सोमवार, 23 अगस्त 2021

सफल हुआ व्यापारियों का धरना प्रदर्शन, उत्तराखंड सरकार ने 4 महीने बाद खोल दिया मनसा देवी रोपवे

देवेश सागर, हरिद्वार उत्तराखंड सरकार ने मां को फिर से संचालित करने की इजाजत दे दी है। इसके अलावा अपर रोड मोती बाजार हर की पौड़ी मां मनसा देवी प्रवेश मार्ग भी खोल दिया गया है। सरकार के इस फैसले से स्थानीय व्यापारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। रक्षाबंधन का त्योहार पड़ने से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने रोपवे सेवा से मां मनसा देवी के दर्शन किए और बाजारों में खरीदारी भी की। रोपवे (उड़न खटोला) को पुनः संचालित किए जाने की मांग को लेकर स्थानीय व्यापारी और अन्य स्थानीय निवासियों ने लगातार प्रदर्शन किया था। उत्तराखंड शासन स्तर पर पत्राचार करके भी कई बार गुहार लगाई गई थी। संचालन शुरू किए जाने के बाद सोमवार को व्यापारियों ने मां मनसा देवी पैदल मार्ग के समीप प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का स्वागत किया और मां में पूजा करने के बाद मां का भोग प्रसाद वितरण भी किया। मनसा देवी रोपवे शुरू करने पर व्यापारियों ने जताया आभार प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष नीरज सिंघल कहना है कि रोपवे सेवा को पुनः उत्तराखंड शासन द्वारा प्रारंभ किए जाने के आदेश का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना, कुंभ, कावड़ यात्रा, के प्रतिबंधों की मार झेल रहे व्यापारियों और व्यापार के लिए उत्तराखंड सरकार के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार का रोपवे पुनः संचालित किए जाने का फैसला किसी संजीवनी से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के दूरगामी परिणाम होंगे। इस अवसर पर प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री संजय त्रिवाल ने हरिद्वार के व्यापारियों का भरोसा दिलाया था कि वह अगर इसी तरह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर व्यापारी हितों में उनका साथ देंगे तो वह निरंतर उनकी समस्याओं के लिए संघर्षरत रहेंगे। संजय त्रिवाल ने कहा की देर से सही लेकिन सही समय पर उत्तराखंड शासन द्वारा रोपवे संचालन का निर्णय लिया गया वह स्वागत योग्य है।


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उत्तराखंड : जेनेरिक दवाएं नहीं लिखने वाले सरकारी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी

देहरादून, 23 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड की स्वास्थ्य निदेशक तृप्ति बहुगुणा ने सोमवार को चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को जेनेरिक दवाओं की जगह ब्रांडेड दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने न्यायाधिकार क्षेत्र में आने वाले अस्पतालों में सुनिश्चित करें कि डॉक्टर केवल जेनेरिक दवाएं ही लिखें। बहुगुणा ने ऐसे नहीं करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को भी कहा है।

गौरतलब है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को गुणवत्ता पूर्ण इलाज मुहैया कराने के लिए देशभर में जन औषधि केंद्र खोले गए हैं जहां पर ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले कहीं सस्ते जेनेरिक दवाओं की बिक्री होती है।

सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को लिखे पत्र में स्वास्थ्य निदेशक ने कहा कि सरकार समय-समय पर आदेश जारी कर डॉक्टरों को जेनेरिक दवाएं ही लिखने को कहती रही है लेकिल ऐसा पाया गया है कि आदेश का उल्लंघन करते हुए डॉक्टरों द्वारा ब्रांडेड दवाएं लिखने का क्रम जारी है।



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उत्तराखंड विधानसभा में हृदयेश और कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी गई

देहरादून, 23 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड की विधानसभा के मानसून सत्र की सोमवार को यहां शुरुआत हुई और सदस्यों ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता इंदिरा हृदयेश, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और पांच अन्य नेताओं को श्रद्धांजलि दी जिनका हाल में निधन हो गया था।

इंदिरा हृदयेश उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष की नेता थीं। उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनके लिए यह विश्वास करना मुश्किल है कि वह नहीं रहीं।

धामी ने कहा, “ उत्तर प्रदेश विधान परिषद और उत्तराखंड विधानसभा की कई बार सदस्य रहने के कारण, उन्हें विधायी कार्यवाही का गहरा ज्ञान था और मेरे जैसे नए लोगों के लिए वह बहुत मददगार थीं।” उन्होंने कहा कि उनकी आकस्मिक मृत्यु ने एक बड़ा शून्य पैदा कर दिया है।

