सोमवार, 1 जून 2020

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, मंत्री घर पर हुए पृथक

देहरादून, एक जून (भाषा) उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद मचे हड़कंप के बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा अन्य मंत्री सोमवार को स्वयं घर पर पृथक हो गए तथा कोरोना वायरस की जांच के लिए उनके नमूने भी लिए गये। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री तथा राज्य सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने यहां बताया कि एक मंत्री की जांच रिपोर्ट में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद मुख्यमंत्री रावत तथा अन्य मंत्रिगण ने अपने आपको घर पर पृथक कर लिया है। प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, उनके परिवार तथा स्टॉफ समेत 22 व्यक्तियों की कल रविवार को आयी जांच रिपोर्ट में उनके कोविड-19 से पीड़ित होने की पुष्टि हुई थी। इससे दो दिन पहले महाराज शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में भी शामिल हुए थे। इस बीच, देहरादून के जिलाधिकारी डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मंत्री के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के कारण कैबिनेट बैठक में शामिल हुए सभी लोगों के नमूने लिए गये हैं। श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘जिले में राज्य के एक कैबिनेट मंत्री जी की स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट कोरोना वायरस पॉजिटिव आने के बाद उत्तराखण्ड शासन से कैबिनेट बैठक के दिन प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से बैठक में शामिल हुए सभी गणमान्य व्यक्तियों और कार्मिकों की सूची प्राप्त हुई है जिनमें सभी के नमूने लिये गये हैं।’’ उन्होंने बताया कि बैठक में शामिल लोगों के अन्य व्यक्तियों से मिलने की जानकारी भी प्राप्त की जा रही है जिससे सभी संक्रमित व्यक्तियों को चिन्हित किया जा सके। इससे पहले, प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने कहा था कि भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार मंत्रिमंडल को पृथक किए जाने की जरूरत नहीं है और वे सामान्य कामकाज कर सकते हैं। नेगी ने कहा, ‘‘कैबिनेट बैठक में माननीय मंत्रिगण व अधिकारी भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के ‘क्लोज कान्टैक्ट’ (निकट सम्पर्क) में न होने के कारण कम जोखिम वाले कान्टैक्ट के अंतर्गत आते हैं। वे अपना कार्य सामान्य रूप से कर सकते हैं और उन्हें पृथक किए जाने की आवश्यकता नहीं है।’’ कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए भारत सरकार के निर्धारित दिशानिर्देश की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आये व्यक्तियों के संबंध मे प्रावधान है कि कम जोखिम वाले कान्टैक्ट अपना कार्य पहले की तरह कर सकते हैं और 14 दिनों तक उनके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि हालांकि, अधिक जोखिम वाले कान्टैक्ट (सम्पर्क में आये व्यक्ति) की दशा में 14 दिन के लिए घर पर पृथक किये जाने तथा आईसीएमआर के प्रोटोकोल के अनुसार जांच कराये जाने का प्रावधान है। उधर, देहरादून में डालनवाला क्षेत्र स्थित उनके (सतपाल महाराज के) मकान और गली को पूरी तरह सील कर दिया गया है तथा उसे सेनेटाइज किया जा रहा है।


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मुझे कार्यवाहक मुख्यमंत्री बताने वाली पोस्ट गलत और निंदनीय: धन सिंह

