सोमवार, 26 अगस्त 2019

हरिद्वार: एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का किया विरोध, मिला तीन तलाक

हरिद्वार उत्तराखंड के हरिद्वार में का विरोध करने पर एक साथ तीन तलाक देने का मामला सामने आया है। नया कानून बनने के बाद हरिद्वार में तीन तलाक का यह पहला केस बताया जा रहा है। महिला की पहचान मोहसीना के रूप में हुई है जो ज्वालापुर इलाके के तहत आने वाले अहबाब नगर में रहती हैं। महिला ने दावा किया कि उसने अपने पति का किसी दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध का विरोध किया था। इस वजह से उसके पति ने उसे एक साथ तीन तलाक बोल दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। महिला ने पुलिस को बताया कि 2017 में उसकी शादी लोटन (50) से हुई थी। लोटन की पहली पत्नी की मौत हो गई थी और यह मोहसीना की भी दूसरी शादी थी। पुलिस ने दर्ज की महिला की शिकायतअपनी शिकायत में मोहसीना ने बताया कि उसके पति का दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध था और जब वह इसका विरोध करती थीं तो लोटन उन्हें पीटता था। मोहसीना ने बताया कि शुक्रवार रात उसके पति ने उसे एक साथ तीन तलाक बोल दिया। हालांकि पुलिस ने महिला की शिकायत दर्ज कर ली, लेकिन एफआईआर फाइल नहीं हुई है। ज्वालापुर पुलिस स्टेशन के एसएचओ योगेश देव ने बताया, 'एक महिला हमारे पास तीन तलाक की शिकायत लेकर आई थी और हम अभी मामले की जांच कर रहे हैं।'


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रविवार, 25 अगस्त 2019

उत्तराखंड के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मध्य प्रदेश में खोले गए बांध के गेट

