शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2022

Uttarakhand Snowfall News: बर्फ के समंदर बने उत्तराखंड के इलाके, रास्ते बंद, बत्ती गुल, पानी का संकट

देहारदून/नैनीताल: उत्तराखंड में लगातार भारी बर्फबारी () ने यहां के जनजीवन को बुरी तरफ प्रभावित किया है। लोगों का कहना है कि उन्होंने पिछले 19 साल में ऐसी रेकॉर्डतोड़ बर्फ देखी है। नैनीताल के ऊंचाई वाले इलाकों में दो फुट से अधिक, तो शहर में एक फुट तक मोटी बर्फ की चादर बिछी है। रामगढ़, मुक्तेश्वर धानाचूली, कसियालेख, पहाड़पानी जैसे इलाकों में भारी बर्फ पड़ी है। मुनस्यारी और धारचूला का दो-तिहाई हिस्सा बर्फ से ढक चुका है। बिजली लाइन क्षतिग्रस्त होने से लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। अकेले पौड़ी जिले के करीब एक दर्जन गांवों में अंधेरा पसर गया है। यही हालत बाकी पहाड़ी जिलों में भी है। दिन में आवाजाही ठप है, तो रात में बत्ती गुल। अधिकांश ऊंचाई वाली जगहों पर पेयजल के स्रोत जम चुके हैं। लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिल रहा है। मुनस्यारी को जोड़ने वाली दोनों सड़कें बंद हो चुकी हैं। थल-मुनस्यारी, कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग, तवाघाट-नारायण आश्रम, नारायण आश्रम-सिर्खा, मदकोट-बौना मार्ग बंद हैं। धारचूला की चौदास, व्यास और दारमा घाटियां अलग-थलग पड़ चुकी हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें जगह-जगह जेसीबी लगाकर बर्फ हटाने में लगी हैं। सड़कें बंद होने से और बढ़ा संकट अल्मोड़ा जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले 11 रास्ते बंद हैं। पिथौरागढ़ के थल-मुनस्यारी समेत चार मार्ग, नैनीताल का एक मार्ग और चंपावत जिले में तीन स्टेट हाइवे समेत 8 मार्ग बंद हैं। नैनीताल में नैनीताल-कालाढूंगी, नैनीताल-भवाली, नैनीताल-पंगोट, मुक्तेश्वर मार्ग, रामगढ़-नथुवाखान, पदमपुरी-लोहाघाट मार्ग, नैनीताल के 100 से अधिक इंटरनल रूट बंद हो गए हैं। जगह-जगह रास्तों में पेड़ों के टूटकर गिरने की भी खबरें हैं। मसूरी में बर्फबारी होने से ठंड बढ़ी मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में बर्फबारी होने से ठंड काफी बढ़ गई है। इससे बचने के लिए लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। वहीं, मजदूर वर्ग का हाल बेहाल है। स्थानीय प्रशासन ने शहर के मुख्य चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की है। बर्फबारी के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। पुलिस ने पर्यटकों के मद्देनजर यातायात को व्यवस्थित करने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है। पुलिस का कहना है कि अगर धनॉल्टी में ज्यादा बर्फबारी होती है, तो वहां लोगों को बेवजह नहीं जाने दिया जाएगा। सिर्फ उन्हीं लोगों को जाने की इजाजत होगी, जिनकी होटल में बुकिंग है। राज्य के पर्यटक स्थल मसूरी, नैनीताल, उत्तरकाशी, टिहरी जैसे जिलों में एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस को तैनात किया गया है। पोलिंग पार्टियां फंसी प्रदेश भर में दिव्यांगों और बुजुर्गों को मतदान कराने के लिए रवाना की गई कई पोलिंग पार्टियां इस बर्फवारी से कई अलग-अलग जगहों मे फंसी बताई जा रही हैं। चमोली जिले में कर्णप्रयाग-रानीखेत नैशनल हाइवे 109 गैरसैंण के पास दिवालीखाल और जंगलचट्टी के बीच भारी बर्फबारी में कई मतदान कर्मियों की टीमें फंस गईं। इन्हें प्रशासन ने बमुश्किल निकाला और जेसीबी की मदद से रास्ता साफ कर आगे भेजा। भारी बर्फबारी को देखते हुए उत्तराखंड के कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस फोर्स को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। पर्यटकों से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा हर स्थिति की मॉनिटरिंग की जा रही है। एसडीआरएफ की टीम हर संभव मदद पहुंचा रही है। मसूरी में पर्यटकों की बढ़ी संख्या मसूरी में पर्यटक बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। मसूरी के आसपास बुरांसखंडा, परी टिब्बा और सुरकंडा देवी जैसी जगहों पर जमकर बर्फबारी हुई, जिससे लोग काफी खुश हैं। शहर के लोगों की मानें तो बर्फबारी होने से एक बार फिर उम्मीद जगी है कि मसूरी में पर्यटकों की भीड़ देखने को मिलेगी और लोगों की आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी।


