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‘मुख्यमंत्री स्वस्थ युवा, स्वस्थ उत्तराखंड’ योजना की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य की सभी 7795 ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक स्थानों पर एक-एक ओपन जिम खोला जाएगा। इनका नाम मुख्यमंत्री ग्रामीण युवा फिटनेस सेंटर होगा।
धामी ने पौड़ी जिले के पीठसैंण में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट के साथ पेशावर कांड के नायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा के अनावरण के मौके पर अपने संबोधन में यह घोषणा की।
उन्होंने ‘वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना’ के तहत इलेक्ट्रिक लग्जरी बसों की खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी की मौजूदा अधिकतम सीमा को 15 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने की भी घोषणा की ।
इसी प्रकार, धामी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में गैर वाहन पर्यटन उद्यम के लिए 33 प्रतिशत सब्सिडी की मौजूदा अधिकतम सीमा को 14 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये तथा दीन दयाल गृह आवास योजना के अंतर्गत होमस्टे स्थापित करने वाले उद्यमियों को सब्सिडी कुल लागत की मौजूदा 33 प्रतिशत या 10 लाख रुपये, जो भी कम हो, से बढ़ाकर सब्सिडी कुल लागत का 33 प्रतिशत या 12 लाख रुपये, जो भी कम हो, किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें मुख्य सेवक के रूप में जिम्मेदारी मिलने के बाद से ही सरकार लगातार जनहित के फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ते हुए विभिन्न विभागों में रिक्त 24,000 पदों पर भर्ती का कार्य 15 अगस्त से शुरू हो गया है। साथ ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले में शिविर लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने दोहराया कि सरकार जो घोषणा करेगी, उनके शासनादेश भी जारी होंगे।
उन्होंने कहा, “क्रिकेट की भाषा में अगर कहूं तो 20—20 के मैच में धामी जी को आखिरी ओवर में उतारा गया है । धामी जी काफी धाकड़ बल्लेबाज हैं।”
पेशावर कांड के नायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की पुण्यतिथि पर पौड़ी जिले में स्थित उनके गांव पीठसैंण में उनकी प्रतिमा का अनावरण करने के मौके पर दिए अपने संबोधन में सिंह ने भरोसा जताया कि धामी उत्तराखंड की जनता की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे ।
उन्होंने कहा, “उन पर उत्तराखंड के लोगों की बहुत सारी उम्मीदें टिकी हुई हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि वे इन उम्मीदों पर खरे उतरेंगे ।”
रक्षा मंत्री ने धामी के नारे ‘सरकार का दृढ़ इरादा, बातें कम काम ज्यादा’ को सही ठहराते हुए कहा कि बातें कम होनी चाहिए लेकिन काम ज्यादा होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि धामी को वह उनकी छात्र राजनीति के दिनों से जानते हैं जहां उनके पास ऊर्जा और क्षमता के साथ ही कुछ कर गुजरने की जज्बा भी है।
सिंह ने आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान गढ़वाली की प्रतिमा के अनावरण को सुखद संयोग बताया । तत्कालीन रॉयल गढ़वाल राइफल्स में हवलदार मेजर गढ़वाली को 1930 में हुए पेशावर कांड का नायक माना जाता है जब उन्होंने ब्रिटिश हुक्मरानों की आज्ञा का उल्लंघन करते हुए भारत की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे निहत्थे पठानों पर गोली चलाने से मना कर दिया था ।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह पूछ जाने पर कि क्या वह पंजाब के प्रभारी पद से इस्तीफा देंगे, रावत ने इसका सीधा जवाब न देते हुए केवल इतना कहा कि उनका “पूरा फोकस उत्तराखंड में होने वाले चुनावों पर है”।
अगले साल की शुरुआत में उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं ।
रावत ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, वह उसे पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार को गांधी जयंती पर उनका संकल्प है कि वह गांधी के मूल्यों का पालन करें।