चंडीगढ़/देहरादून/इंदौर देश के कई हिस्सों में मॉनसूनी बारिश और बाढ़ का कहर जारी है। उत्तराखंड के 5 जिलों में अगले 12 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं मध्य प्रदेश में भी मूसलाधार बारिश से जलस्तर बढ़ने की वजह से माताटीला बांध के 20 गेट खोले गए हैं और 3 लाख क्यूसेक पानी को छोड़ा गया है। पाकिस्तान के भारतीय प्रांत में पानी छोड़ने के बाद पंजाब के सीमांत जिले फिरोजपुर में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। उत्तराखंड: अगले 12 घंटों में हो सकती है भारी बारिश उत्तराखंड में पिछले दिनों बाढ़ और बारिश से तबाही के बाद एक बार फिर भारी बारिश की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में सोमवार को भारी बारिश हो सकती है। यहां येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन जिलों में अगले 12 घंटे के भीतर भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में बादल फटने की भी आशंका के जताई है। उत्तराखंड में आपदा से अब तक 59 लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार को यहां चमौली और रुद्रप्रयाग में रविवार सुबह बारिश होने की वजह से बदरीनाथ और केदारनाथ हाइवे में तगड़ा जाम लग गया। यहां बड़े वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। पहाड़ों से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। मध्य प्रदेश: बांध के 20 गेट खोले गए, 24 घंटे में भारी बारिश की आशंका मध्य प्रदेश में हो रही लगातार बारिश से राजघाट और माताटीला बांध में जलस्तर बढ़ गया है। रविवर सुबह माताटीला बांध के 20 गेट खोलकर शाम तक 3 लाख क्यूसेक पानी बेतवा नदी में छोड़ा गया है। शनिवार को विदिशा के सिरोंज इलाके में एक घर ढहने से एक शख्स की दबकर मौत हो गई थी। जबकि एक घायल हो गया। घायल को रस्सी और खाट का इस्तेमाल करके नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाके में भारी बारिश से बाढ़ के हालात हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित राज्य के अन्य हिस्सों में रविवार से घने बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों में कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और तटीय ओडिशा में कम दवाब का क्षेत्र बनने के कारण राज्य में बारिश का दौर जारी है। वहीं कम दवाब के क्षेत्र का असर राज्य के पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बढ़ने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में भोपाल, श्योपुर कलां, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, रायसेन, खंडवा, बैतूल, होशंगाबाद, उज्जैन, रतलाम, खरगोन में भारी बारिश की चेतावनी है। पंजाब: पाकिस्तान ने छोड़ा पानी, फिरोजपुर में बाढ़ की स्थिति पंजाब में अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान ने बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा है जिससे तेंदिवाला गांव में तटबंध एक हिस्सा टूट गया है और पाक सीमा से सटे जिले के कुछ गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। मुख्यमंत्री ने रविवार को जल संसाधन विभाग को फिरोजपुर के तेंदीवाला गांव में तटबंध को मजबूत करने के लिए सेना के अधिकारियों के साथ एक संयुक्त कार्य योजना बनाने को कहा है। एक सरकारी प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि फिरोजपुर जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है तथा एहतियात के तौर पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और सेना की टीम तैनात की गई है। फिरोजपुर के उपायुक्त के अनुसार मखु और हुसैनीवाला इलाके में बाढ़ प्रभावित 15 गांवों में 500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और लगभग 630 लोगों को आावश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की गयी है। इसके अतिरिक्त लगभग 950 खाद्य पैकेट लोगों के बीच वितरित किए गए हैं और पशुओं के चारे की आपूर्ति के लिए पर्याप्त इंतजाम किया गया है। पंजाब में दिल्ली से आएगी टीम बाढ़ग्रस्त पंजाब में नुकसान का आकलन करने के लिए एक केंद्रीय टीम जल्द ही राज्य का दौरा करेगी। राज्य के कुछ हिस्सों में रविवार को भी जमकर बारिश हुई। इस बीच, मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सभी मंत्रियों और उपायुक्तों को सतर्कता बढ़ाते हुए राहत कार्यों की देखरेख का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक उच्च स्तरीय बैठक में फिरोजपुर, जालंधर, कपूरथला और रूपनगर जिलों में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर सभी मंत्रियों और उपायुक्तों को सतर्कता बरतने तथा राहत कार्यों की देखरेख करने का निर्देश दिया है।’ मुख्यमंत्री ने चार मंत्रियों - चरनजीत सिंह चन्नी, सुंदर श्याम अरोड़ा, गुरप्रीत सिंह कांगर औ भारत भूषण आशु- को जालंधर कपूरथला और रूपनगर जिलों में आयी बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत अभियान की देख रेख करने के लिए कहा है। राजस्थान राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी हिस्सों के एक दो स्थानों पर भारी बारिश और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान कोटा के कंवास में 7 सेंटीमीटर, झालावाड के खानपुर में 7 सेंटीमीटर, असनावर में 6 सेंटीमीटर, कोटा के सांगोंद में 5 सेंटीमीटर, बारां में 5 सेंटीमीटर, अटरू में 4 सेंटीमीटर, डूंगरपुर में 4 सेंटीमीटर और अन्य कई स्थानों पर 3 सेंटीमीटर से 2 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। रविवार सुबह से शाम तक कोटा में 10.8 मिलीमीटर, जयपुर में .8 मिलीमीटर और श्रीगंगानगर में 0.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राजधानी जयपुर में दोपहर बाद करीब 15 मिनट तक कई स्थानों पर बारिश हुई। इससे कई जगहों पर पानी भर गया। विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान बांसवाडा, बारां, भीलवाडा, बूंदी, चित्तौडगढ, राजसमंद, सवाईमाधोपुर और सिरोही में मूसलाधार बारिश होने की चेतावनी जारी की है। वहीं पूर्वी राजस्थान के कई स्थानों पर और पश्चिमी राजस्थान के एक- दो स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना जताई है। हिमाचल में 31 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में शनिवार को हल्की से मध्यम गति की बारिश हुई। 31 अगस्त तक यहां और अधिक बारिश की संभावना है। शिमला, डलहौजी और मनाली में शनिवार को बारिश हुई। उना में सर्वाधिक तापमान 32.8 डिग्री दर्ज किया गया जबकि लाहौल-स्पीति के प्रशासनिक केंद्र केलॉन्ग में 11.8 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। उत्तर प्रदेश में रविवार को झमाझम बारिश उत्तर प्रदेश के लखनऊ और आस-पास के इलाकों में शनिवार और रविवार को भारी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, वाराणसी में 6.2 मिमी, झांसी में 1.4 मिमी, मेरठ में 5.2 मिमी, बलिया में 5.4 मिमी, हरदोई में 16.8 मिमी, शाहजहांपुर में 24.8 मिमी, उरई में 39 मिमी, अलीगढ़ में 3.7 मिमी और मुजफ्फरनगर में 46.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।


