तुम गीत गुनगुनाते हो तो दिल धरक जाता है....
अब शिकवा न करूँ तो क्या करूँ....
अब शिकवा न करूँ तो क्या करूँ....
तुम सरगम छेड़ते हो तो साज़ थिरक जाता है,,,
अब शिकवा न करूँ तो क्या करूँ....
अब शिकवा न करूँ तो क्या करूँ....
अब तुम ये मत कहना की मीठी तकरार करते हैं
....हम... तुम से ऐ सनम ,,,,,,
तुम नाम मेरा लेते हो तो मेरी साँसे रुक जाती है...
अब शिकवा न करूँ तो क्या करूँ ....
....हम... तुम से ऐ सनम ,,,,,,
तुम नाम मेरा लेते हो तो मेरी साँसे रुक जाती है...
अब शिकवा न करूँ तो क्या करूँ ....

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