कल्याण सिंह को याद करते हुए, धामी ने राम मंदिर आंदोलन में उनके महत्वपूर्ण योगदान के बारे में बात की और कहा कि उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के लिए अपनी सरकार का बलिदान दिया था।

उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रीतम सिंह ने भी हृदयेश को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वह एक असाधारण राजनीतिक नेता थीं, जो अपने युवा सहयोगियों को अपने अनुभव का लाभ देकर खुश होती थीं, भले ही उनका राजनीतिक जुड़ाव किसी भी पार्टी से रहा हो।

पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री बची सिंह रावत, गंगोत्री के विधायक गोपाल सिंह रावत, पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह भंडारी, पूर्व विधायकों अमरीश कुमार और श्री चंद को भी विधानसभा में श्रद्धांजलि दी गई।

मुख्यमंत्री ने बची सिंह रावत को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी सादगी अद्भुत थी और उनका कोई राजनीतिक शत्रु नहीं था।

धामी ने गंगोत्री के विधायक गोपाल सिंह रावत को एक गंभीर, विनम्र और स्नेही व्यक्ति के रूप में याद किया जो अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित थे।

विधानसभा में प्रवेश करने से पहले सदन के सभी सदस्यों ने प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा की तस्वीर पर फूल चढ़ाए, जिनका मई में निधन हो गया था। बहुगुणा चिपको आंदोलन के नेताओं में से एक थे।



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रविवार, 22 अगस्त 2021

Bagwal Mela: उत्तराखंड के बग्वान मेले में पथराव, 7 मिनट में घायल हुए 75 से ज्यादा श्रद्धालु, जानें क्या है देवीधुरा मंदिर की मान्यता

पिथौरागढ़ उत्तराखंड के चंपावत जिले में देवीधुरा मंदिर है। यहां पर हर साल बग्वाल उत्सव का आयोजन होता है। यह आयोजन ऐसा है जिसमें पथराव होता है। रविवार को देवीधुरा मंदिर में श्रद्धालुओं के एक दूसरे पर फेंके पर पत्थरों में 7 मिनट के अंदर 75 से ज्यााद लोग घायल हुए। घायलों का इलाज मेडिकल कैंप में लाया गया। रक्षा बंधन के अवसर पर यह त्योहार मनाया जाता है। लोग कुलदेवी बरही देवी को प्रसन्न करने के लिए लोग खून बहाते हैं। चार स्थानीय कुलों- वालिक, चमयाल, लमगरिया और गहरवाल हर साल मंदिर के मैदान में एकत्र होकर अनुष्ठान करते हैं। 'बलि नहीं दी तो आएगी आपदा' 2013 में, उत्तराखंड हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि त्योहार को पत्थरों के बजाय फलों और फूलों के साथ मनाया जाए। स्थानीय लोगों ने हाई कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी की। लोगों का मानना है कि देवता को रक्त बलि नहीं दी तो यहां आपदा आ जाएगी। मंदिर समिति के एक सदस्य ने कहा, 'हम बग्वाल की शुरुआत फलों से करते हैं और भक्तों को पत्थरों का इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया है, लेकिन वे इस मामले में अपनी दृढ़ आस्था के कारण निर्देश नहीं मानते हैं। यह है मान्यता लोककथाओं के अनुसार, जब राक्षसों ने देवीधुरा पर हमला किया, तो चारों कुलों ने देवी से उन्हें बचाने के लिए प्रार्थना की। वह मान गई, लेकिन बदले में हर साल मानव बलि मांगी। बाद में, देवी ने दया दिखाई और कुलों से कहा कि वे एक दूसरे पर पत्थर फेंक सकते हैं ताकि मानव बलि के बराबर खून बहाया जा सके। नतीजतन, हर साल उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में लोग घायल हो जाते हैं। 2019 में घायल हुए थे 120 से ज्यादा 2019 में, 120 से अधिक लोग घायल हुए थे, जबकि 2018 में यह संख्या 60 थी। पिछले साल, सख्त कोविड से संबंधित प्रतिबंधों का मतलब था कि त्योहार काफी हद तक प्रतीकात्मक था। लोहाघाट के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट अनिल गरव्याल ने कहा कि इस साल भी, उत्सव के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया गया था। 300 में 77 हुए घायल सभी प्रतिभागियों को कोविड निगेटिव रिपोर्ट के साथ प्रवेश दिया गया। कोविड जांच की सुविधा के लिए 20 और 21 अगस्त को मंदिर के पास शिविर लगाए गए थे। देवीधुरा मंदिर समिति के अध्यक्ष खिम सिंह लम्हरिया ने कहा कि उत्सव सिर्फ सात मिनट के लिए आयोजित किया गया था। लेकिन इतने कम समय में भी कुल 300 में से 77 श्रद्धालु घायल हो गए।


