गुरुवार, 27 अगस्त 2020

ये हैं इतिहास के 9 सबसे अमीर लोग, जानिए इनकी दौलत के बारे में...

क्या आपको पता हैं कि इतिहास में अभी तक का सबसे अमीर शख्स कौन था? आइए जानते हैं उस शख्सियत का नाम जिसकी संपत्ति का आकंड़ा आपको हैरान कर देगा.

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Uttarakhand News: नहीं सुधरे विधायक प्रणव सिंह चैंपियन, माफी मांगने के 3 दिन बाद ही उड़ाई नियमों की धज्जियां

पुलकित शुक्ला, हरिद्वार उत्तराखंड के हरिद्वार जिले की खानपुर विधानसभा के प्रणव सिंह चैंपियन अपने रवैया से बाज नहीं आ रहे हैं। 3 दिन पहले ही पार्टी ने उनका निष्कासन वापस लिया था और 13 महीने से पार्टी से निष्कासित चल रहे विधायक को माफी मांगने के बाद पार्टी में शामिल किया था। लेकिन चैंपियन इससे सबक लेते नजर नहीं आ रहे हैं। बीजेपी में दोबारा शामिल होने के बाद चैंपियन ने अपने विधानसभा क्षेत्र में बुधवार को फिर से नियम-कानून को ताक पर रखकर शक्ति प्रदर्शन किया है। चैंपियन ने दर्जनों हूटर लगी गाड़ियों के काफिले के साथ शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान विधायक के समर्थक गाड़ियों से बाहर हथियार निकाल कर बैठे नजर आए और गाड़ियों के हूटर के साथ तेज आवाज और म्यूजिक के साथ पूरे क्षेत्र में हंगामा मचा दिया। बता दें कि 13 महीने पहले भारतीय जनता पार्टी ने चैंपियन को अनुशासनहीनता के चलते 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था लेकिन आचरण में सुधार लाने और माफी मांगने के बाद 3 दिन पहले ही बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में चैंपियन को फिर से पार्टी में शामिल किया गया। पार्टी में शामिल होते ही चैंपियन ने फिर ये दिखा दिया वे अनुशासन का दावा करने वाली बीजेपी की नीतियों पर नहीं बल्कि अपने ही अंदाज में राजनीति करेंगे। चैंपियन के इस नए कारनामे की चारों तरफ चर्चा हो रही है।


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बुधवार, 26 अगस्त 2020

अच्छी खासी सैलरी वाली नौकरी छोड़ शुरू की फिनटेक कंपनी, मिनटों में मिलता है लोन

2018 में लॉन्च हुई नीरा (NIRA) एक फिनटेक कंपनी है जो छोटे लोन और व्यवसाय के लिए भारतीयों को लोन मुहैया कराती है. लोन की रकम 2500 रुपए से 1 लाख तक की होती है.

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देहरादून: जमीन पर पटककर पुलिस ने महिला की बेरहमी से की पिटाई

पुलकित शुक्ला, देहरादून देहरादून में पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है। देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में बीती रात एक दारोगा और सिपाही एक आरोपी को हिरासत में लेने उसके घर पहुंचे। घर में दाखिल होने पर महिलाओं की पुलिसकर्मियों के साथ कहासुनी हुई। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने अपना आपा खो दिया और महिला को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इस पूरी घटना का किसी ने वीडियो बनाकर पर वायरल कर दिया। वीडियो को देखकर लोग की आलोचना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग पुलिस को अमानवीय और संवेदनहीन बता रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है पुलिसकर्मी महिला को जमीन पर पटककर पीट रहा है। हालांकि, पुलिस के आला अधिकारी महिला के साथ मारपीट की बात से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिसकर्मी एक युवती की शिकायत पर एक आरोपी युवक को उठाने गए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवती की शिकायत है कि आरोपी उसके साथ छेड़छाड़ करता है। मामले में सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा भी दर्ज किया गया है। वीडियो में महिला भी पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता करते हुए नजर आ रही हैं। डीजीपी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।


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चार धाम सड़क परियोजना :समिति ने उत्तराखंड के पर्वतीय ढालों पर बेतरतीब खुदाई के खिलाफ चेतावनी दी

