बुधवार, 9 मार्च 2022

Chaubattakhal Election Results 2022: सतपाल महाराज और केसर सिंह नेगी के बीच मुख्य मुकाबला, जानिए चौबट्टाखाल का ताजा अपडेट

चौबट्टाखाल: उत्तराखंड व‍िधानसभा चुनाव 2022 की मतगणना शुरू हो गई। ऐसे में पौड़ी जिले की चौबट्टाखाल विधानसभा सीट पर कांटे की टक्‍कर देखी जा रही है। इस सीट पर पुष्‍कर स‍िंह धामी सरकार में मंत्री रहे सतपाल महाराज का भव‍िष्‍य दांव पर लगा है। सतपाल महाराज को इस सीट पर कांग्रेस प्रत्‍याशी केस‍र स‍िंह नेगी से कांटे की टक्‍कर देखने को म‍िल रही है। शुरुआती रुझान सुबह 8 बजे से म‍िलने शुरू हो जाएंगे। यहां पर आप हर अपडेट जानते रह‍िए। पौड़ी जिले की चौबट्टाखाल विधानसभा सीट प्रदेश में हॉट सीट में शुमार है। इस सीट से मंत्री सतपाल महाराज चुनाव मैदान में हैं। इस सीट का अधिकतर हिस्सा वर्ष 2002 से 2012 तक बीरोंखाल विधानसभा में शामिल था। यह सीट वर्ष 2012 के परिसीमन से पहले बीरोंखाल सीट का हिस्सा रही थी। बीरोंखाल सीट से 2002 और 2007 में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की पत्नी अमृता रावत लगातार कांग्रेस से विधायक रहीं। वर्ष 2012 के परिसीमन से बनी चौबट्टाखाल में पहली बार बीजेपी के तीरथ सिंह रावत विधायक बने। साल 2016 में जब कांग्रेस से मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिश अधूरी रहने पर सतपाल महाराज ने बीजेपी में एंट्री मारी तो साल 2017 के चुनाव में सतपाल महाराज बीजेपी से इस सीट से चुनाव जीत गए। यह सीट मतदाताओं के लिहाज से पूर्व सैनिक मतदाताओं की बहुलता वाली सीट है। इस सीट पर कुल लगभग 90,875 मतदाता हैं। सतपुली जो इस विधानसभा का प्रमुख कस्बा है, इसके बारे में कहा जाता है कि पूर्व सैनिकों के खातों में आने वाली पेंशन के चलते यहां के बैंक का कैश डिपॉजिट रेश्यो अच्छा-खासा रहता है।


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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव : वोटों की गिनती और परिणाम की घोषणा बृहस्पतिवार को

देहरादून, नौ मार्च (भाषा) उत्तराखंड विधानसभा चुनावों के लिए मतगणना शुरू होने में 24 घंटे से भी कम समय शेष है और राजनीतिक दलों ने ईवीएम में बंद चुनावी नतीजों के सामने आने के बाद बनने वाली संभावित स्थिति के मद्देनजर अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है।

प्रदेश की 70 विधानसभा सीटों पर एक चरण में 14 फरवरी को हुए मतदान के लिए वोटों की गिनती बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे शुरू होगी। राज्य में 65 फीसदी से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया था।

कुछ एक्जिट पोल में भाजपा या कांग्रेस को उत्तराखंड में बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है लेकिन ज्यादातर में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच कांटे की टक्कर या त्रिशंकु विधानसभा की संभावना व्यक्त की है। ऐसे परिदृश्य में सरकार बनाने में निर्दलीय, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और उत्तराखंड क्रांति दल जैसे क्षेत्रीय दलों से विजयी प्रत्याशियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाएगी।

प्रदेश की कम से कम 40-45 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है जबकि 25-30 अन्य सीटों पर क्षेत्रीय दल मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं।