देहरादून, एक जून (भाषा) उत्तराखंड के राज्य मंत्री धन सिंह रावत ने सोशल मीडिया पर सोमवार को उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री बताने वाली पोस्ट को गलत और निंदनीय बताते हुए कहा कि उन्होंने पुलिस प्रशासन को इस संबंध में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में सहकारिता और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रावत ने कहा, ‘‘मुझे यह सूचना प्राप्त हुई है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर मुझे कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में दर्शाया जा रहा है जो बिल्कुल ही गलत और बेहद निंदनीय है। मैं ऐसे लोगों की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं और ऐसे लोगों के खिलाफ मेरे द्वारा पुलिस प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।’’ सोशल मीडिया पर फैलायी जा रही इस गलत खबर को सत्य न मानने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि स्वयं पृथक होने के बावजूद वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के इस कठिन दौर में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत निरंतर वीडियो कॉन्फ्रेंस तथा फोन के माध्यम से मंत्रियों, विधायकों तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दे रहे हैं। इस बीच, सत्ताधारी भाजपा ने प्रदेश में कार्यवाहक मुख्यमंत्री नियुक्त किए जाने संबंधी अफवाहों को विपक्ष के दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा बताया है। उन्होंने इस कृत्य को घृणित और निंदनीय बताया। प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी अजेंद्र अजय ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर मुख्यमंत्री रावत ने खुद ही अपने को घर पर पृथक किया है और वे दूरभाष और अन्य माध्यमों से सभी आवश्यक कार्य निपटा रहे हैं। प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज समेत उनके परिवार और स्टॉफ के 22 सदस्यों के कल रविवार को कोरोना वायरस संक्रमित पाए जाने के दो दिन पहले शुक्रवार को उनके कैबिनेट बैठक में हिस्सा लेने की बात सामने आने के बाद प्रदेश में हडकंप मच गया था। प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, कम जोखिम वाले संपर्क होने के कारण मंत्रिमंडल को पृथक किए जाने की जरूरत नहीं है। हांलांकि, मुख्यमंत्री रावत तथा कुछ मंत्री स्वयं घर में पृथक हो गये हैं।


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उत्तराखंड में कोरोना वायरस के 23 नये मामले सामने आये, कुल मामले बढ़कर 929 हुए

देहरादून, एक जून (भाषा) उत्तराखंड में सोमवार को कोरोना वायरस के 23 नये मामले सामने आये जिससे प्रदेश में इस महामारी से पीड़ितों का आंकडा लगभग 929 पर पहुंच गया। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा यहां जारी बुलेटिन के अनुसार नये मामले प्रदेश के चंपावत और हरिद्वार जिलों में सामने आये हैं जहां क्रमश: 15 और आठ मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गये हैं। ये सभी 23 व्यक्ति हाल में मुंबई से यहां आए हैं। हांलांकि, प्रदेश में 98 मरीजों को ठीक हो जाने के बाद सोमवार को उन्हें छुटटी दे दी गयी। कुल मिलाकर प्रदेश में अब तक 200 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं जिसके बाद ऐसे मरीजों की संख्या 720 है जिनका अभी उपचार चल रहा है। कल रविवार को एम्स ऋषिकेश में एक और कोरोना वायरस संक्रमित मरीज की मौत हो गयी । हांलांकि, उसकी मौत की वजह कोविड-19 से न होकर सेप्टिक शॉक से हुई है। अब तक प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमित कुल छह मरीजों की मृत्यु हो चुकी है जबकि तीन मरीज प्रदेश से बाहर चले गये हैं।


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फिलहाल क्वारंटीन में नहीं भेजे जाएंगे सीएम त्रिवेंद्र और उनके मंत्री, स्वास्थ्य विभाग ने दी जानकारी

देहरादून उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तथा उनके अन्य मंत्रिमंडलीय सहयोगी अपना कार्य सामान्य रूप से करते रहेंगे और उन्हें आइसोलेशन में भेजे जाने की आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य सचिव ने यह जानकारी दी । प्रदेश के पर्यटन मंत्री , उनके परिवार तथा कर्मचारी समेत 22 व्यक्तियों के कल रविवार को कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने यह जानकारी दी। महाराज ने शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हिस्सा लिया था जिसके बाद ऐसा माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री रावत समेत अन्य मंत्री भी आइसोलेशन में भेजे जायेंगे । नेगी ने कहा, 'कैबिनेट की बैठक में माननीय मंत्रीगण एवं अधिकारी भारत सरकार के दिशा-निर्देशो के अनुसार कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के क्लोज कान्टेक्ट में न होने के कारण कम रिस्क वाले कान्टेक्ट के अंतर्गत आते हैं। वे अपना कार्य सामान्य रूप से कर सकते हैं और उन्हें पृथक-वास में भेजने की आवश्यकता नहीं है।' 14 दिन तक स्वास्थ्य की निगरानी का नियम कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए भारत सरकार की निर्धारित दिशा निर्देश की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि संक्रमित व्यक्ति की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के संबंध मे प्रावधान है कि कम रिस्क वाले कान्टेक्ट अपना कार्य पहले की तरह कर सकते हैं और 14 दिनों तक उनके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि हांलांकि, अधिक रिस्क वाले कान्टेक्ट की दशा में 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन में भेजने तथा आईसीएमआर के प्रोटोकॉल के अनुसार टेस्ट कराये जाने का प्रावधान है। ऋषिकेश एम्स में भर्ती हैं सतपाल महाराज उत्तराखंड में कोरोना के बढते ग्राफ के बीच पर्यटन मंत्री महाराज, पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत, उनके दो पुत्रों, दो पुत्र वधुओं तथा डेढ वर्षीय पोते समेत परिवार और कर्मचारियों के सदस्यों की रविवार को आई जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि से हड़कंप मच गया । महाराज तथा उनके परिवार के अन्य सदस्यों को एम्स ऋषिकेश में उपचार के लिए भर्ती हैं। उधर, देहरादून में डालनवाला क्षेत्र स्थित उनके मकान और गली को पूरी तरह सील कर दिया गया है तथा उसे सैनिटाइज किया जा रहा है ।