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एसडीआरएफ की मदद से बिहार के युवक को 13 साल बाद अपना परिवार मिला

देहरादून, 25 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड पुलिस के प्रयासों की बदौलत 22 वर्षीय एक युवक को 13 साल बाद अपना परिवार मिल गया। वह 13 वर्ष पहले बिहार के गया जिले से उत्तरकाशी के किराणु गांव मजदूरी करने आया था। हाल में उत्तरकाशी जिले के मोरी ब्लॉक के किराणु में आयी आपदा के बाद बचाव और राहत अभियान के दौरान इस युवक ने राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के एक जवान कुलदीप सिंह से अपना घर ढूंढने में मदद मांगी और उन्होंने उसे निराश भी नहीं किया । एसडीआरएफ के प्रवक्ता आलोक सिंह ने बताया कि आराकोट गांव के पास हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित आपदाग्रस्त किराणु गांव में जब कुलदीप तथा अन्य लोगों की टीम बचाव व राहत के कार्य में लगी थी तभी 21 अगस्त को 22 वर्षीय शीवाजन उनके संपर्क में आया और उसने मदद मांगी । कुलदीप सिंह के हवाले से आलोक सिंह ने बताया कि मदद मांगते समय युवक की आंखों में आंसू थे और उसने कहा कि मुझे अपने घर जाना है । हालांकि, उसे यह नहीं पता था कि उसे जाना कहां है । कुलदीप ने जब विस्तृत जानकारी प्राप्त की तो ज्ञात हुआ कि 13 वर्ष पूर्व शीवाजन बिहार के कुछ मजदूरों के साथ क्षेत्र में आया था और सेबों की पैकिंग का काम करता था। उसी दौरान एक दिन मजदूरों का मालिक से झगड़ा हो गया और वे उसे छोड़ कर रात को ही गांव से चले गए । शीवाजन की उम्र उस समय नौ वर्ष थी और उसे अपने गांव या पिता का नाम आदि कुछ भी स्पष्ट रूप से याद नहीं था। सिर्फ इतनी जानकारी मिली कि उसके घर के पास हवाई जहाज उड़ा करते थे । इसी आधार पर कुलदीप सिंह ने इंटरनेट पर बिहार के बड़े हवाई अड्डे के पास बसे गांवों को ढूंढना शुरू किया। उनकी मेहनत रंग लायी और शीवाजन के बताए गांव की तरह 'बडेजी' गांव गया हवाई अड्डे के करीब दिखा। इस पर कुलदीप ने निकटवर्ती पुलिस थाने मगध और मुफस्सिल थाने से संपर्क किया किन्तु उधर से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला । इसके बाद भी कुलदीप ने अपने प्रयास नहीं छोडे़ और गया के पुलिस अधीक्षक को फोन पर घटना से अवगत कराया जिसके बाद शीवाजन के परिवार की जानकारी प्राप्त हो गयी । युवक की अपने परिवार से फोन पर बातें भी हुई हैं और अब 13 साल के बनवास के बाद उसे अपना परिवार मिल गया । शीवाजन से मिलने की आस छोड़ चुकी उसकी मां फूलादेवी भी उससे मिलने को आतुर हैं और अपने दूसरे पुत्र रोहित मांजी के साथ देहरादून आ रही हैं । एसडीआरएफ के कमांडांट ने कुलदीप को इस मेहनत पर शाबाशी देते हुए 2500 रु के नकद इनाम की घोषणा की है ।


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उत्तराखंड में वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना पड़ेगा भारी

देहरादून, 25 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड पुलिस वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने वालों और दुपहिया वाहन पर तीन सवारियां लेकर चलने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलायेगी । प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिये सभी जिलों में आगामी एक सितम्बर से 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा जिसमें ऐसे वाहन चालकों के चालान काट जायेंगे तथा वाहन जब्त किए जाएगें। पुलिस उपमहानिरीक्षक, यातायात ने बताया कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने और दो पहिया वाहनों पर तीन सवारी बैठाने से सड़क हादसे का खतरा बढ़ जाता है और ऐसा करके वाहन चालक अपने साथ-साथ दूसरों की जान भी खतरे में डालते हैं। उन्होंने बताया कि सभी जिलों के प्रभारियों को ऐसे वाहन चालकों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है ।