देहरादून, 26 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति के सदस्यों ने महत्वाकांक्षी चार धाम सड़क परयोजना के तहत उत्तराखंड के पर्वतीय ढालों पर ‘‘बेतरतीब तरीके से जारी खुदाई’’ के खिलाफ चेतावनी दी और कहा है कि यह ‘‘एक बहुत बड़ी गलती’’ साबित होगी। उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के लिये बारहमासी सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करीब 900 किमी सड़क का निर्माण किया जाना है, जिसकी आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में रखी थी। परियोजना के पर्यावरणीय पहलू पर गौर करने के लिये गठित समिति के दो वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि खुदाई अवैज्ञानिक तरीके से की जा रही है। समिति के अध्यक्ष ने कहा कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), राष्ट्रीय राजमार्ग एवं आधारभूत ढांचा विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) तथा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) बहुत ही गैर जिम्मेदाराना तरीके से अपना काम कर रहे हैं। समिति के अध्यक्ष रवि चोपड़ा ने कहा , ‘‘उन्होंने खतरनाक पर्वतीय ढालों की पहचान करने, परियोजना के तहत मलबा हटाने की उपयुक्त व्यवस्था के बाद पहाड़ को काटे जाने, फुटपाथ बनाने और सड़क के किनारे पौधे लगाने के हमारे सुझावों की अनदेखी की है।’’ उन्होंने कहा कि पर्वतीय ढाल पर चट्टानों को काटने का कार्य गैर जिम्मेदाराना तरीके से किया जा रहा है, मलबा नीचे वन, खेत और मकानों पर गिर रहा है। चोपड़ा के अनुसार, उपयुक्त निपटारा तंत्र का अभाव होने के चलते ऐसा हो रहा है। समिति ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा उच्चतम न्यायालय को जुलाई में अपनी सिफारिशें सौंपी थी ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में हो रही गलतियों को ठीक किया जा सकते। समिति के सदस्य एवं भूगर्भ वैज्ञानिक नवीन जुयाल ने कहा, ‘‘परियोजना के तहत खुदाई अवैज्ञानिक तरीके से की जा रही है। इस कार्य में पर्वतीय क्षेत्र की भूगर्भीय संरचना को ध्यान में नहीं रखा जा रहा है। ’’ उन्होंने कहा कि यदि पर्वतीय ढालों की इस कदर खुदाई की जाएगी तो यह पूरी घाटी को भूगर्भीय रूप से अस्थिर कर देगी, जो पहले से भी भूकंप, अचानक बाढ़ आने और बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिये संवेदनशील है। जुयाल ने कहा, ‘‘विशेषज्ञों के सुझावों की अनदेखी करते हुए जिस तरह से परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है, वह निश्चित रूप से एक बहुत बड़ी गलती होगी। ’’ उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा के लिये बारहमासी संपर्क मुहैया करने के लिये जो सड़क बनाई जा रही है वह आपदा संभावित होगी और भूस्खलन का एक नया क्षेत्र होगी। उन्होंने अवैज्ञानिक तरीके से भूस्खलन के कम से कम चार संभावित क्षेत्र निर्मित कर दिये जाने का जिक्र किया। जुयाल ने कहा कि एक आधिकारिक अनुमान के मुताबिक, परियोजना के क्रियान्वयन के लिये कम से कम 50,000 पेड़ काटे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि एक और खामी यह है कि इसे (परियोजना को) 53 छोटे-छोटे हिस्सों में बांटा गया है ताकि पर्यावरण प्रभाव आकलन अध्ययन से बचा जा सके जो कि 100 किमी और इससे अधिक की किसी परियोजना के लिये अनिवार्य है। जुयाल और समिति के सदस्य एक अन्य वैज्ञानिक हेमंत ध्यानी ने 59 पृष्ठों की रिपोर्ट में यह चिंता प्रकट की है। यह रिपोर्ट पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को सौंपी गई है। इसका शीर्षक ‘ए डिफरेन्ट व्यू : ए हिमालयन ब्लंडर’ है। उन्होंने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिये पांच फुट चौड़ा ‘अष्टपथ’ बनाने का भी सुझाव दिया है। चार धाम में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ आते हैं।


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उत्तराखंड में छह और कोविड मरीजों की मौत, 530 नए मामले सामने आए

देहरादून, 26 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड में बुधवार को कोविड—19 ने छह और मरीजों की जान ले ली जबकि 530 नए मरीजों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने से संक्रमितों का आंकडा 16549 हो गया । प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी यहां बुलेटिन के अनुसार, चार कोविड मरीजों ने एम्स ऋषिकेश में दम तोडा जबकि दो अन्य ने हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल में अंतिम सांस ली । अब तक प्रदेश में महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या 219 हो चुकी है । कोरोना वायरस से संक्रमित सर्वाधिक 170 नए मामले देहरादून जिले में मिले जबकि नैनीताल में 81, हरिद्वार में 80 और उधमसिंह नगर में 64 मरीज सामने आए । प्रदेश में अब तक कुल 11524 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं और उपचाराधीन मामलों की संख्या 4749 है । प्रदेश में कोविड 19 के 57 मरीज प्रदेश से बाहर चले गए हैं ।


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अखाडा परिषद ने की अशोक सिंघल को भारत रत्न देने की मांग

हरिद्वार, 26 अगस्त (भाषा) हरिद्वार में अगले साल होने वाले कुंभ की तैयारियों को लेकर साधु-संतों की संस्था अखिल भारतीय अखाडा परिषद की बुधवार को यहां बैठक हुयी। इसमें राम मंदिर निर्माण में योगदान के लिए दिवंगत विहिप नेता अशोक सिंघल को भारत रत्न देने की मांग की गयी। बैठक में अखाडा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी महाराज और महामंत्री हरि गिरि महाराज सहित सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि संतों ने भाग लिया। जूना अखाड़ा स्थित माया देवी मंदिर परिसर में संपन्न बैठक में अगले साल होने वाले कुंभ से जड़े कार्यो की ‘धीमी गति’ पर नाराजगी जताई गयी । नरेन्द्र गिरी महाराज की अध्यक्षता में हुई बैठक में 13 अखाड़ों के लिए 13 घाट और तीन अखाड़ों के लिए भूमि आवंटित करने की मांग भी की गई। दिगम्बर, निर्मोही और निर्वाणी अणी अखाडों के लिए भूमि आवंटित करने की मांग की गयी । बैठक में महाराष्ट्र में पालघर के संत हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग का प्रस्ताव भी पारित किया गा। बैठक में अशोक सिंघल को भारत रत्न दिए जाने की मांग की गई। इसके अलावा राम मंदिर में सहयोग करने वाले संतों के नाम से कीर्ति स्तम्भ बनाए जाने तथा हरिद्वार में लक्सर रोड पर भगवान श्रीचंद्र गेट बनवाने की भी मांग की गयी।


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