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उत्तराखंड मंत्रिमंडल को पृथक-वास में भेजने की जरूरत नहीं

देहरादून, एक जून :भाषा: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा उनके अन्य मंत्रिमंडलीय सहयोगी अपना कार्य सामान्य रूप से करते रहेंगे और उन्हें पृथक-वास में भेजे जाने की आवश्यकता नहीं है । स्वास्थ्य सचिव ने यह जानकारी दी । प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, उनके परिवार तथा कर्मचारी समेत 22 व्यक्तियों के कल रविवार को कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने यह जानकारी दी । महाराज ने शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हिस्सा लिया था जिसके बाद ऐसा माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री रावत समेत अन्य मंत्री भी पृथक-वास में भेजे जायेंगे । नेगी ने कहा, ' कैबिनेट की बैठक में माननीय मंत्रीगण एवं अधिकारी भारत सरकार के दिशा-निर्देशो के अनुसार कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के क्लोज कान्टेक्ट में न होने के कारण कम रिस्क वाले कान्टेक्ट के अंतर्गत आते हैं। वे अपना कार्य सामान्य रूप से कर सकते हैं और उन्हें पृथक-वास में भेजने की आवश्यकता नहीं है।’’ कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए भारत सरकार की निर्धारित दिशा निर्देश की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि संक्रमित व्यक्ति की कान्टेक्ट ट्रेसिंग के संबंध मे प्रावधान है कि कम रिस्क वाले कान्टेक्ट अपना कार्य पहले की तरह कर सकते हैं और 14 दिनों तक उनके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि हांलांकि, अधिक रिस्क वाले कान्टेक्ट की दशा में 14 दिन के लिए गृह पृथक-वास में भेजने तथा आईसीएमआर के प्रोटोकॉल के अनुसार टेस्ट कराये जाने का प्रावधान है । उत्तराखंड में कोरोना के बढते ग्राफ के बीच पर्यटन मंत्री महाराज, पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत, उनके दो पुत्रों, दो पुत्र वधुओं तथा डेढ वर्षीय पोते समेत परिवार और कर्मचारियों के सदस्यों की रविवार को आयी जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि से हडकंप मच गया । महाराज तथा उनके परिवार के अन्य सदस्यों को एम्स ऋषिकेश में उपचार के लिए भर्ती हैं । उधर, देहरादून में डालनवाला क्षेत्र स्थित उनके मकान और गली को पूरी तरह सील कर दिया गया है तथा उसे सेनिटाइज किया जा रहा है ।


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Unlock 1.0: उत्तराखंड आने वालों के लिए पास जरूरी, एक से दूसरे जिले में जाने को रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