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शनिवार, 24 अगस्त 2019

मन की बात: 'मैन वर्सेज वाइल्‍ड' में पीएम मोदी की हिंदी में कही बात को ऐसे समझ रहे थे बेयर ग्रिल्‍स

देहरादून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 अगस्‍त को डिस्‍कवरी चैनल के मशहूर शो 'मैन वर्सेज वाइल्‍ड' के शो में नजर आए थे। इस शो के दौरान 'मैन वर्सेज वाइल्‍ड' के होस्‍ट बेयर ग्रिल्‍स प्रधानमंत्री से अंग्रेजी में सवाल पूछ रहे थे और पीएम मोदी उनका हिंदी में जवाब दे रहे थे। शो के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया में सवाल पूछना शुरू कर दिया कि बेयर ग्रिल्‍स ने पीएम मोदी की बात को कैसे समझा। अब खुद प्रधानमंत्री मोदी ने इसका जवाब दे द‍िया है। प्रधानमंत्री ने अपने साप्‍ताहिक रेडियो प्रोग्राम '' में इसका रहस्‍योद्धाटन किया। उन्‍होंने कहा, 'कुछ लोग संकोच के साथ मुझसे एक बात पूछते हैं कि पीएम मोदी यह बताइए आप हिंदी बोल रहे थे और बेयर ग्रिल्‍स हिंदी जानते नहीं हैं? ये क्‍या बाद में एडिट किया हुआ है? ये इतना बार-बार शूटिंग हुआ है? क्‍या हुआ है? बड़ी जिज्ञासा के साथ पूछते हैं।' हिंदी से अंग्रेजी अनुवाद में तकनीक ने की मदद पीएम मोदी ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'देखिए, इसमें कोई रहस्‍य नहीं है। वास्‍तविकता तो यह है कि बेयर ग्रिल्‍स के साथ बातचीत के दौरान तकनीक का भरभूर इस्‍तेमाल किया गया। जब मैं कुछ बोलता था तो तुरंत ही अंग्रेजी में साथ के साथ अनुवाद होता था। साथ ही साथ उसकी व्‍याख्‍या भी की जाती थी। बेयर ग्रिल्‍स के कान में एक छोटा सा कार्डलेस इंस्‍ट्रूमेंट लगा हुआ था। मैं बोलता था हिंदी में लेकिन उनको सुनाई देता था अंग्रेजी।' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इससे संवाद आसान हो गया और यही तकनीक का कमाल है। पीएम मोदी ने कहा कि इस शो के बाद बड़ी संख्‍या में लोग जिम कार्बेट की चर्चा करते नजर आए। मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि नॉर्थ ईस्‍ट जाइए। क्‍या प्रकृति है वहां पर, आप देखते ही रह जाएंगे। आपके भीतर का विस्‍तार हो जाएगा। बता दें कि उत्‍तराखंड के जिम कार्बेट पार्क में शूट किए गए शो के इस स्‍पेशल एपिसोड को देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी लोगों ने जमकर देखा था। यह शो टेलिविजन की दुनिया में ट्रॉप ट्रेंडिंग में चला गया था। खुद बेयर ग्रिल्‍स ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी थी। ग्रिल्‍स के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी के साथ फिल्‍माए गए स्‍पेशल एपिसोड को 3.6 बिलियन सोशल मीडिया इंप्रेशन मिले हैं। इसने टीवी जगत के एक बड़े शो सुपर बाउल 53 को को भी ट्रेंडिंग के मामले में पीछे छोड़ दिया है। सुपर बाउल 53 को 3.4 बिलियन सोशल मीडिया इंप्रेशन मिले हैं। जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व 520 स्कॉयर किलोमीटर तक फैला हुआ है। इसमें बड़ी संख्या में बाघ और मगरमच्छ मौजूद हैं। ग्रिल्स की मानें तो कई मौके ऐसे आए जब उनकी टीम भी खतरा महसूस कर रही थी, लेकिन मोदी तब भी विचलित नहीं दिखे। वाइल्‍ड लाइफ पर की थी चर्चा इस शो में पीएम मोदी ने बेयर ग्रिल्‍स को अपनी जिंदगी से जुड़े कई अहम किस्सों के बारे में बताया। पीएम ने प्रकृति और हिमालय से अपने लगाव के बारे में भी बताया। मोदी और ग्रिल्स ने वाइल्ड लाइफ और प्रकृति को संरक्षित करने पर भी काफी चर्चा की थी। पीएम ने कहा, 'यदि हम प्रकृति से संघर्ष करते हैं तो यह प्रकृति के साथ सबके लिए खतरनाक होता है, लेकिन हम प्रकृति से संतुलन बना लेते हैं तो वह भी हमारी मदद करती है।'