यद्यपि दोनों पार्टियां स्पष्ट बहुमत मिलने को लेकर आश्वस्त होने की बात कह रही हैं लेकिन उनके नेता पिछले कई दिनों से बंद कमरों में बैठकें कर रणनीति पर मंथन कर रहे हैं कि चुनावी नतीजे अपेक्षानुरूप नहीं होने की स्थिति में क्या कदम उठाए जाएं।

दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की निगाहें अपने बागियों पर हैं जिन्होंने टिकट नहीं मिलने पर बगावत कर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा। इस बार भाजपा के करीब 13 बागी और कांग्रेस के छह बागी चुनाव मैदान में थे।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और रणनीतिकार कैलाश विजयवर्गीय के रविवार को यहां पहुंचने के बाद अलर्ट मोड में आयी कांग्रेस के भी कई नेता यह सुनिश्चित करने के लिए यहां पहुंच गए हैं कि नतीजे घोषित होने के बाद उसका कुनबा बिखरे नहीं।

विजयवर्गीय ने यहां पहुंचने के तत्काल बाद पार्टी के एक अन्य रणनीतिकार और पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से मुलाकात की। वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष मदन कौशिक और प्रदेश में पार्टी के चुनाव प्रभारी प्रहलाद जोशी सहित अन्य नेताओं के साथ भी प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने में मदद के लिए एक पुख्ता रणनीति बनाने के लिए कई बैठकें कर चुके हैं।

2016 में हरीश रावत नीत सरकार के खिलाफ विधायकों की बगावत के समय भी विजयवर्गीय राज्य की राजनीति में काफी सक्रिय थे।

कांग्रेस खेमा भी मतगणना और उसके बाद की स्थिति को लेकर सतर्क है और केंद्रीय पार्टी पर्यवेक्षक दीपेंद्र हुडडा, उत्तराखंड में पार्टी मामलों के प्रभारी देवेंद्र यादव, प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल आदि प्रमुख नेताओं ने सरकार बनाने के लिए अपनाई जाने वाली रणनीति को लेकर मंगलवार को मंथन किया।

इसके अलावा पार्टी चुनाव पर्यवेक्षक मोहन प्रकाश और एमबी पाटिल के बीच भी बुधवार को इसे लेकर एक बैठक हुई।

पिछले विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 70 में से 57 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया था जबकि कांग्रेस महज 11 सीटों पर सिमट गयी थी। अपने इस प्रदर्शन को दोहराते हुए दोबारा सत्ता में आना भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती है जबकि कांग्रेस भाजपा के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर के दम पर प्रदेश में सत्ता में अपनी वापसी का प्रयास कर रही है।



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Uttarakhand Chunav Result 2022: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में जानिए 70 सीटों पर रुझान और रिजल्ट का लेटेस्ट अपडेट