देहरादून की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने लॉकडाउन चार के बाद अनलॉक वन के लिए गाइडलाइंस जारी कर दी है। इसके तहत राज्य में सड़क के रास्ते आने-जाने के लिए पास की अनिवार्यता को बरकरार रखा गया है। पास के साथ ही देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड के वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना भी अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा शाम 7 से सुबह 7 बजे तक गैर जरूरी गतिविधियों पर पहले की तरह ही प्रतिबंध जारी रहेगा। बता दें कि केंद्र सरकार ने एक राज्य से दूसरे राज्य में आने-जाने के लिए पास की अनिवार्यता समाप्त कर दी है, लेकिन उत्तराखंड सरकार ने इसे बरकरार रखा है। उत्तराखंड सरकार की ओर से जारी अनलॉक वन गाइडलाइंस के मुताबिक, दूसरे प्रदेशों से सड़क मार्ग से (निजी या वाणिज्यीय) राज्य में आने के लिए देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड के वेब पोर्टल और सक्षम अधिकारी की ओर से वैलिड पास को अनिवार्य किया गया है। एक से दूसरे जिले में जाने को पास जरूरी नहींइसके अलावा राज्य में एक जिले से दूसरे जिले में आने-जाने के लिए पास जरूरी नहीं होगा, लेकिन रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा हवाई जहाज से आने वालों के लिए व्यवस्था नहीं बदली है। अंतरराज्यीय यात्रा वालों के लिए क्वांरीटन के नियम भी पहले की तरह से रखे गए हैं। दुकानें सुबह 7 से 4 बजे तक खुलेंगी उत्तराखंड सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक, रेड जोन में दुकानें सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक ही खुलेंगी। जरूरी सेवाओं के अलावा सभी कार्यालय शाम चार बजे तक ही खुले रहेंगे। श्रेणी एक और दो के सभी कर्मचारी और श्रेणी तीन और चार के 33 प्रतिशत कर्मचारी मौजूद रहेंगे। तीर्थाटन पर कोई फैसला नहीं केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइंस में 8 जून से धार्मिक स्थानों, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य सेवा क्षेत्र और शॉपिंग मॉल्स को खोलने की अनुमति दी है। इसके बावजूद उत्तराखंड सरकार ने पर्यटन और तीर्थाटन पर अभी कोई फैसला नहीं किया है।


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रविवार, 31 मई 2020

सतपाल महाराज से लिया था राशन, अब कोरोना संक्रमण का खतरा

देहरादूनउत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर काफी सतर्क रहने वाले कैबिनेट मंत्री के घर तक कोरोना संक्रमण पहुंच गया। शनिवार को देहरादून की एक निजी लैब में उनकी पत्नी अमृता रावत में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। सतपाल महाराज, उनके दो बेटे और बहुएं भी पाई गई हैं। इसके साथ ही सतपाल के 17 स्टाफ भी पॉजिटिव निकले हैं। कुछ दिन पहले सतपाल महाराज अपने विधानसभा क्षेत्र भी गए थे। वहां उन्होंने राशन वितरण भी किया था। इस दौरान सतपाल महाराज की पत्नी भी साथ में थी। ऐसे में राशन वितरण में शामिल जनता पर भी संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। सतपाल महाराज और उनकी पत्नी अमृता रावत मानव सेवा उत्थान समिति चलाते हैं। उनके तीर्थ नगरी हरिद्वार समेत देश भर में कई आश्रम भी हैं। इन आश्रमों से भी तमाम अनुयायियों का उनके घर आना जाना है। ऐसे में इस संक्रमण की जद में कितने लोग हैं इसका अनुमान अभी ठीक नहीं लग सकता है। मंत्री बोले, पूरी कैबिनेट नहीं होगी क्वारंटीन मंत्री सतपाल महाराज के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव समेत सरकार के सभी मंत्रियों पर भी संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। सतपाल महाराज ने बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में हिस्सा लिया था। उनके कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद अब सरकार के तमाम मंत्री मुख्यमंत्री और अधिकारियों के भी कोरोना टेस्ट कराने होंगे। इसके बाद तत्काल बाद मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव समेत सभी मंत्रियों को भी क्वारंटीन किए जाने की बात कही जा रही थी। हालांकि सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार फर्स्ट कांटैक्ट में आने वाले लोगों को ही क्वारंटीन किया जाता है। ऐसे में उन्होंने सभी कैबिनेट मंत्री और अधिकारियों के क्वारंटीन होने की बात से इनकार कर दिया। दो बेटे और बहुएं भी पॉजिटिव सतपाल महाराज, उनके दो बेटे और बहुएं भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं। एक बेटे की रिपोर्ट पर संशय है, इसलिए उनका दोबारा सैंपल लिया जाएगा। साथ ही उनके स्टाफ के 17 लोग पॉजिटिव मिले हैं और 6 की दोबारा से जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सतपाल महाराज के घर काम करने वाले सभी कर्मचारियों को क्वारंटीन कर दिया है। साथ ही महाराज के परिवार को देहरादून के एक होटल में क्वारंटीन किया गया है। अब परिवार के सभी कोरोना पॉजिटिव लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने की तैयारी है।


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