गुरुवार, 30 जुलाई 2015

आज का दिनाँक 31 जुलाई 2015

आज का दिनाँक 31 जुलाई 2015
दिन - शुक्रवार
विक्रम संवत 2072
शक संवत 1937
अयन - दक्षिणायन
ऋतु - वर्षा
मास - आषाढ़
पक्ष - शुक्लपक्ष
तिथि - पूर्णिमा
नक्षत्र - उत्तराषाढा
योग - प्रीति
दिशाशूल - पश्चिम दिशा में
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जो लोग आपके लिए कुछ नहीं कर सकते 

उनके प्रति आपका व्यवहार ही आपके चरित्र का मापदण्ड है।

बुधवार, 29 जुलाई 2015

दूर नहीं होते.

वक़्त की हो धूप या तेज़ हो आँधियाँ,
कुछ क़दमों के निशाँ कभी नहीं खोते,
जिन्हें याद करके मुस्कुरा दें ये आँखें,
वो लोग दूर होकर भी दूर नहीं होते..!!

तुम देख रहे हो कृष्ण

जब कभी कोई हादसा हो जाय उत्पात हो जाय 
तब मनुष्य भगवान को याद करता हे 
मंदिर की और दौड़ने लगता हे कहता हे 
तुम देख रहे हो कृष्ण 
ये हमारे साथ क्या हो रहा हे 
किन्तु जब भगवान की ही प्रेरणा से सब ठीक होने लगता हे 
तब उस मनुष्य को अपने पर विश्वास होने लगता हे 
और पुनः भगवान को भूल जाता हे ! 
जब कोई अधर्म,चोरी आदि करते हे 
तब भूल जाते हे की भगवान सब देख रहे हे ! 
जहा काम,क्रोध,लोभ होता हे 
वहा से भगवान की दृष्टी हट जाती हे 
और साथ ही कृपा भी 
परन्तु फिर भी भगवान उन सबको सबको अवसर देते ही हे ! 
सभी भगवान के हे किन्तु कोई उन्हें अपना मानता नहीं ! 
उन्हें पराया कर असत्य अपने शरीर और शरीर के सम्बन्धी,इच्छा आदि 
को अपना मान बैठे हे जो इस यात्रा में कभी भी साथ त्याग सकते हे किन्तु कृष्ण ! 
कृष्ण कभी नहीं साथ त्यागेंगे बस एक बार उनकी शरण में जाकर तोह देखो 
अपना सब उन्हें समर्पित करके तोह देखो !
श्री कृष्ण शरणम् ममः |
श्री कृष्ण शरणम् ममः |

आतंकवादी नहीं होता..

एक हिन्दू परिवार गाङी में जा रहा था।
कुछ आतंकवादियों ने गाङी को रोका। 
एक आतंकवादी ने परिवार के मुखिया कि कनपटी पे बंदूक रखी 
और कहा "तुम्हारी ज़ात क्या है ? 
हिन्दू बोला ..."मुसलमान" 
आतंकवादी ने कहा- कुरआन कि कोई आयत सुनाओ 
हिन्दू ने आयत सुना दी 
आतंकवादी ने कहा - अब तुम जा सकते हो 
जब वो परिवार वहां से निकला तो 
हिन्दू से उसकी पत्नी ने कहा -आपने तो गीता की चोपाई सुनाई थी 
फिर उसने हमें कैसे छोङा 
हिन्दू ने कहा - अगर ये कुरआन पढ लेता तो आतंकवादी नहीं होता..

आज का दिनाँक 30 जुलाई 2015

आज का दिनाँक 30 जुलाई 2015
दिन - गुरूवार
विक्रम संवत 2072
शक संवत 1937
अयन - दक्षिणायन
ऋतु - वर्षा
मास - आषाढ़
पक्ष - शुक्लपक्ष
तिथि - चतुर्दशी
नक्षत्र - पूर्वाषाढा
योग - विष्कंभ
दिशाशूल - दक्षिण दिशा में

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आप जैसे विचार करेंगे वैसे आप हो जायेंगे 
अगर अपने आपकों निर्बल मानेंगे तो आप निर्बल बन जायेंगे 
और यदि अपने आपको समर्थ मानेंगे तो आप समर्थ बन जायेंगे।

मंगलवार, 28 जुलाई 2015

हर हर महादेव

जय भोलेनाथ जय श्री सोमनाथ हर हर महादेव
॥ श्री महारुद्राय सोमेश्वराय ज्योतिर्लिंगाय नम: ॥


जय महेश जय जय त्रिलोचन ।
भगत त्रास त्रय ताप विमोचन ।।

आशुतोष जय जलज विलोचन ।
भव सम्भव दारुण दुःख मोचन ।।

जयति जयति जय जय त्रिपुरारी ।
दनुज देव सेवक नर नारी

भगत कामतरु करुणाधाम काशीनाथ विश्वम्भरं ।
दीनानाथ धरु मम सिर हाथ पाहि शंकर उमा वरं ।।

आज का दिनाँक 29 जुलाई 2015

आज का दिनाँक 29 जुलाई 2015
दिन - बुधवार
विक्रम संवत 2072
शक संवत 1937
अयन - दक्षिणायन
ऋतु - वर्षा
मास - आषाढ़
पक्ष - शुक्लपक्ष
तिथि - त्रयोदशी
नक्षत्र - मूल
योग - वैधृति
दिशाशूल - उत्तर दिशा में
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खुश रहने का मतलब यह नहीं कि सब कुछ उत्तम है।

इसका मतलब है कि आपने कमियों से ऊपर उठने का निर्णय कर लिया है।