देहरादून: निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव 2022 (Uttarakhand Assembly Election 2022) में मतदान प्रक्रिया सकुशल संपन्न करा ली है। पूरे प्रदेश में एक ही दिन 14 फरवरी को मतदान हुआ था। इस बार के चुनावों में कुल 750 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। उत्तराखंड में इस बार 65.10 प्रतिशत मतदान हुआ, जो 2017 के विधानसभा चुनावों (65.56) से थोड़ा ही कम रहा। इस बार के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस (Congress) के बीच मुख्य मुकाबला देखने को मिला। कुछ जगहों पर आम आदमी पार्टी (AAP) और बसपा (BSP), समाजवादी पार्टी (SP) जैसे दूसरे दल भी जोर लगाते दिखे। मतदान के बाद आए एग्जिट पोल (Exit Polls) में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों में अच्छी टक्कर देखने को मिल रही है। कई एग्जिट पोल ने बीजेपी की सत्ता में वापसी की भविष्यवाणी की है। अब प्रदेश की जनता को 10 मार्च का इंतजार है, जब नतीजे सामने आएंगे। हम आपको बता दें जिस तरह से उत्तराखंड में चुनाव ऐलान के साथ ही नवभारत टाइम्स ऑनलाइन (NBT Online) आपके सामने चुनावी चरणों की तारीख के साथ ही हर पार्टी के प्रत्याशियों की अपडेट लिस्ट (Uttarakhand Election Counting latest update) पेश करता रहा। उसी तरह से अब मतगणना के दिन भी हम सुबह से ही सीटवार रुझान और नतीजे (Trends and Results) की लेटेस्ट अपडेट देते रहेंगे। इस एक खबर में आपको पूरे उत्तराखंड में विधानसभा की एक-एक सीट पर रुझान, जीत और हार की स्थिति देखने को मिलेगी। निर्वाचन आयोग ने 8 जनवरी को चुनावों का ऐलान किया था। उसके 14 फरवरी को मतदान हुआ, जिसमें हरिद्वार में सबसे ज्यादा 67.58 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं नामांकन की बात करें तो पूरे प्रदेश में 750 प्रत्याशियों ने नामांकन किया, जिसमें देहरादून में सबसे ज्यादा प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। देहरादून जिले की 10 सीटों में कुल 144 लोगों ने नामांकन दाखिल किया। इसी तरह हरिद्वार जिले की 11 सीटों पर 131, उधमसिंह नगर की 9 सीटों पर कुल 89 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। वहीं सबसे कम नामांकन चंपावत जिले में देखने को मिला यहां 3 विधानसभा सीटों को मिलाकर कुल 16 ही प्रत्याशी मैदान में खड़े हैं। इन चेहरों पर सबकी नजर इस बार के चुनावों में 15 चेहरे ऐसे हैं, जिनके प्रदर्शन पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। इनमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami), कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत (Harish Rawat) के अलावा मदन कौशिक, डॉ धन सिंह रावत (Dr Dhan Singh Rawat), प्रीतम सिंह, राम शरन नौटियाल, प्रेम चंद अग्रवाल, अरविंद पांडेय, यतीश्वरानंद, अनुपमा रावत (Anupama Rawat), अनुकृति गोसाईं रावत (Anukruti Gosain Rawat), सतपाल महाराज (Satpal Maharaj), गणेश जोशी, सुबोध उनियाल और यशपाल आर्या (Yashpal Arya) के नाम प्रमुख हैं। ये हैं प्रमुख हॉट सीटवहीं हॉट सीटों की बात करें तो खटीमा (Khatima), हरिद्वार (Haridwar), हरिद्वार ग्रामीण (Haridwar Rural), श्रीनगर, धनौल्टी, लैंसडाउन, चौबट्टाखाल, मसूरी, बाजपुर, लालकुआं (Lalkuan) प्रमुख हैं।


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मंगलवार, 8 मार्च 2022

आईआईटी रूड़की में पेटास्केल सुपरकम्प्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित

देहरादून, आठ मार्च (भाषा) विज्ञान और इंजीनियरिंग के विभिन्न क्षेत्रों में शोध और विकास को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय सुपरकम्प्यूटिंग मिशन के तहत रूड़की स्थित आईआईटी में पेटास्केल सुपरकम्प्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित किया गया है ।

इसका उद्देश्य आईआईटी, रूड़की और उसके आसपास के संस्थानों के उपयोगकर्ता समुदाय को कम्प्यूटर शक्ति उपलब्ध कराना है।

आईआईटी द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह विज्ञान और तकनीकी विभाग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्रालय का संयुक्त उपक्रम है।

सोमवार को आईआईटी, रूड़की में पेटास्केल इंफ्रास्ट्रक्चर का उद्घाटन करने के बाद इसके बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष बीवीआर मोहन रेड्डी ने कहा कि इस सुपरकम्प्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर संस्थान उन्नत अनुसंधान और क्षमता निर्माण करेगा।



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Success Story: अब चांद और मंगल से भी धरती पर होगी नॉर्मल कॉल! इस भारतीय ने किया मुमकिन

Success Story: चांद और मंगल ग्रह (Moon and Mars) पर से भी धरती (Earth) पर बात करना मुमकिन (Possible to Talk) होने जा रहा है. खास बात यह है कि इस मुश्किल को मुमकिन बनाने की जिम्मेवारी एक भारतीय (Indian) शख्स निशांत बत्रा (Nishant Batra) के हाथों में है.

