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उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने न्यायाधिकार क्षेत्र में आने वाले अस्पतालों में सुनिश्चित करें कि डॉक्टर केवल जेनेरिक दवाएं ही लिखें। बहुगुणा ने ऐसे नहीं करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को भी कहा है।
गौरतलब है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को गुणवत्ता पूर्ण इलाज मुहैया कराने के लिए देशभर में जन औषधि केंद्र खोले गए हैं जहां पर ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले कहीं सस्ते जेनेरिक दवाओं की बिक्री होती है।
सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को लिखे पत्र में स्वास्थ्य निदेशक ने कहा कि सरकार समय-समय पर आदेश जारी कर डॉक्टरों को जेनेरिक दवाएं ही लिखने को कहती रही है लेकिल ऐसा पाया गया है कि आदेश का उल्लंघन करते हुए डॉक्टरों द्वारा ब्रांडेड दवाएं लिखने का क्रम जारी है।
इंदिरा हृदयेश उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष की नेता थीं। उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनके लिए यह विश्वास करना मुश्किल है कि वह नहीं रहीं।
धामी ने कहा, “ उत्तर प्रदेश विधान परिषद और उत्तराखंड विधानसभा की कई बार सदस्य रहने के कारण, उन्हें विधायी कार्यवाही का गहरा ज्ञान था और मेरे जैसे नए लोगों के लिए वह बहुत मददगार थीं।” उन्होंने कहा कि उनकी आकस्मिक मृत्यु ने एक बड़ा शून्य पैदा कर दिया है।
कल्याण सिंह को याद करते हुए, धामी ने राम मंदिर आंदोलन में उनके महत्वपूर्ण योगदान के बारे में बात की और कहा कि उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के लिए अपनी सरकार का बलिदान दिया था।
उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रीतम सिंह ने भी हृदयेश को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वह एक असाधारण राजनीतिक नेता थीं, जो अपने युवा सहयोगियों को अपने अनुभव का लाभ देकर खुश होती थीं, भले ही उनका राजनीतिक जुड़ाव किसी भी पार्टी से रहा हो।
पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री बची सिंह रावत, गंगोत्री के विधायक गोपाल सिंह रावत, पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह भंडारी, पूर्व विधायकों अमरीश कुमार और श्री चंद को भी विधानसभा में श्रद्धांजलि दी गई।
मुख्यमंत्री ने बची सिंह रावत को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी सादगी अद्भुत थी और उनका कोई राजनीतिक शत्रु नहीं था।
धामी ने गंगोत्री के विधायक गोपाल सिंह रावत को एक गंभीर, विनम्र और स्नेही व्यक्ति के रूप में याद किया जो अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित थे।
विधानसभा में प्रवेश करने से पहले सदन के सभी सदस्यों ने प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा की तस्वीर पर फूल चढ़ाए, जिनका मई में निधन हो गया था। बहुगुणा चिपको आंदोलन के नेताओं में से एक थे।
त्योहार में भक्तों को चार कुलों में विभाजित किया जाता है, जो देवी को प्रसन्न करने के लिए एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते हैं। देवीधुरा मंदिर समिति के अध्यक्ष खिम सिंह लम्हरिया ने कहा कि उत्सव सिर्फ सात मिनट के लिए आयोजित किया गया था। लेकिन इतने कम समय में भी कुल 300 में से 77 श्रद्धालु घायल हो गए।
यह उत्सव हर साल देवी को प्रसन्न करने के लिए एक अनुष्ठान के रूप में आयोजित किया जाता है।
लम्हरिया ने कहा कि कोविड -19 के कारण ऐहतियात के तौर पर प्रशासन में से किसी ने भी उत्सव में हिस्सा नहीं लिया और बाहर से किसी भी मेहमान को आमंत्रित नहीं किया गया।
उन्होंने कहा, ''बग्वाल फूलों और स्थानीय फलों से खेला गया। कुल 1,250 स्थानीय लोगों ने इसे देखा।''
यहां स्थित मेडिकल कॉलेज में टीका पेश करने से पहले मुख्यमंत्री और मंत्रिमडल के उनके सहयोगियों ने दो मिनट मौन रहकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की जिनका निधन लंबी बीमारी के बाद शनिवार को लखनऊ के एक अस्पताल में हो गया था।
टीके को पेश करने के मौके पर धामी ने कहा कि इस साल दिसंबर तक राज्य सरकार शत प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त कर लेगी। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में केंद्र सरकार सभी तरह की मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र से पहले ही टीके की 17 लाख खुराक मिल चुकी है और राज्य के दूरस्थ इलाकों में टीकाकरण के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगर कोविड-19 की तीसरी लहर आती है तो उसके लिए पूरी तरह से तैयार है और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
रावत ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा ने हिंदू धर्म को इसके मूल तत्वों से दूर कर दिया है और इसे हिंदुत्व तक सीमित कर दिया है। हम अपने मूल्यों में हिंदू हैं। हम सनातन धर्म में विश्वास करते हैं। हम हिंदू शब्द को हाईजैक नहीं करने देंगे।’’
अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव और उत्तराखंड के लिए पार्टी की प्रचार समिति के प्रमुख ने कहा, ‘‘हिंदू होने के नाते हम वसुधैव कुटुंबकम, सर्वधर्म समभाव में विश्वास करते हैं लेकिन भाजपा सर्व धर्म झगड़ा भाव में विश्वास करती है।’’
रावत ने घोषणा की कि पार्टी अगले महीने परिवर्तन यात्रा की शुरुआत करेगी ताकि राज्य के लोगों को केंद्र एवं प्रदेश में भाजपा नेतृत्व वाली सरकारों की ‘‘विफलताओं’’ से अवगत कराया जा सके। उन्होंने कहा कि परिवर्तन यात्रा का उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि राज्य में सरकार में बदलाव की जरूरत क्यों है ताकि इसे आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके और ‘‘उत्तराखंडियत’’ को बरकरार रखा जा सके।
अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सुधार शुरू करने के कार्यों को राज्य सरकार द्वारा रोकने का आरोप लगाते हुए रावत ने कहा कि कांग्रेस अगर सत्ता में वापस आती है तो उन सभी कार्यों को फिर से शुरू किया जाएगा। रावत ने कहा, ‘‘हम उत्तराखंडियत के झंडे को बुलंद रखेंगे और एक कल्याणकारी राज्य बनाएंगे जहां आम आदमी, गरीब और समाज के वंचित तबके का ध्यान रखा जाएगा।’’