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Pushkar Singh Dhami interview: ट्रेंड तोड़कर दो तिहाई से बहुमत से जीतेगी बीजेपी, CM धामी बोले- आएंगी 60 से ज्यादा सीटें

देहरादून: उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव () में नामांकन का समय खत्म हो चुका है। 14 फरवरी को उत्तराखंड में मतदान होना है। उत्तराखंड में इस बार कांटे की टक्कर होती दिखाई दे रही है। बीजेपी के सामने यहां पर कई दिक्कतें हैं। कुछ ही महीने पहले यहां पर तीन-तीन मुख्यमंत्रियों को बदलते भी देखा है। दरअसल साल 2000 में उत्तराखंड के गठन के बाद से, कोई भी पार्टी लगातार दो चुनाव नहीं जीत पाई है। इस बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बीते शुक्रवार को हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत में विश्वास जताया कि बीजेपी इस ट्रेंड को खत्म करेगी। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बातचीत में कहा कि 'बड़े पैमाने पर हुए विकास के काम भाजपा के लिए एक शानदार जीत सुनिश्चित करेंगे। एक सर्वे से पता चला है कि वर्तमान में हम राज्य में कुल 70 में से 45 से 50 सीटें जीत रहे हैं। हालांकि, जिस तरह से हमारा चुनाव प्रचार जोर पकड़ रहा है, मुझे विश्वास है कि हम राज्य विधानसभा में 60 विधायकों का आंकड़ा पार कर लेंगे। मुख्यमंत्रियों के बदलने के फर्क पर क्या बोले धामी? क्या एक के बाद एक दो मुख्यमंत्रियों को बदलने से भाजपा पर असर पड़ेगा? इस सवाल पर धामी ने कहा, 'मुख्यमंत्री का चेहरा भले ही बदल गया हो, लेकिन हमने लोगों को एक स्थिर सरकार दी और प्रमुख परियोजनाएं कभी प्रभावित नहीं हुईं। धामी ने कहा कि 'आज राज्य में पहले से कहीं बेहतर रेल, सड़क और हवाई संपर्क हैं।' 500 रुपये में सिलेंडर कांग्रेस के वादे पर साधा निशाना सीएम धामी ने एलपीजी सिलेंडर की कीमत 500 रुपये करने का वादा करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकारें 500 रुपये में एलपीजी सिलेंडर देने की पेशकश कर रही हैं? यदि नहीं, तो उन्होंने उत्तराखंड के लोगों से यह वादा क्यों किया है? ये है पूरा चुनाव कार्यक्रम उत्तराखंड विधानसभा चुनाव (Uttarakhand Assembly Election 2022) का ऐलान चुनाव आयोग (Election Commission) ने 8 जनवरी को किया। प्रदेश की 70 विधानसभा सीटों परएक ही दिन 14 फरवरी को वोटिंग (Polling Day) होगी। विधानसभा वार पहले दो चरणों में चुनाव की चर्चा थी। लेकिन, कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए आयोग ने इस बार एक चरण कम किया है। वर्ष 2012 में 9 और वर्ष 2017 में 5 राज्यों में 8 चरण में चुनाव हुए थे। इस बार एक चरण कम किया गया है। उत्तराखंड चुनाव की अधिसूचना 21 जनवरी को जारी हो रही है। इस दिन से नामांकन (Nomination) भरने शुरू हो जाएंगे। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 28 जनवरी है, वहीं 29 जनवरी को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी। प्रत्याशी (Candidate) के नामांकन वापस लेने की तिथि 31 जनवरी है। इसके बाद मतदान 14 फरवरी को होंगे। 2017 में ये था परिणाम2017 विधानसभा चुनाव (Uttarakhand Assembly election 2017) में भाजपा (BJP) ने 56 सीटों के साथ बंपर जीत दर्ज की थी। भाजपा ने त्रिवेंद्र सिंह रावत (Trivendra Singh Rawat) को अपना सीएम बनाया था। 5 साल में भाजपा ने तीन मुख्यमंत्री दिए। इनमें त्रिवेंद्र सिंह रावत के बाद भाजपा तीरथ सिंह रावत (Teerath Singh Rawat) सीएम बने। लेकिन उन्हें भी जल्द ही बदल दिया गया और जुलाई 2021 में राज्य की कमान पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) को सौंपी। 2017 में भाजपा को 56 सीटें, जबकि कांग्रेस (Congress) ने 11 सीटें ही जीतीं। विधानसभा की पांच सीटें रिक्त हैं। 2017 के चुनाव में भाजपा को 46.5% और कांग्रेस को 33.5% वोट (Voting Percentage) मिले। उत्तराखंड राज्य का गठन साल 2000 में हुआ। इसके बाद यहां विस चुनावों में भाजपा और कांग्रेस की बारी-बारी से सरकार बनती रही है।


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Uttarakhand election: बीजेपी को फिर से 'मोदी लहर' पर भरोसा, जानकार बोले- ज्‍यादा की उम्‍मीद नहीं

देहरादून: भाजपा को उत्‍तराखंड विधानसभा चुनाव में मोदी फैक्‍टर से बड़ी उम्‍मीदें हैं। उसे भरोसा है जिस तरह पिछली बार साल 2017 के में मोदी फैक्‍टर ने पार्टी को जिताया था उसी तरह इस बार भी राज्‍य में बीजेपी को जीत मिलेगी। साल 2017 में राज्‍य की 70 विधानसभा सीटों में 57 सीटों पर जीत हासिल की थी। पार्टी का मानना है कि 2017 में भाजपा की ऐतिहासिक जीत में प्रधानमंत्री का प्रभाव महत्वपूर्ण था। उन चुनावों में भाजपा की प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस को सिर्फ 11 सीट ही मिल पाई थीं। हालांकि, राजनीतिक जानकार इस बार भाजपा की संभावनाओं को ज्‍यादा नहीं आंकते हैं। साथ ही उनका यह भी कहना है कि पार्टी को जो भी सीटें मिलेंगी वे 'मोदी फैक्‍टर' के कारण ही मिलेंगी। राजनीतिक टिप्पणीकार जेएस रावत ने इस संबंध में कहा, 'पांच साल के भीतर भाजपा के तीन मुख्यमंत्री देने के कारण राज्य में एक मजबूत सत्ता विरोधी लहर है, जो पार्टी की संभावनाओं को बिगाड़ सकती है। हालांकि, पार्टी जहां भी जीतेगी वह मोदी के बल पर होगी।' राज्य में 60 से अधिक सीट जीतने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए भाजपा मोदी के जादू पर काफी निर्भर है। वर्चुअल रैलियों के जरिए अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे भाजपा नेता मोदी के नाम पर वोट मांग रहे हैं। चुनावी रैलियों में उनके आधे भाषण बड़ी विकास परियोजनाओं को समर्पित हैं, जिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में काम शुरू हुआ। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष देवेंद्र भसीन ने कहा, 'मोदी हमारे सबसे बड़े प्रतीक हैं। यह एक ऐसा कारक है जिसने हमेशा पार्टी के लिए काम किया है और आने वाले चुनाव कोई अपवाद नहीं हैं।' भसीन का कहना था कि लोग जानते हैं कि लंबे समय से प्रतीक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन, चारधाम 'ऑल वेदर रोड' या केदारनाथ-बद्रीनाथ पुनर्निर्माण जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के पीछे मोदी ही 'प्रेरक शक्ति' हैं। भाजपा नेता ने कहा, 'वह (मोदी) इतनी बार राज्य का दौरा करने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं और उनकी योजनाओं में उत्तराखंड को दी गई प्राथमिकता पूरी तरह स्पष्ट है। उनके नेतृत्व में उत्तराखंड के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।' भाजपा प्रवक्ता शादाब शम्स ने कहा कि चुनावी रैलियों के लिए राज्य के दौरों के अलावा, केदारनाथ की मोदी की कई यात्राएं, जिनमें से एक के दौरान उन्होंने एक गुफा में ध्यान किया, राज्य में भारत-चीन सीमा क्षेत्र में सैनिकों के साथ त्योहार मनाने के लिए उनकी यात्रा और उत्तराखंड के विश्व पर्यटन मानचित्र संबंधी कॉर्बेट का उनका दौरा लोगों को याद है। हालांकि, जेएस रावत ने कहा कि महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी और कृषि कानून मोदी के खिलाफ जाएंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोग भी आम बजट से निराश हैं जिसमें राज्य के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि इस बार भाजपा को कोई कारक नहीं बचा पाएगा क्योंकि उत्तराखंड में लोगों ने बदलाव के बारे में अपना मन बना लिया है। उन्होंने कहा, 'उत्तराखंड इस बार बदलाव के लिए मतदान करेगा और कांग्रेस भारी बहुमत के साथ सत्ता में आएगी।'