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सोमवार, 7 मार्च 2022

देहरादून में पली-बढ़ी केक कलाकार ने 'वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉडर्स' में जगह बनायी

देहरादून, सात मार्च (भाषा) देहरादून में पली-बढ़ी केक कलाकार प्राची धाबल देब ने 100 किलो का रॉयल आइसिंग केक बनाकर 'वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में अपनी जगह बनाई है।

रिकॉर्ड में जगह पाने वाला यह केक इटली के प्रसिद्ध स्मारक ग्रांड मिलान कैथेड्रल की प्रतिकृति है।

अपनी उम्र के तीसरे दशक में चल रही प्राची ने देहरादून के डालनवाला स्थित कारमन स्कूल से कक्षा 10 तक पढ़ाई की है और उसके बाद एक आईटी पेशेवर से शादी करने के बाद फिलहाल वह पुणे में रहती हैं। प्राची के पिता देहरादून के हैं लेकिन अब उनके साथ पुणे में रह रहे हैं।

उत्कृष्ट केक कलाकार प्राची का सबसे मजबूत पक्ष रॉयल आइसिंग की जटिल कला पर उनकी महारत है, जिसे उन्होंने विश्व प्रसिद्ध केक कलाकार सर एडी स्पेंस एमबीई के संरक्षण में ब्रिटेन में सीखा था।

प्राची की नवीनतम उपलब्धि भव्य मिलान कैथेड्रल की 100 किलो की शाकाहारी खाद्य लघु प्रतिकृति है जिसकी लंबाई छह फीट चार इंच, ऊंचाई चार फीट छह इंच और चौड़ाई तीन फीट 10 इंच है।

आमतौर पर वेगन रॉयल आइसिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक विधि में अंडे प्रयुक्त होते हैं लेकिन भारतीय बाजार के मद्देनजर प्राची ने शुगरिन नामक एक भारतीय कंपनी के सहयोग से इसका एक अंडा-मुक्त और शाकाहारी उत्पाद विकसित किया।

अपनी अनूठी उपलब्धि के बारे में प्राची ने कहा, ''इसकी योजना और तैयारी में बहुत समय लगा क्योंकि कैथेड्रल को प्रदर्शित करने के लिए लगभग 1,500 टुकड़ों की आवश्यकता थी। मैंने अकेले ही हर टुकड़े को तैयार किया और बाद में उन्हें आपस में जोड़ा, जिसमें करीब एक माह का समय लगा।''

उन्होंने कहा कि वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन से उनके काम को प्रमाणिकरण मिलना वास्तव में एक सपने के सच होने जैसा है।



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चीला पावर हाउस में गंगा में दिल्ली के दो युवक डूबे

देहरादून, सात मार्च (भाषा) उत्तराखंड में ऋषिकेश-चीला पावर हाउस के पास गंगा नदी में दिल्ली के दो युवक डूब गए।

पुलिस ने बताया कि दोनों युवकों की तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक उनका कुछ पता नहीं चला है ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली के नजफगढ से चार युवक चीला पावर हाउस घूमने गए थे, जहां उनमें से दो का पैर अचानक फिसल गया और वे गंगा नदी में डूब गए।

देर शाम हुई घटना की सूचना मिलने पर राज्य आपदा प्रतिवादन बल की टीम मौके पर पहुंची और तलाश एवं बचाव अभियान शुरू किया।

हालांकि, अभी तक युवकों का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने बताया कि तलाश अभियान अभी जारी है ।

गंगा में डूबे युवकों की पहचान दिल्ली के द्वारका के रहने वाले पंकज सिंह और नजफगढ़ के रहने वाले प्रमोद के रूप में हुई है। दोनों युवकों की उम्र 25 वर्ष थी।



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