रावत इस समय पंजाब में कांग्रेस मामलों के प्रभारी होने के साथ ही उत्तराखंड कांग्रेस चुनाव समिति के अध्यक्ष पद की दोहरी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं ।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता नवजोत सिद्धू और मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी की बातचीत आगे बढ़ी है।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन में रावत ने कहा कि चन्नी दलित मुख्यमंत्री हैं और सभी पार्टियों को उनका सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा, “लेकिन मैं भाजपा की केंद्र सरकार को चेतावनी देता हूं कि पंजाब की बहुमत की सरकार को गिराने की कोशिश न करें।”
रावत ने यह चेतावनी ऐसे समय में दी है जब पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है ।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार बहुत सारे अच्छे कदम उठा रही है जिसमें हर परिवार को 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी। इसके अलावा, बालू पर लगा नियंत्रण भी हटाया जाएगा।
उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी और सिद्धू के बीच तनातनी के बारे में पूछे जाने पर कहा कि समस्या का कोई न कोई समाधान निकल आएगा और दोनों नेताओं के बीच बातचीत सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ी है।
रावत ने अमरिंदर सिंह को आगाह किया कि वह भाजपा का मुखौटा न बनें। उन्होंने कहा कि वह कैप्टन के उस बयान से हैरान हैं जिसमें उन्होंने अपने ‘अपमान’ की बात की है । उन्होंने कहा, “अमरिंदर सिंह से उम्मीद थी कि वह चुनौतीपूर्ण समय में कांग्रेस और सोनिया जी को मजबूती देंगे।”
उन्होंने कहा कि वह 1980 से कांग्रेस से जुडे हैं और तीन बार पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और दो बार मुख्यमंत्री बने हैं । उन्होंने कहा, “अपमान की बात कहने से पहले उन्हें (अमरिंदर सिंह) कांग्रेस के उन नेताओं से तुलना कर लेनी चाहिए थी जिन्हें उनसे काफी कम मिला।”
रावत ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक तब बुलाई गई जब 43 विधायकों ने कैप्टन के खिलाफ बगावती तेवर दिखाने शुरू किए और इस बैठक की सूचना उन्होंने स्वयं अमरिंदर सिंह को दी थी।
इस संबंध में उन्होंने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि अमरिंदर ऐसे बयान कहीं किसी दवाब में तो नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कैप्टन को भाजपा के जाल में न फंसने के प्रति आगाह भी किया ।
हांलांकि, यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस अमरिंदर सिंह की वापसी के लिए कोई प्रयास करेगी, रावत ने इस मसले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया ।
न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे ने निचली अदालत के आदेश को खारिज करते हुए कहा कि एक मामले में दो प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती। मामला आईआईटी के कनिष्ठ अधीक्षक धीरज उपाध्याय से संबंधित है जिनके खिलाफ दिसंबर 2020 में आईआईटी प्रशासन ने ढाई करोड़ रुपये के गबन में संलिप्तता के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आईआईटी प्रशासन ने उनकी सेवाएं भी समाप्त कर दी थीं।
इसके बाद संस्थान के एक पूर्व कर्मचारी मनपाल शर्मा ने रूड़की के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में एक याचिका दायर कर संस्थान के निदेशक अजित चतुर्वेदी, सहायक रजिस्ट्रार जितेंद्र डिमरी और डीन मनीष श्रीखंडे के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराने का अनुरोध किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इन अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।
निचली अदालत के इस आदेश को प्राथमिकी में नामजद अधिकारियों ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। बुधवार को मामले में सुनवाई के दौरान चतुर्वेदी की तरफ से पेश अधिवक्ता विपुल शर्मा ने टेलीविजन एंकर अर्नब गोस्वामी के मामले में उच्चतम न्यायालय के आदेश का जिक्र करते हुए दलील दी कि एक ही मामले में दो बार प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती।
शर्मा ने कहा कि मामले में आईआईटी द्वारा आरोपी के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है, ऐसे में दूसरी प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई जा सकती।