रविवार, 13 सितंबर 2015

मोहब्बत उसे कहते हैं..

रात के अंधेरे में तो हर कोई किसी को याद कर लेता
है
सुबह उठते ही जिसकी याद आए

मोहब्बत उसे कहते हैं..

" ज़माना बड़ा ख़राब है।"

कोई नही देगा साथ तेरा 
यहॉं हर कोई यहॉं खुद ही में मशगुल है 
 जिंदगी का बस एक ही ऊसुल है 
यहॉं, तुझे गिरना भी खुद है 
और सम्हलना भी खुद है.. 
तू छोड़ दे कोशिशें..
इन्सानों को पहचानने की...!
यहाँ जरुरतों के हिसाब से .. 
सब बदलते नकाब हैं...! 
अपने गुनाहों पर सौ पर्दे डालकर. 
हर शख़्स कहता है- 
" ज़माना बड़ा ख़राब है।"

सुप्रभात मित्रो

सुप्रभात मित्रो
ॐ श्री गणेशाय नमः
ॐ श्री कार्तिकेय नमः
हिन्दू धर्मानुसार भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय को युद्ध का देवता माना जाता है। दक्षिण भारत में भगवान कार्तिकेय को मुरुगन या अयप्पा नाम से भी जाना जाता है। भगवान कार्तिकेय शक्ति और ऊर्जा के प्रतीक माने जाते हैं।
कार्तिकेय गायत्री मंत्र
ओम तत्पुरुषाय विधमहे:
महा सैन्या धीमहि
तन्नो स्कन्दा प्रचोद्यात:

आज का दिनांक 14 सितंबर 2015

आज का दिनांक 14 सितंबर 2015
दिन – सोमवार
विक्रम संवत 2072
शक संवत 1937
अयन - दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा
मास - भाद्रपद
पक्ष - शुक्लपक्ष
तिथि - प्रथम
नक्षत्र – उत्तर फाल्गुनी
योग - शुभ
दिशाशूल - पूर्व दिशा में
****
चापलूसी का जहरीला प्याला आपको तब तक नुकसान नहीं पहुँचा सकता 

जब तक कि आपके कान उसे अमृत समझ कर पी न जाएँ।

शनिवार, 12 सितंबर 2015

दिल पे क्या गुज़री

दिल पे क्या गुज़री वो अनजान क्या जाने;
प्यार किसे कहते है वो नादान क्या जाने;
हवा के साथ उड़ गया घर इस परिंदे का;

कैसे बना था घोसला वो तूफान क्या जाने…

साथ माँगा है;

दो कदम चलने के लिए साथ माँगा है;
बस पल दो पल के लिए प्यार माँगा है;
हम समझते हैं उसकी मज़बूरियों को;
इसलिए उसे उसकी मज़बूरियों के साथ माँगा है।

आज का दिनांक 13 सितंबर 2015

आज का दिनांक 13 सितंबर 2015
दिन – रविवार
विक्रम संवत 2072
शक संवत 1937
अयन - दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा
मास - भाद्रपद
पक्ष - कृष्णपक्ष
तिथि - अमावस्या
नक्षत्र – पूर्वा फाल्गुनी
योग - साध्य
दिशाशूल - पश्चिम दिशा में
****
मानव देह ही वह एक मात्र रथ हैं

 जिस पर सवार होकर आत्मा परमात्मा तक पहुँच सकती हैं।