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गुरुवार, 3 फ़रवरी 2022

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी

देहरादून, तीन फरवरी (भाषा) उत्तराखंड के उत्तरकाशी और चमोली जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में बृहस्पतिवार को भारी बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में बारिश होने से राज्य भर में ठंड बढ़ गई है।

उत्तरकाशी में जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय ने बताया कि उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री राजमार्ग को राडी टॉप पर बर्फबारी के कारण बंद कर दिया गया है जबकि दोपहर में देहरादून-सुवाखोली-लंबगांव मोटर मार्ग पर यातायात बाधित हो गया।

लगातार हो रही बर्फबारी के कारण आशंका जताई जा रही है कि सुखी टॉप से आगे गंगोत्री राजमार्ग और क्षेत्र के कई लिंक रोड भी बंद करने पड़ेंगे।

चमोली जिले में भी 3,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर भारी हिमपात हुआ जबकि निचले इलाकों में बारिश हुई।

मसूरी के पास धनोल्टी में जो पहाड़ियां देहरादून से देखी जा सकती हैं, वे बर्फ से ढक गई हैं। वहीं, देहरादून में बादल छाए रहे और दिन भर रुक-रुक कर बारिश होती रही।



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प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को अल्मोड़ा में डिजिटल माध्यम से रैली को संबोधित करेंगे

देहरादून, तीन फरवरी (भाषा) उत्तराखंड के अल्मोड़ा के 14 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने के वास्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को डिजिटल माध्यम से एक रैली को संबोधित करेंगे। राज्य में 14 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री की यह पहली डिजिटल रैली है।

प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष देवेंद्र भसीन ने कहा, “अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र में 14 विधानसभा क्षेत्र हैं और हर निर्वाचन क्षेत्र में चार स्थानों का चयन किया गया है जहां एक-एक हजार लोग भौतिक रूप से एकत्र होकर प्रधानमंत्री की डिजिटल रैली में शामिल होंगे।”

भसीन ने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए 56 स्थानों पर 56 हजार लोग एकत्र होंगे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा लाखों लोग प्रधानमंत्री को सीधे ऑनलाइन सुन सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस रैली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक भी शामिल होंगे।



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बुधवार, 2 फ़रवरी 2022

'गैस सिलेंडर के दाम होंगे 500, पांच लाख परिवारों को सालाना देंगे 40 हजार रुपए', उत्तराखंड में कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी

देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव (Uttarakhand Assembly Elections 2022) के लिए (Congress) ने अपना घोषणा पत्र ( Manifesto) जारी कर दिया है। पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव वाड्रा ( Vadra) ने दून में कांग्रेस के घोषणा पत्र 'उत्तराखंडी स्वाभिमान प्रतिज्ञा पत्र' को जारी करते हुए इसमें शामिल मुख्य बातें बताईं। पार्टी के घोषणा पत्र में रोजगार से लेकर महिलाओं तक को फोकस में रखा गया है। कांग्रेस के घोषणा पत्र में 18 बिंदु के साथ चार बड़े ऐलान किए हैं। इनमें चार लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा, गैस सिलेंडर के दाम 500 के पार नहीं होंगे, 5 लाख परिवारों को सालाना 40,000 रुपये मिलेंगे, स्वास्थ्य सुविधाएं हर गांव हर द्वार पर मौजूद होंगी। सरकार बनने के पहले वर्ष में 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाएगी, इसके बाद चरणबद्ध तरीके से यह छूट बढ़ाई जाएगी। पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट को 5 लाख के स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड मिलेंगे। सरकारी नौकरी में लगी रोक को तत्काल हटाया जाएगा और वर्तमान में 57000 खाली पद हैं, जिनको पहले साल में भरा जाएगा। पुलिस विभाग में 40 फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे कांग्रेस के घोषणा पत्र के मुताबिक, राज्य में लोकायुक्त व्यवस्था को लागू किया जाएगा। पुलिस विभाग में खाली पदों को तत्काल भरा जाएगा, जिसमें 40 फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में ब्लॉक कैडर व्यवस्था को लागू किया जाएगा। प्रदेश में समुचित शिक्षा ढांचा विकसित करने के लिए शिक्षा बजट में वृद्धि की जाएगी। शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली राशि दोगुनी की जाएगी साथ ही प्रत्येक सहित परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाएगी। राज्य की पहली स्पोटर्स यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी खनिज उत्खनन को एक उद्योग और व्यापार के रूप में मान्यता और सम्मान प्राप्त होगा, अवैध खनन को बंद किया जाएगा 3पी मॉडल पर काम होंगे, प्रोड्यूस प्रोसेस और पार्टनर पर आधारित होंगे, ग्राम उधमिता पार्कों के माध्यम से सूक्ष्म और लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा, राज्य के 15 ब्लॉकों को संघ अंकल परियों के रूप में विकसित किया जाएगा। नए फल नए बाजार की नीति को अपनाया जाएगा। राज्य की पहली स्पोटर्स यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी। चीनी मिलों का आधुनिकीकरण किया जाएगा और गन्ना किसानों के बकाया भुगतान की प्रक्रिया में सुधार किया जाएगा जिससे कि गन्ना भुगतान समय से किया जा सकेगा। किसान आंदोलन के दौरान जिन किसानों पर राजनीतिक द्वेष के तहत मुकदमा लगाए गए वो वापस होंगे।


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मंगलवार, 1 फ़रवरी 2022

उत्तराखंड में 14 फरवरी को होने वाले चुनाव में 632 उम्मीदवारों की किस्मत का होगा फैसला

देहरादून, एक फरवरी (भाषा) उत्तराखंड में 14 फरवरी को होने वाले चुनाव में, 81 लाख से ज्यादा मतदाता 632 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन सोमवार को, 95 प्रत्याशियों द्वारा अपना नाम वापस लेने के बाद अब 632 उम्मीदवार चुनावी समर में हैं।

निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इसमें भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बसपा, समाजवादी पार्टी और उत्तराखंड क्रांति दल द्वारा खड़े किये गए प्रत्याशियों के अलावा 136 निर्दलीय उम्मीदवार हैं। देहरादून जिले के 10 निर्वाचन क्षेत्रों से 117 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे।

हरिद्वार की 11 विधानसभा सीटों से 110 उम्मीदवार मैदान में हैं। चम्पावत और बागेश्वर सीटों से 14-14 उम्मीदवार विधानसभा में जाने की दौड़ में शामिल हैं। उत्तराखंड में 14 फरवरी को एक चरण में मतदान होना है] जहां कुल 81.43 लाख मतदाता हैं।



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