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उत्तराखंड: सादगी से मनाया गया पत्थर मार त्योहार बग्वाल

पिथौरागढ़, 22 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड के चंपावत जिले के देवीधुरा मंदिर में कोविड-19 प्रतिबंधों के कारण रविवार को बग्वाल उत्सव का आयोजन साधारण तरीके से किया गया। इस त्योहार में श्रद्धालु पारंपरिक रूप से एक-दूसरे पर पथराव करते है।

त्योहार में भक्तों को चार कुलों में विभाजित किया जाता है, जो देवी को प्रसन्न करने के लिए एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते हैं। देवीधुरा मंदिर समिति के अध्यक्ष खिम सिंह लम्हरिया ने कहा कि उत्सव सिर्फ सात मिनट के लिए आयोजित किया गया था। लेकिन इतने कम समय में भी कुल 300 में से 77 श्रद्धालु घायल हो गए।

यह उत्सव हर साल देवी को प्रसन्न करने के लिए एक अनुष्ठान के रूप में आयोजित किया जाता है।

लम्हरिया ने कहा कि कोविड -19 के कारण ऐहतियात के तौर पर प्रशासन में से किसी ने भी उत्सव में हिस्सा नहीं लिया और बाहर से किसी भी मेहमान को आमंत्रित नहीं किया गया।

उन्होंने कहा, ''बग्वाल फूलों और स्थानीय फलों से खेला गया। कुल 1,250 स्थानीय लोगों ने इसे देखा।''



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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने राज्य में स्पूतनिक टीका पेश किया

देहरादून, 22 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कोविड-19 से प्रतिरक्षण के लिए राज्य में रूस द्वारा विकसित टीका स्पूतनिक-V पेश किया। पहले दिन करीब 100 लोगों को स्पूतनिक टीके की खुराक दी गई।

यहां स्थित मेडिकल कॉलेज में टीका पेश करने से पहले मुख्यमंत्री और मंत्रिमडल के उनके सहयोगियों ने दो मिनट मौन रहकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की जिनका निधन लंबी बीमारी के बाद शनिवार को लखनऊ के एक अस्पताल में हो गया था।

टीके को पेश करने के मौके पर धामी ने कहा कि इस साल दिसंबर तक राज्य सरकार शत प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त कर लेगी। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में केंद्र सरकार सभी तरह की मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र से पहले ही टीके की 17 लाख खुराक मिल चुकी है और राज्य के दूरस्थ इलाकों में टीकाकरण के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगर कोविड-19 की तीसरी लहर आती है तो उसके लिए पूरी तरह से तैयार है और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।



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भाजपा को ‘‘हिंदू’’ शब्द को हाईजैक करने की अनुमति नहीं दी जाएगी : हरीश रावत

देहरादून, 22 अगस्त (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘‘हिंदू’’ शब्द को हाईजैक करने की अनुमति नहीं देंगे।

रावत ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा ने हिंदू धर्म को इसके मूल तत्वों से दूर कर दिया है और इसे हिंदुत्व तक सीमित कर दिया है। हम अपने मूल्यों में हिंदू हैं। हम सनातन धर्म में विश्वास करते हैं। हम हिंदू शब्द को हाईजैक नहीं करने देंगे।’’

अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव और उत्तराखंड के लिए पार्टी की प्रचार समिति के प्रमुख ने कहा, ‘‘हिंदू होने के नाते हम वसुधैव कुटुंबकम, सर्वधर्म समभाव में विश्वास करते हैं लेकिन भाजपा सर्व धर्म झगड़ा भाव में विश्वास करती है।’’

रावत ने घोषणा की कि पार्टी अगले महीने परिवर्तन यात्रा की शुरुआत करेगी ताकि राज्य के लोगों को केंद्र एवं प्रदेश में भाजपा नेतृत्व वाली सरकारों की ‘‘विफलताओं’’ से अवगत कराया जा सके। उन्होंने कहा कि परिवर्तन यात्रा का उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि राज्य में सरकार में बदलाव की जरूरत क्यों है ताकि इसे आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके और ‘‘उत्तराखंडियत’’ को बरकरार रखा जा सके।

अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सुधार शुरू करने के कार्यों को राज्य सरकार द्वारा रोकने का आरोप लगाते हुए रावत ने कहा कि कांग्रेस अगर सत्ता में वापस आती है तो उन सभी कार्यों को फिर से शुरू किया जाएगा। रावत ने कहा, ‘‘हम उत्तराखंडियत के झंडे को बुलंद रखेंगे और एक कल्याणकारी राज्य बनाएंगे जहां आम आदमी, गरीब और समाज के वंचित तबके का ध्यान रखा जाएगा।’’



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