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नदियों को पुनर्जीवित करने के प्रयास तेज करेगी उत्तराखंड सरकार

देहरादून, 25 अगस्त :भाषा: उत्तराखंड सरकार अब ‘रिस्पना’ और ‘बिन्दल’ नदियों को पुनर्जीवित करने के अपने प्रयासों में तेजी लाएगी । वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के बाद से ही प्रदेश की नदियों, खासतौर पर ‘रिस्पना’ और ‘बिंदाल’ को फिर से पुराने स्वरूप में लौटाने का बीड़ा उठाने वाले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कई बार दोनों नदियों को पुनर्जीवित करने के अपने संकल्प को दोहराया है और दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाते हुए मिशन ‘रिस्पना से ऋषिपर्णा’ शुरू किया है । सरकार की गंगा को स्वच्छ बनाने की मुहिम में भी इन दोनों नदियों का पुनर्जीवित होना खास मायने रखता है । ‘रिस्पना’ और ‘बिन्दल’ अगर प्रदूषण-मुक्त हो जाती हैं तो इसका सीधा असर गंगा पर पडे़गा जिसे साफ करना केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है । ‘रिस्पना’, ‘गंगा’ की एक अत्यंत प्रदूषित सहायक नदी है जो मसूरी से शुरू होकर देहरादून से बहती हुई बिन्दल नदी से मिलकर हरिद्वार में ‘गंगा’ में विलीन हो जाती है । इसके अलावा, जानकारों का मानना है कि ‘रिस्पना’ व ‘बिन्दल’ नदियों का पुनर्जीवित होना इन नदियों के साथ ही देहरादून के भी व्यापक हित में है जिससे देहरादून के सौंदर्य में बढ़ोत्तरी के साथ ही इसके पर्यावरण में भी सुधार होगा । पिछले साल सरकार ने मुख्यमंत्री रावत के नेतृत्व में ‘केरवान’ गांव से शुरू हुए मिशन 'रिस्पना से ऋषिपर्णा' के तहत ‘रिस्पना’ के तट पर ढाई लाख पौधे लगाए थे जिनमें अमलतास, शीशम, कचनार, बांस, बेलपत्र, आंवला, हरड़, बहेड़ा, तेजपात आदि 18 से अधिक विभिन्न प्रजातियां के पौधे शामिल थे । इस साल भी ‘रिस्पना’ के किनारे 31 हजार पौधों का रोपण किया गया जिनमें मुख्यत: पीपल और बरगद के पेड़ शामिल थे । बिंदाल के किनारे भी पौधारोपण की इसी प्रकार की योजना को अंजाम दिया जा रहा है । कभी देहरादून की जीवन रेखा रहीं लेकिन अब आबादी के दबाव और लोगों की आदतों के चलते गंदे नाले में तब्दील रिस्पना और बिंदाल नदियों के पुनर्जीवीकरण के प्रयासों में तेजी लाने के लिये जल्द ही कार्यदायी संस्था के चयन को अंतिम रूप दिया जायेगा तथा योजना के क्रियान्वयन से संबंधित औपचारिकतायें बहुत जल्द पूरी कर ली जायेंगी । एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिकारियों को सार्वजनिक उपक्रमों के साथ ज्वाइंट वैंचर के माध्यम से संचालित की जाने वाली इस योजना के सम्बन्ध में तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट :डीपीआर: के आधार पर कार्यदायी संस्था के चयन को अंतिम रूप देने तथा विभिन्न विभागों द्वारा की जाने वाली कार्यवाही को जल्द से जल्द करने के निर्देश दिये हैं । उन्होंने बताया कि इस योजना में साबरमती रिवर फ्रंट के अधिकारियों का भी सहयोग लिया जायेगा । नदियों के पुनर्जीवीकरण के तहत रिस्पना के आस-पास 1.2 किलोमीटर और बिन्दाल के आसपास 2.2 किलोमीटर क्षेत्र में रिवर फ्रन्ट डेवलपमेन्ट के तहत चैनलाइजेशन तथा जन सुविधाओं एवं सड़कों का निर्माण, निर्धनों के लिए आवास निर्माण, पार्किंग व्यवस्था के साथ ही रिवर फ्रन्ट एरिया के सौन्दर्यीकरण का कार्य किया जायेगा। इसके अलावा, देहरादून के कारगी क्षेत्र में उत्तराखंड के सबसे बडे सीवेज शोधन संयंत्र का निर्माण किया गया है जिससे शोधित जल में क्लोरीन मिलाकर जीवाणुरहित कर पुन: नदियों में छोडा जा रहा है । राज्य सरकार का दावा है कि इससे नदियों मुख्य रूप से बिंदाल नदी में प्रदूषण की मात्रा काफी हद तक कम हो गयी है तथा बीमारियों की संख्या में भी कमी आयी है । इस संबंध में गैर सरकारी संगठन 'हैस्को' के संस्थापक और पर्यावरणविद् पदमश्री अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि रिस्पना को पुनर्जीवित करने का प्रयास एक बहुत अच्छी पहल है । हालांकि, उन्होंने कहा कि परियोजना की सफलता के लिये सरकार के साथ ही इसमें आम जनता की भागीदारी भी आवश्यक है ।


