Success Story: बिहार के एक छोटे कस्बे से निकले अरुणाभ सिन्हा की मां के त्याग, संघर्ष और हार न मानने की जिद से बेटे को ऐसी सफलता मिली, जिसके बारे में आज हर कोई जानना चाहता है. आर्थिक तंगी के बावजूद मां ने बेटे के आईआईटी सपने के लिए अपने कंगन बेच दिए, जिससे अरुणाभ को आगे बढ़ने की ताकत मिली. यही त्याग और जिम्मेदारी की भावना उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बनी. अरुणाभ का सफर सिखाता है कि बड़ी कामयाबी किसी बड़े आइडिया से नहीं, बल्कि छोटी समस्याओं को नए नजरिए से समझकर और उन्हें हल करने की हिम्मत से हासिल होती है. उनकी कंपनी Uclean कैसे शुरू हुई ये आपको बताते हैं.
from सक्सेस स्टोरी News in Hindi, सक्सेस स्टोरी Latest News, सक्सेस स्टोरी News https://ift.tt/U2RltT6
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें