूसरे खेमे में हैं। इसके अलावा राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का अपना समूह है। प्रीतम सिंह और उपाध्याय के नेतृत्व वाले रावत विरोधी खेमे ने पार्टी नेतृत्व से चुनाव से पहले सीएम चेहरे की घोषणा नहीं करने को कहा है, और इससे रावत नाराज हैं जो टिकट वितरण में उचित हिस्सा चाहते हैं। ...इसलिए उत्तराखंड में कांग्रेस के लिए खास हैं हरीश रावत हरीश रावत के नए वार से उत्तराखंड में पार्टी के लिए परेशानी पैदा होने की उम्मीद है क्योंकि नारायण दत्त तिवारी और इंदिरा हृदयेश के निधन के बाद उनके पास रावत के अलावा कोई चेहरा नहीं है, जिनकी पूरे राज्य में उपस्थिति है।


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उत्तराखंड कांग्रेस प्रमुख ने अपनी भी भावना हरीश रावत के समान होने की बात कही

देहरादून,23 दिसंबर (भाषा) कांग्रेस के प्रचार प्रमुख द्वारा पार्टी संगठन पर उनसे सहयोग नहीं करने का आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद, कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई के प्रमुख गणेश गोडियाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह पार्टी के वरिष्ठ नेता की भावनाओं को साझा करते हैं लेकिन यह एक संगठनात्मक विषय है जिसका हल एक-दो दिनों में पार्टी आलाकमान के साथ परामर्श कर किया जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस समिति प्रमुख ने कहा कि राज्य के कांग्रेस नेता, पार्टी के केंद्रीय नेताओं से मिलने के लिए शुक्रवार को दिल्ली जाएंगे।

प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक ट्वीट में कहा था, ‘‘है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर कर खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है।’’

रावत के ट्वीट पर टिप्पणी करते हुए गोडियाल ने कहा कि उनकी भी समान भावनाएं हैं।

उन्होंने रावत के ट्वीट में व्यक्त किये गये विचारों का समर्थन करते हुए कहा, ‘‘मैं भी यह महसूस करता हूं। लेकिन मैं संबद्ध व्यक्ति को खुद को ठीक करने के लिए पर्याप्त समय देता हूं। ’’

उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन इस बात से अवगत है और ‘‘हमारे द्वारा उठाये गये मुद्दों का हल करने की प्रक्रिया जारी है।’’ उन्होंने कहा कि हालांकि, यदि उनका पहले ही हल हो जाता तो इस तरह के ट्वीट नहीं किये जाते।

गोडियाल ने कहा, ‘‘हम पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से और जरूरत पड़ी तो राहुल गांधी से भी मिलेंगे तथा उनके समक्ष विषय को रखेंगे। मुझे उम्मीद है कि समाधान हो जाएगा।’’

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि रावत को दरकिनार करने के बारे में किसी का सोचना बेवकूफी होगी। उन्होंने कहा, ‘‘उनके जैसा नेता, जिन्हें लोगों का स्नेह प्राप्त है और सभी को स्वीकार्य हैं, उत्तराखंड में किसी पार्टी में नहीं है। ’’

गोडियाल ने इस बात से इनकार किया कि पार्टी में कई गुट हैं। उन्होंने कहा,‘‘पूरी कांग्रेस हरीश रावत के साथ खड़ी है। पार्टी में कोई गुटबंदी नहीं है। ’’

उत्तराखंड में पार्टी मामलों के कांग्रेस प्रभारी से रावत के मतभेदों के बारे में पूछे जाने पर गोडियाल ने सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन कहा कि सभी को साथ लेकर चलना पार्टी प्रभारी की जिम्मेदारी है।



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बुधवार, 22 दिसंबर 2021

Uttarakhand: पहले असम, फिर पंजाब, अब उत्तराखंड...हरीश रावत पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी का तंज

देहरादूनकांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री () के बयान के बाद राजनीत‍िक गलियारों में बवाल बढ़ता जा रहा है। एक तरफ जहां प्रदेश के दिग्‍गज कांग्रेसी नेताओं को पार्टी ने दिल्‍ली तलब किया है तो वहीं दूसरी (Manish Tewari) ने हरीश रावत पर तंज कसते हुए ट्वीट किया है। वे लिखते हैं- पहले असम, फिर पंजाब, अब उत्तराखंड...भोग पूरा ही पाऊं गे, कसर न रह जावे कोई'। तिवारी इससे पहले पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष नवजोत सिद्धू को लेकर भी कांग्रेस हाईकमान पर निशाने साधते रहे हैं। हरीश रावत ने क्‍या लिखा था?बुधवार 22 दिसंबर को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के चुनाव प्रचार कमेटी के अध्यक्ष हरीश रावत ने ट्वीट कर कहा था क‍ि है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, सहयोग के लिए संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर करके खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है। दिल्‍ली बुलाए गये कई नेताकांग्रेस विधायक दल के नेता प्रीतम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल शपाल आर्य और हरीश रावत को शुक्रवार 24 दिसंबर को पार्टी ने नई दिल्‍ली बुलाया है। कयास लगाये जा रहे हैं क‍ि पार्टी इस बैठक में हरीश रावत को लेकर बड़े फैसले ले सकती है।


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Uttarakhand: हरीश रावत के ट्वीट के बाद उत्तराखंड में सियासी हलचल तेज, प्रदेश के कई बड़े कांग्रेसी नेता दिल्‍ली तलब

देहरादून उत्‍तराखंड में विधानसभा चुनाव (Uttarakhand Assembly Election) से पहले राजनीत‍िक उठापठक तेज हो गयी है। एक तरफ जहां दूसरे राजनीति‍क दल चुनाव की तैयारी में लगे हैं तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस दूसरी मुसीबतों का सामना कर रही है, और मुश्‍क‍िल बढ़ी पूर्व मुख्यमंत्री () के उस ट्वीट के बाद जिसमें उन्‍होंने संंगठन के कामकाज को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। इसे लेकर कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रीतम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल शपाल आर्य और हरीश रावत को शुक्रवार 24 दिसंबर को पार्टी ने नई दिल्‍ली बुलाया है। बुधवार 22 दिसंबर को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के चुनाव प्रचार कमेटी के अध्यक्ष हरीश रावत ने ट्वीट कर कहा था क‍ि है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, सहयोग के लिए संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर करके खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है। उन्‍होंने एक के बाद एक ट्वीट किए, जिसके बाद से प्रदेश की राजनीत‍ि में हलचल बढ़ गयी है। उन्‍होंने अपने अगले ट्वीट में कहा, 'सत्ता ने वहां कई मगरमच्छ छोड़ रखे हैं जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ-पांव बांध रहे हैं, मन में बहुत बार विचार आ रहा है कि हरीश रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिए अब विश्राम का समय है।' कैप्टन अमरिंदर ने कहा- आप जो बोएंगे वही काटेंगेबुधवार को हरीश रावत के ट्वीट के बाद पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तंज कसते हुए ट्वीट किया। ट्वीट में अमरिंदर ने लिखा- आप जो बोएंगे वही काटेंगे। आपको भविष्य की कोशिशों के लिए शुभकामनाएं। हरीश रावत के पंजाब प्रभारी रहते ही अमरिंदर और सिद्धू का विवाद खूब बढ़ा था। पंजाब प्रभारी बनते ही हरीश रावत ने नाराज होकर घर बैठे नवजोत सिंह सिद्धू को सक्रिय किया था। जिसके बाद से पंजाब कांग्रेस में दो धड़ा बन गया था। विवाद इतना बढ़ा था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।


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Omicron Cases In Uttarakhand: उत्तराखंड में म‍िला ओमीक्रोन का पहला मामला, स्कॉटलैंड से आई थी युवती

करन खुराना, देहरादून कोरोना वायरस का संक्रमण अब डराने लगा है। कोरोना वायरस के खतरनाक वेर‍िएंट 'ओमीक्रोन' ने (First case of ) उत्तराखंड में दस्तक दे दी है। बुधवार को ओमीक्रोन का पहला मामला राजधानी देहरादून में सामने आया। इसमें 23 साल की युवती ओमीक्रोन वायरस से संक्रमित मिली। देहरादून में कांवली रोड निवासी युवती हाल ही में विदेश से लौटी थी। उसमें ओमीक्रोन वायरस पाया गया है। महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ तृप्ति बहुगुणा ने बताया क‍ि 8 दिसंबर को एक युवती स्कॉटलैंड से वापस आई थी। इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर युवती की आरटीपीसीआर जांच की गई। इसमें युवती की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई। जांच रिपोर्ट आने के बाद युवती अपने माता-पिता के साथ देहरादून वापस आ गई। 12 दिसंबर को फिर से उस युवती की जांच की गई। इसमें उसकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। होम आइसोलेशन में है युवती युवती की जांच रिपोर्ट जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजी गई। इसमें आई.डी.एस.पी यूनिट की ओर से ओमीक्रोन वायरस की पुष्टि कर दी गई है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ तृप्ति बहुगुणा ने बताया कि जिला आई.डी.एस.पी यूनिट युवती के संपर्क में है और लगातार निगरानी रखी जा रही है। युवती होम आइसोलेशन में है। साथ ही युवती के माता-पिता का सैंपल भी भेज दिया गया है। मास्‍क और दो गज दूरी का करें पालन स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ तृप्ति बहुगुणा ने कहा क‍ि राज्य में पहला केस मिलने के बाद राज्य के लोग परेशान और चिंतित न हो। मास्क जरूर पहने और दो गज की दूरी बनाए रखें। साथ ही भीड़ भाड़ वाली जगह में जाने से बचे।


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केंद्र में सत्ता पाने के लिए कांग्रेस को भी भाजपा की तकनीक अपनानी होगी : रावत

देहरादून, 22 दिसंबर (भाषा) कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने बुधवार को कहा कि अगर कांग्रेस केंद्र की सत्ता में वापसी चाहती है तो उसे भी अपने क्षेत्रीय नेताओं को मजबूत करने की भाजपा की तकनीक अपनानी होगी।