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आचार्य बालकृष्ण को एम्स ऋषिकेश से मिली छुट्टी, मुख्यमंत्री ने जाना हालचाल

ऋषिकेशऋषिकेश के एम्स में भर्ती पतंजलि योगपीठ के महामंत्री के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्‍हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। एम्स के डायरेक्टर डॉ. रविकांत ने बताया कि डॉक्टर की विशेषज्ञ टीम की निगरानी में उन्हें आईसीयू में रखा गया था। उनके स्वास्थ्य में सुधार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है। एम्स से छुट्टी पाने से पहले उनसे प्रदेश के त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बालकृष्ण से मिलकर उनका हालचाल जाना। उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, रामदेव, जूना अखाड़े के स्वामी अवधेशानन्द समेत परमार्थ ऋषिकेश के परमाध्यक्ष चिदानंद मुनि आदि भी एम्स में मौजूद थे। स्वामी रामदेव ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण की तबीयत पेड़ा खाने के बाद ही बिगड़ी थी। इसके पीछे उन्होंने किसी साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद पतंजलि योगपीठ की ओर से इस संबंध में मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है। अगर किसी ने साजिश के तहत ऐसा किया है तो दोषी को सजा मिलेगी। अभी तक की जांच में यही बात सामने आई है कि खाने में कुछ जहरीला सेवन करने से उनकी तबीयत बिगड़ गई। एम्स के चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि फिलहाल उनके एंजाइम्स और खून के नमूने फरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं, इनकी रिपोर्ट आने में वक्त लगेगा। यह रिपोर्ट आने पर सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने बताया कि आचार्य बालकृष्ण को हृदय और मस्तिष्क से संबंधी कोई बड़ी समस्या नहीं है। शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे मिठाई खाने के बाद आचार्य बालकृष्ण की अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें उपचार के लिए हरिद्वार स्थित भूमानंद अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया। शाम करीब सवा चार बजे बाबा रामदेव खुद आचार्य बालकृष्ण को लेकर एम्स ऋषिकेश पहुंचे। यहां उनका एमआरआई, ईसीजी और अन्य चिकित्सकीय परीक्षण किए गए और इसके बाद इंटेंसिव केयर यूनिट (आइसीयू) में भर्ती कर दिया गया। शाम सात बजे एम्स के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. ब्रह्मप्रकाश ने उनका मेडिकल बुलेटिन जारी किया। बताया कि आचार्य बालकृष्ण के कई मेडिकल टेस्ट कराए गए। उनकी अधिकांश मेडिकल रिपोर्ट सामान्य आई थीं।


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