मंगलवार, 23 जून 2015

यारी है ईमान मेरा........

गर खुदा मुझ से कहे, कुछ मांग ऐ बन्दे मेरे
मैं ये माँगू महफिलों के दौर यूँ चलते रहे
हमप्याला, हमनिवाला, हमसफ़र, हमराज हो
ता क़यामत जो चिरागों की तरह जलते रहे
यारी है ईमान मेरा, यार मेरी जिन्दगी
प्यार हो बन्दों से ये सब से बड़ी है बंदगी
साज-ए-दिल छेड़ो जहाँ में, प्यार की गूंजे सदा
जिन दिलों में प्यार हैं, उन पे बहारें हो फ़िदा
प्यार लेके नूर आया, प्यार लेके ताजगी
जान भी जाए अगर यारी में यारो ग़म नहीं
अपने होते यार हो ग़मग़ीन मतलब हम नहीं
हम जहाँ है उस जगह झूमेगी नाचेगी खुशी
गुल-ए-गुलज़ार क्यों बेजार नजर आता है
चश्म-ए-बद का शिकार यार नजर आता है
छूपा ना हमसे ज़रा हाल-ए-दिल सूना दे तू
तेरी हँसी की कीमत क्या है, ये बता दे तू
कहे तो आसमान से चाँद तारें ले आऊँ
हसीन, जवान और दिलकश नज़ारे ले आऊँ
तेरा ममनून हूँ तूने निभाया याराना
तेरी हँसी है आज सब से बड़ा नजराना
यार के हँसते ही, महफ़िल पे जवानी आ गई
यारी है ईमान मेरा........

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