सोमवार, 6 जुलाई 2015

आज का दिनाँक 07 जुलाई 2015

आज का दिनाँक 07 जुलाई 2015
दिन - मंगलवार
विक्रम संवत 2072
शक संवत 1937
अयन - दक्षिणायन
ऋतु - वर्षा
मास - आषाढ (पुरूषोत्तम मास)
पक्ष - कृष्णपक्ष
तिथि - षष्ठी
नक्षत्र - पू. भाद्रपदा
योग - सौभाग्य
दिशाशूल - उत्तर दिशा में
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यदि हम गुस्से के एक क्षण में धैर्य रखते हैं, 

तो हम दुःख के सौ दिन से बच सकते है।

रविवार, 5 जुलाई 2015

जो न समझा

विश्वास एक ऐसा ‪#‎रिश्ता‬ है
जो समझा  वो ‪#‎कमियाब‬ हो गया
जो न समझा ‪#‎रस्ते‬ मे रह गया

हम तो वो दीवाने हैं

बेवफा लोगो को हम से ‪#‎बेहतर‬ कौन जानेगा..!
हम तो वो दीवाने हैं जिन्हे किसी की ‪#‎नफरत‬ से भी प्यार था..!!

दिल की हमारी ?

रह गयीं रोती ‪#‎बिलखती‬ हसरतें दिल की हमारी ?
जब गया ओ दुर हमसे तोरकर ‪#‎उम्मीद‬ सारी !

आज का दिनाँक 06 जुलाई 2015

आज का दिनाँक 06 जुलाई 2015
दिन - सोमवार
विक्रम संवत 2072
शक संवत 1937
अयन - दक्षिणायन
ऋतु - वर्षा
मास - आषाढ (पुरूषोत्तम मास)
पक्ष - कृष्णपक्ष
तिथि - पंचमी
नक्षत्र - शततारका
योग - आयुष्मान
दिशाशूल - पूर्व दिशा में
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दो मुख्य पाप हैं जिनसे अन्य पापों की उत्पत्ति होती है वे है:- अधीरता और आलस्य

हर जनम में.... हर जनम में उसी की चाहत थे; हम किसी और की अमानत थे; उसकी आँखों में झिलमिलाती हुई; हम ग़ज़ल की कोई अलामत थे; तेरी चादर में तन समेट लिया; हम कहाँ के दराज़क़ामत थे; जैसे जंगल में आग लग जाये; हम कभी इतने ख़ूबसूरत थे; पास रहकर भी दूर-दूर रहे; हम नये दौर की मोहब्बत थे; इस ख़ुशी में मुझे ख़याल आया; ग़म के दिन कितने ख़ूबसूरत थे दिन में इन जुगनुओं से क्या लेना; ये दिये रात की ज़रूरत थे।

दिन बदलते बदलते

अरे कोई वादा ख़िलाफी की हद है हिसाब अपने दिल में लगाकर तो देखो
क़यामत का दिन आ गया ‪#‎रफ्ता_रफ़्ता‬ मुलाक़ात का दिन बदलते बदलते