अगले साल की शुरूआत में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष रावत ने ‘टाइम्स नाउ नवभारत नवनिर्माण मंच’ द्वारा यहां आयोजित एक कानक्लेव में कहा कि भाजपा ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अपने स्थानीय और क्षेत्रीय नेताओं को मजबूत किया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें भी यही तकनीक अपनानी होगी जिससे राहुल गांधी 2024 में प्रधानमंत्री बन सकें।’’

रावत ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जीत की राह बनाने के लिए कांग्रेस को पहले राज्यों में भाजपा को हराना होगा। इस विचार के पीछे का तर्क स्पष्ट करते हुए रावत ने कहा कि यह राजनीति की उनकी समझ है।

उन्होंने कहा कि पार्टी की विचारधारा देखने के अलावा मतदाता अपना प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति को भी देखते हैं जिससे पांच साल के लिए जनता से वादे करने वाले को वे जवाबदेह बना सकें ।



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रावत का संगठन पर असहयोग का आरोप

देहरादून, 22 दिसंबर (भाषा) उत्तराखंड में 2022 की शुरूआत में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस महासचिव हरीश रावत द्वारा बुधवार को संगठन पर उनके साथ असहयोग करने का आरोप लगाए जाने के बाद पार्टी के समक्ष नया संकट पैदा हो गया है।

प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर कर खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है।’’

उन्होंने कहा कि सत्ता ने वहां कई मगरमच्छ छोड़ रखे हैं और जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ—पांव बांध रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मन में बहुत बार विचार आता है कि हरीश रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिए, अब विश्राम का समय है।’’

हालांकि, रावत ने कहा कि फिर उनके मन के एक कोने से आवाज उठ रही है कि "न दैन्यं न पलायनम्।" उन्होंने कहा, ‘‘बड़ी उपापोह की स्थिति में हूं, नया साल शायद रास्ता दिखा दे। मुझे विश्वास है कि भगवान केदारनाथ इस स्थिति में मेरा मार्गदर्शन करेंगे।’’

‘टाइम्स नाउ नवभारत’ द्वारा यहां आयोजित एक कानक्लेव में उनके ट्वीट के बारे में पूछे जाने पर रावत ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि कौन लोग उनसे मुंह फेर रहे हैं लेकिन उन्होंने 'मगरमच्छों' वाली टिप्पणी पर खुल कर बात की।

उन्होंने कहा, ‘‘देश के गृहमंत्री (अमित शाह) जब यहां आते हैं, मुझे चेतावनी देकर जाते हैं कि ज्यादा बोलेगा तो सीबीआई खड़ी है और तुम पर मुकदमा है। वह मुझे किसी के द्वारा किए गए स्टिंग की याद दिलाते हैं। लेकिन जिस तरह का स्टिंग किया गया वह महापाप है। लेकिन उस महापाप से न केवल सत्ता जुड़ी बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से मुझे धमकी भी देकर गयी।’’

रावत ने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग आदि सब मगरमच्छ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘राजनीति के समुद्र में राजनीतिक विरोधियों को निगलने के लिए सत्ता ने ये मगरमच्छ छोड रखे हैं।’’

हालांकि, उन्होंने उन नामों का खुलासा नहीं किया जो संगठन में उनसे मुंह फेर रहे हैं और कहा कि हर चीज के लिए एक उचित समय होता है। उन्होंने कहा, ‘‘वे कौन हैं, क्या हैं, यह बताने के लिए भी समय निकाला जाएगा। सही समय आने पर उसका जवाब दिया जाएगा।’’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और रावत के मीडिया सलाहकार सुरेंद्र कुमार से सवाल करने पर उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर की कुछ ताकतें उत्तराखंड में पार्टी की संभावनाओं को प्रभावित करने के लिए भाजपा के हाथों में खेल रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘उत्तराखंड में हरीश रावत का कोई विकल्प नहीं है। वह प्रदेश में सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं जिन्होंने पार्टी का झंडा उठाकर रखा है। लेकिन कुछ ताकतें राज्य में कांग्रेस की सत्ता में वापसी की संभावनाओं को समाप्त करने के लिए भाजपा के हाथों में खेल रही हैं।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या रावत की परेशानी का उत्तराखंड में पार्टी मामलों के प्रभारी देवेंद्र यादव से कोई संबंध है, कुमार ने कहा, ‘‘देवेंद्र यादव हमारे प्रभारी हैं। उनकी भूमिका पंचायत प्रमुख की है। लेकिन पंचायत प्रमुख अगर पार्टी कार्यकर्ताओं के हाथ बांधना शुरू कर देंगे और पार्टी की चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुंचाएंगे, तो हाई कमान को इसपर संज्ञान लेना चाहिए।’’

माना जाता है कि यादव और हरीश रावत के आपसी संबंध बहुत अच्छे नहीं हैं। जहां रावत समर्थकों का कहना है कि 2022 विधानसभा चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा जा रहा है, वहीं यादव यह कहते रहे हैं कि आगामी चुनाव पार्टी सामूहिक नेतृत्व में लड़ेगी।



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